औचक निरीक्षण : जेल सिर्फ सजा नहीं, सुधार का केंद्र बने: डीएम घनश्याम मीणा
Tue, Apr 28, 2026
सिलाई-कढ़ाई से आत्मनिर्भर बनाने और पुरुष बंदियों को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर
उन्नाव। जिला कारागार में बंद महिला कैदियों और उनके बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और पुनर्वास को लेकर प्रशासन ने सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के साथ जेल निरीक्षण पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खासतौर पर महिला बंदियों की सेहत पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और जरूरत के मुताबिक आयरन सिरप व कैल्शियम की खुराक समय-समय पर दी जाती रहे। जेल में रह रहे छोटे बच्चों के लिए भी अलग से व्यवस्था पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि बच्चों को पौष्टिक आहार, जैसे प्रोटीन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ मिलें और उनका टीकाकरण तय समय पर हो। जिलाधिकारी ने महिला कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा कि सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे कौशल सिखाने के लिए नियमित प्रशिक्षण चलाया जाए, ताकि रिहाई के बाद वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसी तरह पुरुष बंदियों को भी विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए गए, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में आसानी से लौट सकें। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जेल के मेस, अस्पताल और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। उन्होंने साफ कहा कि जेल में किसी भी तरह की प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने पर पूरी जिम्मेदारी तय होगी, इसलिए सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाए। खाने की गुणवत्ता पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बंदियों को दिया जाने वाला भोजन मानक के अनुरूप हो और इस संबंध में किसी भी तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए।जिलाधिकारी ने कुछ बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा कि निरुद्ध बंदियों पर सतर्क नजर रखी जाए और उनकी जरूरी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए।
झोपड़पट्टी में भीषण आग : एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू; कई परिवार बेघर
Tue, Apr 28, 2026
उन्नाव। गंगाघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शुक्लागंज के धोबीन पुलिया स्टेडियम के पास बनी झोपड़पट्टी में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने कई झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में एक झोपड़ी से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने तेज रूप ले लिया और हवा के चलते पास की झोपड़ियों तक फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर से ही नजर आ रहा था, जिससे आसपास के लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने पहले खुद ही आग बुझाने की कोशिश की। बाल्टियों में पानी भरकर और पाइप के सहारे लपटों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि ये कोशिशें काम नहीं आईं। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि झोपड़ियां आपस में सटी हुई थीं और आग तेजी से फैल रही थी।हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कई परिवारों का जरूरी सामान पूरी तरह जल गया। कपड़े, बिस्तर और रोजमर्रा का सामान राख में बदल गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही गंगाघाट पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने इलाके को खाली कराया, भीड़ को हटाया और राहत कार्य में दमकल टीम की मदद की। फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल की टीम नहीं पहुंचती, तो आग और बड़ा रूप ले सकती थी। अब पीड़ित परिवारों को राहत और मदद की जरूरत है, ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।
बिजली दिक्कतों पर खुली चौपाल : विधायक पंकज गुप्ता ने सुनी जनता की फरियाद
Tue, Apr 28, 2026
कई शिकायतें तुरंत निपटीं, बाकी के लिए तय हुई समय-सीमा
उन्नाव। शहर के पीडी नगर स्थित वृद्धाश्रम सामुदायिक भवन में मंगलवार को बिजली विभाग ने खुली चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता भी पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठकर एक-एक शिकायत पर बात की। मकसद साफ था—लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और जितना हो सके, समाधान मौके पर ही मिल जाए। चौपाल शुरू होते ही इलाके के लोग अपनी-अपनी परेशानियां लेकर पहुंचे। सबसे ज्यादा शिकायतें गलत बिजली बिल, कम वोल्टेज, बार-बार फुंकने वाले ट्रांसफार्मर और अनियमित सप्लाई को लेकर रहीं। कई लोगों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कटौती और लो वोल्टेज की समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे घर और छोटे कारोबार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। विधायक पंकज गुप्ता ने अधिकारियों से साफ कहा कि शिकायतों को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तुरंत समाधान संभव है, उन्हें वहीं निपटाया जाए और बाकी मामलों के लिए तय समय-सीमा बनाकर काम किया जाए। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक बिना रुकावट और अच्छी गुणवत्ता वाली बिजली पहुंचाना है। कार्यक्रम में बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी। अधीक्षक अभियंता इंजीनियर अमिय सिंह, अधिशाषी अभियंता इंजीनियर हिमांशु गौतम और भारत गौतम समेत उपखंड अधिकारी इंजीनियर राहुल अवस्थी, राजेंद्र प्रसाद और प्रलकित मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि कई शिकायतों का मौके पर समाधान कर दिया गया है, जबकि तकनीकी मामलों को दर्ज कर जल्द निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चौपाल के दौरान कुछ उपभोक्ताओं के बिल में गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया गया, वहीं खराब ट्रांसफार्मर बदलने और लाइन सुधार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता सूची में डाला गया। विभाग ने भरोसा दिलाया कि जिन इलाकों में बार-बार लो वोल्टेज की समस्या आ रही है, वहां जल्द तकनीकी सुधार किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल को राहत देने वाला कदम बताया। उनका कहना था कि पहली बार उनकी बात सीधे जनप्रतिनिधि और अधिकारियों तक एक साथ पहुंची, जिससे उम्मीद जगी है कि समस्याओं का हल जल्दी होगा। कई लोगों ने सुझाव भी दिए कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से अलग-अलग मोहल्लों में होने चाहिए।