देशभक्ति का जोश : शहर में लहराया 151 मीटर लंबा तिरंगा
Thu, Aug 13, 2026
सदर विधायक पंकज गुप्ता की अगुवाई में गांधी नगर से शास्त्री प्रतिमा तक निकली यात्रा
उन्नाव। आजादी के जश्न को लेकर शहर का माहौल गुरुवार को देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गांधी नगर से 151 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली विशाल तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों की भीड़ जिस रास्ते से गुजरी, वहां भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से माहौल गूंजता रहा। यात्रा की शुरुआत से पहले गांधी नगर में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भीड़ जुटने लगी थी। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं से यात्रा को व्यवस्थित तरीके से निकालने की अपील की। इसके बाद उन्होंने पंडित विशंभर दयाल त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मौजूद कार्यकर्ताओं का पटका पहनाकर स्वागत भी किया गया। इसके बाद 151 मीटर लंबे तिरंगे को लेकर यात्रा आगे बढ़ी। तिरंगे को संभालकर चल रहे लोगों के साथ विधायक पंकज गुप्ता भी यात्रा में शामिल रहे। रास्ते में लोगों ने तिरंगे का अभिवादन किया। युवाओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई लोग अपने हाथों में छोटे तिरंगे लेकर यात्रा का हिस्सा बने। यात्रा के दौरान देशभक्ति के गीत और नारों ने माहौल को और जोश से भर दिया। सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों ने भी यात्रा को देखा और तिरंगे के प्रति सम्मान जताया। आयोजकों का कहना था कि यात्रा का मकसद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है।
शास्त्री प्रतिमा पर हुआ समापन
गांधी नगर से शुरू हुई यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर शास्त्री प्रतिमा तक पहुंची। यहां पहुंचने के बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विधायक बंबलाल दिवाकर, विधायक श्रीकांत कटियार, विमल द्विवेदी, मनीष जायसवाल, आनंद अवस्थी, नरेंद्र भदौरिया, सुरेंद्र वर्मा, अमित मिश्रा, अनीता द्विवेदी, सरिता सिंह, प्रियंका शुक्ला और निम्मी अरोड़ा समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शहरवासी मौजूद रहे। 151 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली यात्रा ने शहर में स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति का माहौल बना दिया। यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
ओम फार्मा में नारकोटिक्स टीम की लंबी पड़ताल : स्थानीय निगरानी पर भी सवाल
Thu, Aug 13, 2026
लखनऊ की नारकोटिक्स टीम ने खंगाला स्टॉक और रिकॉर्ड, 10 से ज्यादा नमूने सील; शिकायतों के बाद पहुंची टीम
उन्नाव। नेहरूनगर स्थित ओम फार्मा फैक्टरी में बुधवार को लखनऊ से आई नारकोटिक्स विभाग की टीम ने जिले की आबकारी विभाग के साथ करीब सात घंटे तक जांच की। टीम ने फैक्टरी में तैयार माल, कच्चे माल और स्टॉक का ब्योरा देखा। लाइसेंस और उत्पादन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए। जांच के दौरान संदेह के आधार पर 10 से अधिक नमूने सील किए गए। टीम शाम करीब तीन बजे फैक्टरी पहुंची और रात 10 बजे तक जांच करती रही। फैक्टरी में आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। फैक्टरी मालिक संजय कुमार के पास विजया वटी और हाजमा मुनक्का जैसे उत्पाद बनाने का लाइसेंस होने की जानकारी है। नारकोटिक्स विभाग को फैक्टरी में लाइसेंस से अधिक स्टॉक और निर्माण के मानकों से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। उत्पादों में भांग या अन्य नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर भी शिकायत की गई थी।
स्टॉक से लेकर कच्चे माल तक जांच
शिकायत मिलने के बाद लखनऊ की टीम ने फैक्टरी पहुंचकर रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान शुरू किया। अधिकारियों ने तैयार माल के साथ कच्चे माल का भी निरीक्षण किया। किस उत्पाद के लिए कौन सी सामग्री इस्तेमाल हो रही है और फैक्टरी में कितनी मात्रा मौजूद है, इसकी जानकारी जुटाई गई। टीम ने उत्पादन से जुड़े दस्तावेज और स्टॉक रजिस्टर भी देखे। कर्मचारियों और प्रबंधन से पूछताछ की गई। फैक्टरी के अलग-अलग हिस्सों में जाकर उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी ली गई। संदेह वाले उत्पादों और सामग्री के नमूने लिए गए। 10 से ज्यादा नमूनों को सील किया गया है। अब इनकी जांच रिपोर्ट से स्थिति साफ होगी कि उत्पादों में इस्तेमाल सामग्री तय मानकों के मुताबिक थी या नहीं।
शिकायतों ने निगरानी पर उठाया सवाल
इस कार्रवाई का एक पहलू स्थानीय स्तर की निगरानी से भी जुड़ा है। दोनों तरह की शिकायतें, यानी स्टॉक और निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ी, ऐसी चीजें हैं जिनकी निगरानी लाइसेंस जारी करने वाले विभाग के स्तर पर भी की जाती है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर शिकायतें पहले से विभाग तक पहुंच रही थीं तो स्थानीय स्तर पर उनकी जांच किस तरह हुई। क्या फैक्टरी के स्टॉक और उत्पादन का नियमित सत्यापन किया गया था? हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि स्थानीय स्तर पर लापरवाही हुई है, क्योंकि इसकी पुष्टि जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड से ही होगी।
लखनऊ की टीम के साथ रहा आबकारी विभाग
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने बताया कि दोनों विभागों की टीम ने मिलकर जांच की। आबकारी निरीक्षक भवानी प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने फैक्टरी के दस्तावेज, स्टॉक और उत्पादन से जुड़े रिकॉर्ड देखे तथा कर्मचारियों से जानकारी ली। नारकोटिक्स टीम के आने के बाद स्थानीय विभाग के अधिकारी भी जांच में शामिल रहे। इससे यह भी साफ है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब रिकॉर्ड और मौके की स्थिति को एक साथ जांच रहा है।
गड़बड़ी मिली तो निगरानी भी घेरे में
शिकायतों में कुछ उत्पादों में भांग या अन्य नशीले पदार्थों का इस्तेमाल निर्धारित मात्रा से अधिक किए जाने का आरोप भी है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सील किए गए नमूनों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि इनमें किसी नशीले पदार्थ की मात्रा मानक से अधिक थी या नहीं। अगर जांच में स्टॉक या निर्माण से जुड़ी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई तय होगी। साथ ही यह भी देखा जाना स्वाभाविक होगा कि ऐसी स्थिति नियमित निगरानी में पहले क्यों नहीं सामने आई।
रिपोर्ट बताएगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल विभाग की जांच पूरी होने और नमूनों की रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिला आबकारी अधिकारी के मुताबिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बुधवार की कार्रवाई ने फैक्टरी की जांच के साथ जिले में लाइसेंस प्राप्त इकाइयों की निगरानी व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है। शिकायत के बाद लखनऊ की टीम का उन्नाव आकर घंटों जांच करना इस बात की जरूरत जरूर दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर ऐसी इकाइयों की निगरानी कितनी नियमित और प्रभावी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि मामला सिर्फ फैक्टरी की अनियमितता तक सीमित है या निगरानी व्यवस्था में भी कहीं कमी रही।
नशे के नेटवर्क पर पुलिस की नजर : अब सप्लायरों से लेकर ठिकानों तक होगी पड़ताल
Thu, Aug 13, 2026
एसपी ने सर्किलवार विशेष टीमें तैयार, सप्लाई लाइन से जुड़े लोगों की कुंडली खंगालेंगी
उन्नाव। जिले में गांजा और दूसरे मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग इलाकों में नशे की बिक्री से जुड़े वीडियो और लोगों की ओर से की जा रही शिकायतों के बाद अब पुलिस ने इसे सिर्फ छोटे स्तर पर होने वाली बिक्री मानकर नजरअंदाज करने के बजाय पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू करने का फैसला किया है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि नशे की खेप जिले में कहां से पहुंच रही है और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने जिले में नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सर्किल स्तर पर विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नशे की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने के साथ उनके संपर्कों की भी पड़ताल करने को कहा गया है। कार्रवाई केवल किसी एक विक्रेता तक सीमित न रहे, बल्कि उसके पीछे मौजूद सप्लायर और अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश होगी।
कई इलाकों से मिल रही शिकायतें
माखी क्षेत्र के रऊ और थाना गांव से लेकर शहर के कांशीराम कालोनी, लोधनहार, उम्मीदों का शहर, शेखपुर नरी, ईदगाह कालोनी, किला, लोकनगर, दोस्तीनगर और कोरटबाग जैसे इलाकों में नशे की बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। गंगाघाट क्षेत्र के कई मोहल्लों के अलावा अजगैन, बारासगवर, बीघापुर, बांगरमऊ, सफीपुर और फतेहपुर चौरासी समेत दूसरे थाना क्षेत्रों से भी पुलिस को इस तरह की सूचनाएं मिलती रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर सामने आने वाले कुछ वीडियो ने भी पुलिस का ध्यान इस ओर खींचा है। हालांकि किसी भी व्यक्ति को केवल वीडियो या शिकायत के आधार पर दोषी नहीं माना जाएगा। पुलिस का कहना है कि सूचनाओं की जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर सर्किल में अलग टीम, अफसर करेंगे निगरानी
अभियान की निगरानी एसपी जयप्रकाश सिंह के साथ एएसपी उत्तरी अखिलेश सिंह, एएसपी दक्षिणी शैलेंद्र लाल और संबंधित क्षेत्राधिकारी करेंगे। स्थानीय पुलिस के अलावा सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद भी ली जाएगी। जरूरत के अनुसार विशेष टीमों को भी कार्रवाई में लगाया जाएगा। पुलिस की कोशिश है कि जिन इलाकों में लंबे समय से नशे की बिक्री की शिकायतें मिल रही हैं, वहां अचानक कार्रवाई करने के बजाय पहले पुख्ता जानकारी जुटाई जाए। नशा बेचने वालों के साथ ही उन्हें माल उपलब्ध कराने वालों और बिक्री के लिए इस्तेमाल होने वाले ठिकानों की जानकारी जुटाने पर भी जोर रहेगा।
स्कूल-कालेजों के आसपास भी निगरानी
पुलिस के रडार पर खास तौर पर वे स्थान रहेंगे, जहां युवाओं की आवाजाही अधिक रहती है। स्कूल-कालेजों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन से भी संपर्क किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि नशे की शुरुआत अक्सर कम उम्र में होने से आगे चलकर यह गंभीर समस्या बन जाती है। इसीलिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि रोकथाम पर भी जोर दिया जाएगा। गांवों और शहर के मोहल्लों में पुलिस की ओर से जनसंवाद और चौपाल के जरिए लोगों को नशे के नुकसान के बारे में बताया जाएगा। लोगों से अपील की जाएगी कि यदि उनके आसपास मादक पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी है तो पुलिस तक इसकी सूचना पहुंचाएं।
महिलाओं और किशोरियों को भी किया जाएगा जागरूक
अभियान में मिशन शक्ति टीम को भी जोड़ा गया है। टीम महिलाओं और किशोरियों के बीच पहुंचकर नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करेगी। परिवार में यदि कोई युवा नशे की ओर बढ़ रहा है तो समय रहते उसकी गतिविधियों पर ध्यान देने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना देने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल कुछ लोगों को पकड़ना नहीं, बल्कि जिले में नशे की सप्लाई को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को चिन्हित करना है। इसके लिए सूचनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि कार्रवाई के बाद भी नशे का कारोबार दोबारा पैर न पसार सके।
नशे पर प्रहार, जागरूकता भी
एसएसपी जेपी सिंह के मुताबिक, नशे के कारोबार पर रोक के लिए विशेष टीमें मैदान में उतारी गई हैं। टीमें नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करेंगी। साथ ही जागरूकता अभियान के जरिए युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रखने पर भी जोर रहेगा। अभियान की निगरानी एएसपी उत्तरी, एएसपी दक्षिणी और सभी सीओ करेंगे।