बिना सीखे मिल रहा ड्राइविंग सर्टिफिकेट : दो सेंटरों पर उठे सवाल
Sat, Jun 20, 2026
शिकायत के बाद जांच की मांग, नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जिले के दो मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों पर बिना प्रशिक्षण दिए ही ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार शहर के निराला नगर स्थित बालाजी मोटर ट्रेनिंग स्कूल और सफीपुर क्षेत्र के जमालदीपुर स्थित अर्नव ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पर आरोप है कि वहां प्रशिक्षण की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराए बिना ही अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वाहन चलाने की दक्षता साबित करने का अहम आधार होता है। ऐसे में यदि बिना प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं तो यह सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही इससे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही दोनों प्रशिक्षण केंद्रों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
लोनी ड्रेन की पटरी पर कब्जे की शिकायत : सिंचाई विभाग ने लिया संज्ञान
Sat, Jun 20, 2026
अधिशासी अभियंता बोले, बाउंड्री वॉल नहीं हटाई तो होगी सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जनपद की ऐतिहासिक लोनी ड्रेन की पटरी पर कथित कब्जे की शिकायत सामने आने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया है और संबंधित लोगों को चेतावनी जारी की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लोनी ड्रेन की पटरी किसानों के खेतों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता रही है। ड्रेन की सफाई और रखरखाव के दौरान विभागीय टीमें भी इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय के साथ पटरी की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है, जिससे आवाजाही प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक उपयोग की इस पटरी पर अतिक्रमण बढ़ता रहा तो किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत होगी और सिंचाई विभाग के रखरखाव कार्यों में भी बाधा आएगी। लोनी ड्रेन कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ी महत्वपूर्ण ड्रेन मानी जाती है। मामले की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता गगन कुमार शुक्ला ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेन की पटरी पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिशासी अभियंता ने बताया कि संबंधित लोगों को कथित कब्जा हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि बनाई जा रही बाउंड्री वॉल नहीं हटाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की इस महत्वपूर्ण पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराना किसानों और विभाग दोनों के हित में जरूरी है।
ओवरलोडिंग पर सख्ती : ढाई माह में दो करोड़ जुर्माना
Sat, Jun 20, 2026
750 बिना नंबर प्लेट वाहन पकड़े गए, 250 ओवरलोड वाहन सीज; रात में चल रहा औचक अभियान
उन्नाव। जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त अभियान छेड़ रखा है। एक अप्रैल से अब तक की कार्रवाई में करीब दो करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार कार्रवाई से ओवरलोडिंग में कमी आने का दावा किया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टास्क फोर्स गठित की गई है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यह टीम जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि हर दूसरे दिन रात में औचक चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही प्रमुख चेक प्वाइंटों पर चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। एआरटीओ के अनुसार, एक अप्रैल से अब तक बिना नंबर प्लेट के चल रहे करीब 750 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। वहीं ओवरलोडिंग के आरोप में करीब 250 वाहनों का चालान कर उन्हें बंद किया गया। क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले 170 वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। सड़क हादसों की वजह बनने वाले नो पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी शिकंजा कसा गया। ऐसे 125 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों में 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। एआरटीओ ने बताया कि नंबर प्लेट छिपाकर या नंबर अधूरा दिखाकर चलने वाले डंपर और ट्रकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नंबर प्लेट पर कालिख पोतने, कीचड़ लगाने या नंबर अस्पष्ट रखने की शिकायतों पर पहले चालान और फिर वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे 724 डंपर और ट्रकों पर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन अभियान आगे भी जारी रहेगा और ओवरलोडिंग व यातायात नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग का लक्ष्य जिले से ओवरलोडिंग को पूरी तरह खत्म करना है।