ड्यूटी के बीच विवाद बना बवाल : फायर स्टेशन प्रभारी सस्पेंड
Wed, Jul 1, 2026
सिपाही ने उत्पीड़न और हमले के लगाए थे आरोप, जांच में मिली पुष्टि
उन्नाव। बीघापुर तहसील क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास स्थित अग्निशमन केंद्र में तैनात एक सिपाही के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद केंद्र प्रभारी शैलेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामला तब सामने आया जब अग्निशमन केंद्र में तैनात सिपाही विशाल पटेल ने अपने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी लंबे समय से उसके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे और लगातार मानसिक दबाव बना रहे थे। सिपाही के मुताबिक, भीषण गर्मी के बावजूद उसे अग्निशमन केंद्र की दूसरी मंजिल स्थित बैरक में रहने के लिए मजबूर किया गया, जबकि नीचे की बैरक खाली पड़ी थी। इतना ही नहीं, केंद्र परिसर में लगे पंप पर नहाने से भी रोक दिया गया। विशाल पटेल का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उसकी गैरमौजूदगी दर्ज कर जीडी में रपट लिखी जाती थी, जिससे उसे बेवजह परेशान किया जाता था। शिकायत में 22 जून की घटना का भी जिक्र किया गया है। विशाल ने बताया कि उस दिन वह अपने साथियों के साथ बैठा हुआ था, तभी केंद्र प्रभारी शैलेंद्र सिंह वहां पहुंचे और किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी दौरान प्रभारी ने प्लास से उसके माथे पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। सिपाही का यह भी आरोप है कि उसके सीने और पीठ पर भी कई वार किए गए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद मामला विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अनूप सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के निर्देश पर केंद्र प्रभारी शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में भी हलचल मची हुई है।
संदिग्ध हालात में युवक की मौत : पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
Mon, Jun 29, 2026
मौत के कारणों पर बना रहस्य, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र के कटियान गांव में सोमवार सुबह एक युवक का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, कटियान गांव निवासी कमलेश (27) पुत्र महेश का शव सोमवार सुबह घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची दही थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों समेत ग्रामीणों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई।दही थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
दहेज उत्पीड़न के बाद मौत का आरोप : न्याय के लिए एसपी से मिले परिजन
Mon, Jun 29, 2026
पति और सास पर ढाई लाख रुपये व बाइक मांगने का आरोप, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप
उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने पति और सास की जल्द गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। रायबरेली के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के सतांव निवासी बृजमोहन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री स्वाती सिंह उर्फ लक्ष्मी की शादी एक मई 2021 को बिहार थाना क्षेत्र के नमाखेड़ा मजरा जमीपुर निवासी मयंक विक्रम सिंह उर्फ गोलू के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और सास मुन्नी सिंह अतिरिक्त दहेज में ढाई लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। पीड़ित परिवार का कहना है कि मांग पूरी न होने पर स्वाती को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। कई बार दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ और स्वाती को ससुराल भेजा गया, लेकिन हालात नहीं बदले। परिजनों के मुताबिक 14 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि स्वाती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव कमरे के फर्श पर पड़ा देखा। उनके अनुसार गले पर चोट के निशान भी थे। पिता ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति और सास ने मिलकर स्वाती की हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी अब तक फरार हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।