सन्नी गांव में मंदिर का प्रवेश द्वार बनेगा : श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
Thu, Aug 20, 2026
विधायक निधि से निर्माण शुरू, पंकज गुप्ता ने पूजन कर रखी आधारशिला
उन्नाव। विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के सन्नी गांव में स्थित मां कालिका माता मंदिर का प्रवेश द्वार अब नए रूप में नजर आएगा। विधायक निधि से यहां प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। गुरुवार को इसके निर्माण कार्य की शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक के पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की गई। निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि गांव और क्षेत्र के विकास के साथ धार्मिक स्थलों को बेहतर बनाना भी जरूरी है। मंदिर में आने वाले लोगों को सुविधाएं मिलें और धार्मिक स्थल का स्वरूप बेहतर हो, इसके लिए विधायक निधि से काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवेश द्वार बनने के बाद मंदिर की पहचान और भव्यता दोनों बढ़ेंगी। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में आने-जाने में भी सहूलियत होगी।विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जरूरत और मांग के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका प्रयास है कि गांवों में जरूरी सुविधाओं से जुड़े काम लगातार कराए जाएं। उन्होंने स्थानीय लोगों को क्षेत्र के विकास के लिए आगे भी काम कराने का भरोसा दिया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष सर्वेश लोधी, ग्राम प्रधान अभिलाषा, प्रधान सुभाष लोधी, शिवकुमार तिवारी, गोपाल वर्मा, शरद शुक्ला, कल्लू तिवारी, कोटेदार राजेंद्र, राकेश प्रजापति, सुशील तिवारी, अनूप त्रिवेदी, मोनू त्रिवेदी, लालाजी रावत, जय घोष, ओमप्रकाश, ममता निषाद, सनोज यादव, रामबाबू, धर्मेंद्र अवस्थी, धीरेेंद्र निगम, मुकेश तिवारी, गुड्डू सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन चुनाव : एक वोट ने बदला फैसला, रिकाउंटिंग में बूटा सिंह बने महामंत्री
Thu, Aug 20, 2026
बूटा को 408 और राहुल सिंह यादव को 407 मत मिले
उन्नाव। बार एसोसिएशन के महामंत्री पद का चुनाव आखिरकार एक वोट के अंतर से तय हुआ। बुधवार देर रात मतगणना के बाद बराबरी की स्थिति बनने से अटके परिणाम पर गुरुवार को दोबारा मतगणना कराई गई। करीब डेढ़ घंटे चली प्रक्रिया के बाद चुनाव अधिकारी ने आनंद कुमार सिंह बूटा को विजेता घोषित किया। बूटा को 408 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राहुल सिंह यादव के खाते में 407 मत आए। सिद्धांत अवस्थी को 395 वोट मिले। परिणाम घोषित होते ही बूटा के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत का अंतर महज एक वोट होने से पूरे चुनाव की सबसे ज्यादा चर्चा महामंत्री पद को लेकर ही रही।
सुबह से कचहरी में जुटने लगे अधिवक्ता
रिकाउंटिंग को लेकर गुरुवार सुबह से ही कचहरी परिसर में हलचल शुरू हो गई थी। प्रत्याशियों के समर्थक परिणाम जानने के लिए परिसर में जुटने लगे। पिछली रात मतों की गिनती के दौरान महामंत्री पद पर स्थिति साफ नहीं हो सकी थी। दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के मत बराबर आने के बाद अंतिम निर्णय के लिए दोबारा गिनती कराने का फैसला लिया गया। एल्डर कमेटी की देखरेख में गुरुवार को मतों की फिर से गिनती शुरू हुई। इस दौरान प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतों का मिलान किया गया। एक-एक मत की गिनती पर सभी की नजर रही।
सुरक्षा के बीच हुई मतों की दोबारा गिनती
परिणाम को लेकर किसी तरह की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए कचहरी परिसर में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। करीब एक दर्जन इंस्पेक्टरों के साथ 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कोतवाली, दही और अचलगंज समेत कई थानों की पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया। पुलिस अधिकारी भी लगातार परिसर का जायजा लेते रहे। रिकाउंटिंग के दौरान कचहरी परिसर में प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ रही, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते व्यवस्था बनी रही। मतगणना पूरी होने तक सभी की निगाहें अंतिम आंकड़ों पर टिकी रहीं।
408 वोट पाकर एक वोट से जीते बूटा
करीब साढ़े तीन बजे एल्डर कमेटी के चुनाव अधिकारी प्रकाश निगम ने परिणाम की घोषणा की। गिनती पूरी होने के बाद आनंद कुमार सिंह बूटा के पक्ष में 408 मत पाए गए। राहुल सिंह यादव को 407 और सिद्धांत अवस्थी को 395 वोट मिले। इस तरह बूटा ने राहुल सिंह यादव को सिर्फ एक वोट से पीछे छोड़ते हुए महामंत्री पद पर कब्जा कर लिया। महामंत्री पद का परिणाम सामने आते ही समर्थकों ने बूटा को बधाई दी। खास बात यह रही कि बुधवार रात से जिस मुकाबले में बराबरी के कारण तस्वीर साफ नहीं हो पाई थी, उसका फैसला गुरुवार को सिर्फ एक वोट के अंतर से हुआ।
रात से चल रही थी परिणाम को लेकर चर्चा
बार एसोसिएशन चुनाव में महामंत्री पद का मुकाबला शुरू से ही करीबी माना जा रहा था। बुधवार को मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बराबर मत आने के बाद चुनाव परिणाम को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। गुरुवार की रिकाउंटिंग ने इस पूरे मुकाबले को और रोचक बना दिया। अंतिम गिनती में एक वोट के अंतर ने चुनाव का रुख तय कर दिया। इसके साथ ही महामंत्री पद को लेकर बनी असमंजस की स्थिति भी खत्म हो गई।
पड़ताल : छात्रों के बीच पहुंचे डीएम-एसपी, जानीं परेशानी की जड़
Thu, Aug 20, 2026
छात्रों से लिया फीडबैक, विद्यालय प्रबंधन को लापरवाही न करने की हिदायत
उन्नाव। छात्रों की नाराजगी सड़क तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। बुधवार को हसनगंज क्षेत्र के न्योतनी स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन के बाद गुरुवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह फतेहपुर चौरासी के जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने यहां छात्रों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं जानीं और स्कूल की व्यवस्थाओं को करीब से देखा। अधिकारियों के पहुंचने पर छात्रों से उनकी दिनचर्या और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं के बारे में बातचीत की गई। पढ़ाई का माहौल कैसा है, रहने में कोई दिक्कत तो नहीं, भोजन समय पर और ठीक मिल रहा है या नहीं, सुरक्षा व्यवस्था कैसी है, इन तमाम बिंदुओं पर छात्रों से सीधे सवाल किए गए। अधिकारियों ने छात्रों से कहा कि किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय खुलकर बताएं, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके।
थाली से लेकर सफाई तक परखी व्यवस्था
डीएम और एसपी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के साथ छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी देखी। रसोई और साफ-सफाई की व्यवस्था की जानकारी संबंधित कर्मचारियों से ली गई। अधिकारियों ने यह भी जाना कि छात्रों को भोजन के लिए तय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।विद्यालय प्रबंधन को साफ शब्दों में निर्देश दिए गए कि छात्रों की बुनियादी जरूरतों में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। पढ़ाई के साथ रहने, खाने, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
एक दिन पहले सड़क पर थे छात्र
बुधवार को हसनगंज के न्योतनी स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के छात्र अपनी समस्याओं को लेकर विद्यालय से बाहर निकल आए थे। बड़ी संख्या में छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई थी। छात्रों ने स्कूल की व्यवस्थाओं और अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाया था। इसके बाद स्थिति शांत हुई थी। हालांकि, प्रदर्शन के अगले ही दिन जिले के आला अधिकारियों का विद्यालय पहुंचना इस मामले को लेकर प्रशासन की सक्रियता को दिखाता है।
छात्रों की बात सुनने पर जोर
गुरुवार के निरीक्षण में अधिकारियों का फोकस केवल व्यवस्थाएं देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों से सीधे फीडबैक लेने पर रहा। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान सामने आई समस्याओं के आधार पर संबंधित विभाग और विद्यालय प्रबंधन को सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।अधिकारियों ने संकेत दिया कि विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं मिलना प्राथमिकता है। छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनका समाधान कराया जाएगा, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के लिए दोबारा सड़क पर उतरने की जरूरत न पड़े।