साइबर ठगी का शिकार बना युवक : 24 घंटे में खाते में वापस आए 10 हजार
Wed, Feb 25, 2026
एबी नगर के जन सेवा केंद्र संचालक से एनईएफटी के नाम पर ली थी नकदी, शिकायत के बाद सक्रिय हुई पुलिस
उन्नाव। साइबर अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कोतवाली सदर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी का शिकार हुए एक जन सेवा केंद्र संचालक के 10 हजार रुपये 24 घंटे के भीतर वापस करा दिए। पीड़ित ने वीडियो जारी कर पुलिस का आभार जताया है। मामला थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के एबी नगर का है। यहां रहने वाले प्रतीक सिंह ‘आशा जन सेवा केंद्र’ का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक युवक उनके केंद्र पर आया और 10 हजार रुपये नकद देने का अनुरोध किया। युवक ने कहा कि वह 10,100 रुपये की एनईएफटी कर रहा है, जो दो घंटे के भीतर खाते में पहुंच जाएगी। भरोसा कर प्रतीक ने उसे नकद रकम दे दी। दो दिन तक आरोपी युवक फोन पर रकम ट्रांसफर होने का भरोसा दिलाता रहा, लेकिन खाते में पैसा नहीं आया। तीसरे दिन ठगी का अहसास होने पर प्रतीक सिंह ने थाना कोतवाली सदर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी ने स्वयं आरोपी से फोन पर बात की और रकम वापस करने के लिए सख्त निर्देश दिए। पुलिस की सक्रियता के बाद 10 हजार रुपये की पूरी धनराशि 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में वापस आ गई। प्रतीक सिंह ने एक वीडियो बयान में कहा कि थाना प्रभारी ने सीधे आरोपी से बात की और पूछा कि पैसे वापस क्यों नहीं किए जा रहे हैं। इसके बाद ही उनके खाते में रकम पहुंच गई। उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया। पुलिस के अनुसार, मामले में तकनीकी जांच की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। संबंधित व्यक्ति पर निगरानी रखते हुए धनराशि वापस कराई गई। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, अपराध निरीक्षक राजेश यादव और महिला आरक्षी सोनिया शर्मा की अहम भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरतें और संदिग्ध स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
होली पर कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : नई परंपरा पर रोक और हुड़दंग पर रहेगी सख्ती
Wed, Feb 25, 2026
अवैध शराब और मिलावटी मावे पर चलेगा अभियान
उन्नाव। होलिका दहन और होली को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में साफ कर दिया गया कि त्योहार खुशी और सौहार्द का है, लेकिन कानून से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरांग राठी ने की। इसमें पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नई परंपरा नहीं, पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और सीओ से अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली। खास तौर पर यह पूछा गया कि कहां-कहां होलिका दहन होगा, किन मार्गों से जुलूस निकलेंगे और स्थानीय स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें हुई हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी क्षेत्र में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो व्यवस्थाएं पहले से चली आ रही हैं, उन्हीं के तहत आयोजन होंगे। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और गड़बड़ी की आशंका वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व से जुड़ी सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर जारी करने के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सफाई, पानी और बिजली पर विशेष फोकस
त्योहार से पहले साफ-सफाई को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अभियान चलाने को कहा गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में नालियों की सफाई, कूड़ा उठान और चूना छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को जर्जर और झूलते तारों को तत्काल ठीक करने को कहा गया है। अधीक्षण अभियंता (विद्युत) को कंट्रोल रूम बनाकर उसका नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत संपर्क कर सकें।जल निगम को पेयजल आपूर्ति बाधित न होने देने की जिम्मेदारी दी गई है। पंप ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने और ड्यूटी चार्ट पहले से जारी करने को कहा गया है, ताकि शिकायत आने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
अस्पताल और फायर ब्रिगेड भी तैयार
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और स्टाफ की ड्यूटी पहले से तय करने और बिना अनुमति अवकाश न देने को कहा गया है। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को संवेदनशील स्थानों के आसपास तैनात रखने की योजना बनाई गई है, ताकि आगजनी की किसी भी घटना पर तुरंत काबू पाया जा सके।
अवैध शराब और मिलावट पर कार्रवाई
जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि होली से पहले अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया जाए। निर्धारित बंदी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग को मावा, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर छापेमारी कर मिलावट की जांच करने को कहा गया है। त्योहार के दौरान मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीजे, ध्वनि सीमा और अश्लील गीतों पर रोक
प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति डीजे नहीं बजेंगे। तय ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य होगा। अश्लील या भड़काऊ गीतों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह का तनाव न पैदा हो।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि त्योहार के नाम पर हुड़दंग या जबरन रंग डालने जैसी हरकतों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। सभी एसडीएम और सीओ को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर निगरानी करने को कहा गया है।प्रशासन का कहना है कि लक्ष्य साफ है, होली खुशी, भाईचारे और शांति के साथ मनाई जाए, ताकि त्योहार की असली भावना बनी रहे।
व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद : ट्रैक पर खत्म हुई दो जिंदगियां
Wed, Feb 25, 2026
व्हाट्सएप चैट को लेकर घर में कलह, भाई ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया
उन्नाव। शुक्लागंज में सोमवार रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सहजनी इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय विकास गुप्ता और उनकी 13 साल की बेटी वेदिका के शव कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर रेलवे ट्रैक के पास क्षत-विक्षत हालत में मिले। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन परिवार के भीतर चल रहे विवाद और मृतक के भाई के आरोपों ने इसे उलझा दिया है।
ट्रैक के पास मिली लावारिस कार से खुला मामला
सोमवार रात करीब नौ बजे सहजनी रेलवे क्रॉसिंग से कुछ दूरी पहले ट्रैक पर दो शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। पास ही एक लावारिस कार भी खड़ी मिली। वाहन नंबर के आधार पर पुलिस परिजनों तक पहुंची। कोतवाली पहुंची पत्नी शैफाली ने दोनों की पहचान अपने पति विकास और बेटी वेदिका के रूप में की।
व्हाट्सएप चैट बना विवाद की वजह
परिवार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से विकास और उनकी पत्नी के बीच तनाव चल रहा था। विकास के छोटे भाई शिवम ओमर ने आरोप लगाया कि भाभी जनवरी से दुबई में रहने वाले एक युवक के संपर्क में थीं और व्हाट्सएप पर बातचीत करती थीं। यह बात विकास को पता चलने के बाद घर में लगातार झगड़े होने लगे। शिवम का दावा है कि उस युवक ने चैट वायरल करने की धमकी देकर पैसे भी मांगे थे। रुपये की मांग पूरी न होने पर उसने विकास के मोबाइल पर मैसेज भेजे। इसके बाद विकास ने पत्नी का फोन चेक किया और कथित चैट व वीडियो देखे। शिवम के मुताबिक, विकास ने यह सामग्री उन्हें भी भेजी थी।
मारपीट का आरोप, पुलिस पर लापरवाही का सवाल
शिवम ने यह भी आरोप लगाया कि 19 फरवरी की रात चैटिंग को लेकर हुए झगड़े में ससुराल पक्ष के लोग घर पहुंचे और विकास के साथ मारपीट की। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन मामला शांत कराकर छोड़ दिया गया। अब शिवम ने पत्नी शैफाली, ससुर राकेश गुप्ता, सास सुमन गुप्ता और साले यश व शशांक गुप्ता पर हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
सुसाइड नोट से जांच तेज
मौके से एक कागज की पर्ची भी मिली है, जिसे पुलिस सुसाइड नोट मानकर जांच कर रही है। इसमें लिखा है कि मृतक पत्नी और ससुराल पक्ष से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह ने बताया कि नोट की लिखावट की जांच कराई जाएगी और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी तरह का दबाव या साजिश तो नहीं थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटें
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार मिश्रा कॉलोनी पक्का घाट पर कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वेदिका का सिर और बायां हाथ धड़ से अलग था। विकास के शरीर पर करीब 22 चोटों के निशान पाए गए। विकास मूल रूप से कानपुर के कल्याणपुर के रहने वाले थे और सहजनी में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते थे।
कई सवाल बाकी
क्या यह पारिवारिक कलह से उपजा आत्मघाती कदम था या फिर हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने की कोशिश? सुसाइड नोट असली है या नहीं? पहले हुए विवाद में पुलिस की भूमिका क्या रही? इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल एक परिवार टूट चुका है और एक मासूम की जान चली गई है। इलाके में घटना को लेकर सन्नाटा और बेचैनी दोनों हैं।