सात दिन चलेगा कार्यक्रम : शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियां तेज
Mon, Sep 28, 2026
30 अक्टूबर से बीघापुर में जुटेंगे श्रद्धालु, अरुण सिंह के आह्वान पर तय हुई जिम्मेदारियां
उन्नाव। पंडित प्रदीप मिश्रा ‘सीहोर वाले’ के श्रीमुख से होने वाली शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक गौरी, बीघापुर स्थित शिवाय सिटी सेम डे में होने वाली कथा में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोजन स्थल पर भीड़, पानी, प्रसाद और बैठने समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। कथा के आयोजन को लेकर जिला सहकारी बैंक कार्यालय में आयोजक एवं जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण सिंह के आह्वान पर व्यवस्था समिति की बैठक हुई। इसमें आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपने के साथ जरूरी सुझाव भी लिए गए।
अलग-अलग दीर्घाओं की रहेगी व्यवस्था
आयोजन में पुरुष और महिलाओं के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घा बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा मीडिया कर्मियों के लिए भी पत्रकार दीर्घा बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। कथा में एक सप्ताह तक रुकने वाले लोगों की सुविधा के लिए ठहरने के स्थान और स्नानागार की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव लिए गए।
प्रशासनिक अफसरों और विशिष्ट लोगों को बुलाने पर चर्चा
बैठक में शासन के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कथा में आमंत्रित करने पर भी विचार किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को बुलाकर पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद दिलाने की योजना पर भी चर्चा हुई। समिति ने आयोजन को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए सभी सदस्यों से अपनी-अपनी जिम्मेदारी पूरी करने की अपील की। बैठक में निर्भय सिंह लाला, मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, रवींद्र तिवारी, अभय सिंह, शाखा प्रबंधक उपेंद्र सिंह, डॉ. मनीष सिंह सेंगर, कर्मक्रांति सेवा फाउंडेशन अध्यक्ष चेतन मिश्रा, गीतेश सिंह मोनू, सुजीत सिंह, अंबुज मिश्रा और तरुण द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर शिव महापुराण का श्रवण करने की अपील की।
पुल बनेगा : अब पश्चिमी गंगाघाट के रास्ते की बारी
Mon, Sep 28, 2026
50 हजार आबादी के लिए रैंप की मांग, हर साल बाढ़ झेल रहे शहर के स्थायी समाधान की भी उठी आवाज
उन्नाव/गंगाघाट। निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल को लेकर पश्चिमी गंगाघाट के लोगों की चिंता सामने आई है। क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आशंका है कि अगर पुल से पश्चिमी गंगाघाट की ओर उतरने के लिए रैंप या एप्रोच मार्ग नहीं बनाया गया तो पुल बनने के बाद भी उन्हें इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे को लेकर पूर्व नौसैनिक एवं संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय ने प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। संदीप पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी गंगाघाट के चार वार्डों में बड़ी आबादी रहती है। यहां पहले से रेलवे क्रॉसिंग के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नया गंगा पुल क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा बन सकता है, लेकिन इसके लिए पश्चिमी गंगाघाट की तरफ उतरने का रास्ता जरूरी है।उन्होंने मंत्री से पुल का निर्माण पूरा होने से पहले ही तकनीकी स्तर पर सर्वे कराने और जरूरत के मुताबिक रैंप अथवा एप्रोच मार्ग की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि निर्माण के बाद अलग से रास्ता तैयार करना मुश्किल और अधिक खर्चीला हो सकता है। इसलिए अभी से इसकी योजना बनाए जाने की जरूरत है।
हर साल बाढ़, स्थायी इंतजाम की मांग
बैठक में गंगाघाट की दूसरी बड़ी समस्या बाढ़ को लेकर भी चर्चा हुई। क्षेत्र में हर साल बाढ़ आने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव और बाढ़ का असर स्थानीय आबादी के साथ आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। संदीप पाण्डेय ने बाढ़ से हर साल होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान निकालने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कराने की मांग की। उन्होंने आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की जरूरत बताई, ताकि हर वर्ष बाढ़ आने पर राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि नया गंगा पुल और बाढ़ से राहत, दोनों ही गंगाघाट के भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर आगे भी प्रयास किए जाएंगे।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें : अब गांव-गांव राहत की बारी
Mon, Sep 28, 2026
प्रभारी मंत्री ने अफसरों से मांगी नुकसान की रिपोर्ट, बोले- पात्र परिवारों को हर हाल में मिलेगी मदद
उन्नाव। लगातार हुई बारिश से ग्रामीण इलाकों में बिगड़े हालात को लेकर सोमवार को प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से प्रभावित गांवों की स्थिति जानी। उन्होंने साफ कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचनी चाहिए। बैठक में पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश से मकानों को हुए नुकसान, फसल बर्बादी, जनहानि और पशुहानि की जानकारी ली गई। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक क्या राहत पहुंचाई गई है और किन लोगों को सहायता मिलना बाकी है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बारिश के कारण जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या गिर गए हैं, उन्हें नियमानुसार आर्थिक मदद दी जा रही है। सोमवार को कुछ प्रभावित लोगों को सहायता राशि के चेक भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जनप्रतिनिधियों को भी गांवों में जाने के निर्देश
मंत्री ने कहा कि राहत कार्य में प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर प्रभावित लोगों की समस्याएं देखें और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सबसे जरूरी यह है कि सरकारी मदद सही व्यक्ति तक समय से पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को प्रभावित गांवों में जाकर स्थिति देखने और लोगों की समस्याएं सुनने को कहा गया है।
जनहानि और पशुहानि पर भी मिलेगी सहायता
बारिश के दौरान हुए नुकसान में केवल मकान और फसल ही नहीं, बल्कि जनहानि और पशुहानि के मामलों को भी राहत के दायरे में रखा गया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि ऐसे मामलों में भी सहायता राशि के चेक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि उन्नाव उनका प्रभारी जिला है। इससे पहले भी वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने जिले में आ चुकी हैं। हाल में फिर हुई भारी बारिश के बाद स्थिति की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई।
बिजली कटौती पर डीएम से मांगी जानकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दो-दो दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत पर मंत्री ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी से ऐसे क्षेत्रों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था जल्द सामान्य कराने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बारिश प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार काम कर रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आपदा से प्रभावित लोगों को राहत के साथ-साथ पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिले।
एसआईआर पर कांग्रेस के विरोध को लेकर बोलीं मंत्री
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी सरकार या राजनीतिक दल का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। एसआईआर
के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध को लेकर उन्होंने कांग्रेस को अपने स्तर पर विचार करने की बात कही। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनकी गरिमा बनाए रखना जरूरी है।