बरात की अगवानी में चली गोली : डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा
Sun, Feb 22, 2026
भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता समेत चार पर मुकदमा, पुलिस ने शुरू की तलाश
उन्नाव। हसनगंज कोतवाली इलाके में एक शादी समारोह उस वक्त अफरातफरी में बदल गया, जब डांस को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया। शनिवार रात अजमाखेड़ा गांव में बरात की अगवानी के दौरान दो चचेरे भाइयों को गोली मार दी गई। दोनों के हाथ में गोली लगी है और हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
डीजे पर धक्का-मुक्की, बढ़ा बवाल
जानकारी के मुताबिक बक्शीखेड़ा निवासी रामस्वरूप के बेटे प्रदीप की बरात आदमपुर भाषी के मजरा अजमाखेड़ा गई थी। रात करीब 11 बजे द्वाराचार और अगवानी की रस्म चल रही थी। डीजे पर डांस के दौरान दूल्हे के ममेरे भाई शिवा और आकाश की बरात में आए कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। परिवार और अन्य बरातियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। कुछ देर के लिए माहौल सामान्य भी हो गया। लेकिन यह शांति ज्यादा देर नहीं टिक सकी। आरोप है कि थोड़ी देर बाद धर्मेंद्र लोधी अपने साथियों के साथ लौटा और असलहे से फायरिंग कर दी। दो गोलियां चलीं और दोनों शिवा और आकाश के दाहिने हाथ में जा लगीं। गोली लगते ही समारोह में भगदड़ मच गई।
दूल्हे के रिश्तेदार घायल
घायल शिवा (24) और आकाश (25) रिश्ते में चचेरे भाई हैं और दूल्हे के ममेरे भाई बताए जा रहे हैं। दोनों नवई अजगैन क्षेत्र के रहने वाले हैं। पहले उन्हें सीएचसी हसनगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया।
भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता पर केस
घायल आकाश के भाई विकास ने पुलिस को दी तहरीर में धर्मेंद्र लोधी का नाम लिया है। आरोप है कि धर्मेंद्र भाजपा से जुड़ा कार्यकर्ता है और दूरसंचार समिति का सदस्य बताया जा रहा है। वह मोहान–मलिहाबाद मार्ग पर बक्शीखेड़ा के सामने पेट्रोल पंप भी चलाता है। तहरीर में धर्मेंद्र के साथ करन, कपिल और एक अन्य युवक को भी नामजद किया गया है।
तीन नामजद, एक अज्ञात पर केस
सीओ हसनगंज अरविंद चौरसिया के मुताबिक, तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौके पर असलहा कैसे पहुंचा और विवाद की असली वजह क्या थी।
सवाल भी उठे
गांव में शादी समारोह के दौरान फायरिंग की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर समय रहते सख्ती होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता। फिलहाल दोनों घायल युवकों का इलाज जारी है और परिवार सदमे में है। शादी का जश्न कुछ ही मिनटों में दहशत में बदल गया। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई और आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
सीओ हसनगंज ने ठगों को ही उलझाया : बातचीत में खोला साइबर गिरोह का खेल
Sun, Feb 22, 2026
26 कॉल कर लोन का लालच, एपीके भेजकर जाल बिछाया, सतर्कता से साजिश नाकाम
उन्नाव। साइबर ठगी के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने वाले सीओ हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया इस बार खुद ठगों के निशाने पर आए, लेकिन कहानी यहां पलट गई। कॉल आते ही उन्होंने अंदाजा लगा लिया कि मामला संदिग्ध है। इसके बाद उन्होंने फोन काटने के बजाय बातचीत जारी रखी और ठगों के तौर तरीके समझने की कोशिश की। नतीजा यह रहा कि शातिरों की चाल वहीं बेनकाब हो गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच उनके सीयूजी नंबर पर अलग अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आने लगीं। चार घंटे में 26 बार फोन किया गया। कुछ कॉल उन्होंने जानबूझकर उठाईं। दूसरी तरफ मौजूद लोग खुद को निजी बैंक और वित्तीय कंपनियों का प्रतिनिधि बता रहे थे।
लालच का पूरा स्क्रिप्ट तैयार था
कॉल करने वालों ने पहले भरोसा बनाने की कोशिश की। कहा गया कि उनका नंबर “प्री-अप्रूव्ड” सूची में है। बेहद कम ब्याज पर पर्सनल लोन, तुरंत जारी होने वाला क्रेडिट कार्ड और विशेष बैंकिंग ऑफर देने की बात कही गई। भाषा विनम्र थी और बातचीत पूरी तरह पेशेवर अंदाज में की जा रही थी। सीओ ने सामान्य ग्राहक की तरह बातचीत आगे बढ़ाई। उन्होंने पूछा कि लोन कैसे मिलेगा, प्रक्रिया क्या है, दस्तावेज कहां जमा होंगे। जैसे जैसे सवाल बढ़ते गए, कॉलर विस्तार से बताता गया। इसी दौरान व्हाट्सएप पर दो अलग अलग बैंकों के नाम से एपीके फाइल भेजी गई और कहा गया कि उसे डाउनलोड कर फॉर्म भरना होगा।
यहीं से खुलने लगी परतें
सीओ ने फाइल डाउनलोड नहीं की। उन्होंने उल्टा कॉलर से कंपनी का पंजीकरण नंबर, शाखा का पता और अधिकृत पहचान पत्र की जानकारी मांगी। साथ ही पूछा कि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से यह प्रक्रिया क्यों नहीं कराई जा रही। सवाल सुनते ही दूसरी तरफ से जवाब गोलमोल होने लगे।बातचीत के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि ठग पहले लालच देते हैं, फिर जल्दी फैसला लेने का दबाव बनाते हैं। एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कराया जाता है, जिससे बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और निजी जानकारी तक पहुंच बनाई जाती है। इसके बाद खाते से रकम साफ कर दी जाती है।
तकनीकी जांच में बाहर का कनेक्शन
मामले को हल्के में न लेते हुए संबंधित नंबरों को तुरंत सर्विलांस पर लगाया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि इस्तेमाल की गई सिम राजस्थान के भरतपुर जनपद से जारी हुई थीं और उनकी लोकेशन गांव मिलकपुर के आसपास मिली। सभी नंबर साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराकर ब्लॉक करा दिए गए हैं। तकनीकी टीम कॉल डाटा और पैटर्न का विश्लेषण कर रही है।
“सतर्क रहें, जल्दबाजी न करें”
सीओ हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया ने कहा कि साइबर अपराधी बेहद सुनियोजित तरीके से काम करते हैं। वे बातचीत में भरोसा पैदा करते हैं और फिर तकनीकी जाल बिछाते हैं। आम लोगों से अपील है कि अनजान कॉल पर बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। उन्होंने कहा कि बैंक या सरकारी संस्थाएं फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगतीं। अगर ऐसी कॉल आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट करें। यह घटना सिर्फ एक असफल ठगी की कोशिश नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि जागरूकता और थोड़ी सतर्कता से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। इस बार ठगों ने गलत नंबर मिला लिया था।
बिजली बिल ने बढ़ाई टेंशन : फ्यूल सरचार्ज से फरवरी में करीब 10% अतिरिक्त बोझ
Sun, Feb 22, 2026
उन्नाव। इस बार फरवरी का बिजली बिल कई घरों और फैक्ट्रियों के लिए झटका लेकर आया है। बिल हाथ में आते ही लोगों को पता चला कि फ्यूल सरचार्ज के नाम पर करीब 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जोड़ दी गई है। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें पहले से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई थी।
उद्योगों पर सीधा असर
जिले के अकरमपुर, दही तिराहा और बंथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में इसका असर सबसे पहले महसूस किया गया। यहां 113 से ज्यादा फैक्ट्रियां संचालित हैं, जिनमें करीब 25 बड़ी इकाइयां और बड़ी संख्या में लघु व मध्यम उद्योग शामिल हैं। नए प्रावधान के तहत अब हर 100 रुपये के बिल पर वैट सहित करीब 12 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि बिजली पहले ही महंगी है। ऊपर से बार-बार की कटौती और तकनीकी दिक्कतें अलग परेशानी हैं। ऐसे में यह नया सरचार्ज उत्पादन लागत बढ़ाएगा। उनका मानना है कि यदि यही स्थिति रही तो इसका असर कीमतों और रोजगार दोनों पर दिख सकता है। एक उद्योग संचालक ने कहा कि हम पहले से ही कच्चे माल और परिवहन लागत के दबाव में हैं। अब बिजली का खर्च भी बढ़ गया तो छोटे उद्योगों के लिए टिके रहना मुश्किल होगा।
घरेलू और कारोबारी उपभोक्ता भी प्रभावित
यह बढ़ोतरी सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। जिले में लगभग 5.22 लाख घरेलू उपभोक्ता और करीब 4 हजार व्यावसायिक कनेक्शन धारक भी इस दायरे में आ गए हैं। आवास विकास कालोनी निवासी संदीप कुमार बताते हैं कि जब वे बिल जमा करने पहुंचे तो रकम देखकर चौंक गए। कहा किं हमने सोचा शायद मीटर रीडिंग ज्यादा हो गई होगी, लेकिन बाद में पता चला कि फ्यूल सरचार्ज जोड़ा गया है। मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि रसोई गैस, स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़े हुए हैं। ऐसे में बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी ने बजट का संतुलन बिगाड़ दिया है।
विभाग का पक्ष
इस मामले में एक्सईएन सिटी हिमांशु गौतम ने स्पष्ट किया कि फ्यूल सरचार्ज को फरवरी के बिलों में शामिल किया गया है और यह सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लागू है। उनके अनुसार यह नियमानुसार जोड़ा गया प्रावधान है। हालांकि उपभोक्ताओं का सवाल है कि यदि यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। कई लोग मांग कर रहे हैं कि विभाग बिल के साथ स्पष्ट विवरण दे, ताकि उपभोक्ता समझ सकें कि अतिरिक्त राशि किस आधार पर ली जा रही है।
बिल में बढ़ोतरी से शहरभर में चर्चा
फिलहाल शहर में बिजली बिल को लेकर चर्चा तेज है। उद्योग जगत से लेकर आम घरों तक एक ही सवाल है कि क्या आने वाले महीनों में भी इसी तरह का सरचार्ज जुड़ता रहेगा। स्पष्ट सूचना और पारदर्शिता की मांग अब खुलकर सामने आ रही है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि विभाग इस पर खुलकर स्थिति स्पष्ट करेगा, ताकि भविष्य में बिल देखते ही झटका न लगे।