ईद-उल-अज़हा 28 मई को : उन्नाव ईदगाह में दो वक्त में होगी नमाज़
Fri, May 22, 2026
कमेटी अध्यक्ष पीरज़ादा मोईनुल हक फारुकी ने लोगों से ईदगाह के बाहर नमाज़ न पढ़ने की अपील की
उन्नाव। शहर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार 28 मई को अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसको लेकर शहर की ईदगाह कमेटी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कमेटी अध्यक्ष पीरज़ादा मोईनुल हक फारुकी ने लेटर जारी कर शहरवासियों को नमाज़ के समय और व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। जारी सूचना के मुताबिक, उन्नाव ईदगाह में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ दो चरणों में अदा कराई जाएगी ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पहली नमाज़ सुबह ठीक 7 बजे अदा कराई जाएगी, जिसे मौलाना निसार अहमद मिस्बाही काज़िए शहर उन्नाव पढ़ाएंगे। वहीं दूसरी नमाज़ सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर होगी, जिसकी इमामत वसीक अत्तरी करेंगे। ईदगाह कमेटी ने साफ कहा है कि दोनों नमाज़ें तय समय पर बिना किसी इंतजार के शुरू कर दी जाएंगी। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वह समय से पहले ईदगाह पहुंचें और पूरी तैयारी के साथ आएं, ताकि नमाज़ के दौरान व्यवस्था बनी रहे।कमेटी अध्यक्ष पीरज़ादा मोईनुल हक फारुकी ने शहरवासियों से खास तौर पर ईदगाह परिसर के बाहर नमाज़ न पढ़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईदगाह के बाहर नमाज़ अदा करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। कमेटी की ओर से बाहर नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा सिर्फ कुर्बानी का त्योहार नहीं बल्कि भाईचारे, अमन और इंसानियत का पैगाम देने वाला पर्व है। इस मौके पर सभी लोग अपने मुल्क हिंदुस्तान की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ करें। ईदगाह कमेटी की ओर से उन्नाव शहर और आसपास के सभी लोगों को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद दी गई।
24 घंटे में सराफा लूटकांड का खुलासा : पंजाब भाग रहे चार बदमाश गिरफ्तार
Fri, May 22, 2026
पांच लूटों से हिली पुलिस व्यवस्था, एडीजी के अल्टीमेटम के बाद दबोचे गए आरोपी
उन्नाव। 24 घंटे के भीतर हुई ताबड़तोड़ लूट की वारदातों ने जिले की पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। सड़क से लेकर सराफा दुकान तक बदमाश बेखौफ घूमते रहे और पुलिस सिर्फ वायरलेस पर संदेश चलाती नजर आई। हालात इतने बिगड़े कि लखनऊ से आईजी और एडीजी को खुद उन्नाव पहुंचना पड़ा। लेकिन अफसरों की सख्ती, फटकार और 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद वही पुलिस अचानक पूरी रफ्तार में दिखाई दी और सराफा व्यापारी से लूट करने वाले चार बदमाशों को पंजाब भागते समय जीआरपी की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के भवनीखेड़ा चौराहे पर बुधवार दोपहर सराफा कारोबारी सुशील कुमार वर्मा की दुकान में घुसकर चार नकाबपोश बदमाशों ने सूजे से हमला कर करीब 4.10 लाख रुपये के जेवर और नकदी लूट ली थी। घटना उस वक्त हुई जब जिले में बड़े अधिकारी अपराध समीक्षा बैठक में मौजूद थे। दिनदहाड़े हुई वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।घटना के बाद एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने पुलिस लाइन में अधिकारियों की बैठक लेकर साफ शब्दों में कहा था कि “कैसे पकड़ना है, यह मैं नहीं जानता, लेकिन 24 घंटे में बदमाश सलाखों के पीछे होने चाहिए।” इसके बाद जिले की पुलिस हरकत में आई। एसओजी, सर्विलांस, कोतवाली पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी तक को एक साथ लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से निकली धुंधली तस्वीरों को एआई तकनीक से बेहतर किया गया। बीटीएस और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस को बदमाशों के कानपुर की ओर भागने की जानकारी मिली। पता चला कि आरोपी शुक्लागंज में बाइक छोड़कर टेंपो से कानपुर पहुंचे और वहां से ऊंचाहार एक्सप्रेस में सवार होकर पंजाब भागने की कोशिश कर रहे हैं।इसके बाद उन्नाव पुलिस ने अलीगढ़ और गाजियाबाद जीआरपी से संपर्क साधा। अलीगढ़ जंक्शन पर प्लेटफॉर्म नंबर चार पर दो बदमाशों को घेर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान बदमाशों ने जीआरपी सिपाही रणवीर सिंह पर हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गए। बावजूद इसके पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। बाद में गाजियाबाद स्टेशन पर उनके दो और साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में पंजाब के अमृतसर निवासी दिलावर समेत तीन बदमाश शामिल हैं, जबकि चौथा आरोपी अजीत उर्फ गोलू बीघापुर क्षेत्र के रघुनाथखेड़ा गांव का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अजीत पंजाब में काम करता था और वहीं उसकी दोस्ती इन बदमाशों से हुई थी। जल्दी पैसा कमाने के लालच में सभी ने मिलकर उन्नाव में लूट की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक स्थानीय होने की वजह से अजीत ने ही सराफा दुकान की रेकी की थी ताकि किसी को बाहरी लोगों पर शक न हो। वारदात से तीन दिन पहले वह पंजाब से अपने साथियों को उन्नाव लेकर आया था। लगातार हो रही लूट की घटनाओं के बाद अफसरों ने जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की। आईजी किरण यश ने गश्त और अपराध नियंत्रण में लापरवाही मानते हुए अचलगंज थाना प्रभारी बृजेश शुक्ला और बीघापुर थानाध्यक्ष राजपाल को निलंबित कर दिया। इसके बाद जिले की पुलिस पर दबाव और बढ़ गया था। हालांकि, जिस तेजी से पुलिस ने रेलवे नेटवर्क, सर्विलांस, एआई तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से आरोपियों तक पहुंच बनाई, उसकी चर्चा भी अब महकमे में हो रही है। जिले में पांच लूट की घटनाओं से घिरी पुलिस के लिए यह खुलासा किसी राहत से कम नहीं माना जा रहा। एएसपी अखिलेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों को उन्नाव लाकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ितों से पहचान कराने के साथ बरामद जेवर और नकदी का मिलान कराया जाएगा। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इसी बीच जिले में बढ़ते अपराधों के पीछे अवैध आईपीएल सट्टा और जुए के कारोबार पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर से लेकर कस्बों तक खुलेआम क्रिकेट सट्टा और जुए के अड्डे चलने की चर्चा आम है। जानकारों का कहना है कि पुलिस को इन अवैध धंधों की पूरी जानकारी रहती है, बल्कि कई जगह संरक्षण मिलने के आरोप भी लगते रहे हैं। इंटरनेट मीडिया के कई ग्रुपों में सट्टा-जुआ संचालित होने के प्रमाण और सूचनाएं तक साझा की गईं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए और सट्टे में हारने वाले कई युवक ही बाद में चोरी, लूट और छीना-झपटी जैसी घटनाओं की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि जिले में अपराध का ग्राफ नीचे आने के बजाय बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस बार जिस तेजी से पुलिस ने रेलवे नेटवर्क, सर्विलांस, एआई तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से आरोपियों तक पहुंच बनाई, उसकी चर्चा भी महकमे में हो रही है। पांच बड़ी लूट की घटनाओं के बाद दबाव में आई पुलिस के लिए यह खुलासा बड़ी राहत माना जा रहा है। एसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही उनके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपातकालीन सेवा को मिला बूस्ट : उन्नाव पुलिस को मिले 21 नए डायल-112 वाहन
Thu, May 21, 2026
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन से वाहनों को दिखाई हरी झंडी
उन्नाव। जिले में आपातकालीन पुलिस सेवा को और तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए उन्नाव पुलिस को डायल-112 के तहत 21 नए वाहन मिले हैं। गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नए बेड़े में 13 मोटरसाइकिल और 8 चार पहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन वाहनों की तैनाती खास तौर पर गंगा एक्सप्रेसवे और संवेदनशील इलाकों में की जाएगी। एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक और सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब किसी दुर्घटना, झगड़े या अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस पहले से कम समय में मौके तक पहुंच सकेगी।अधिकारियों का कहना है कि बाइक पीआरवी उन क्षेत्रों में ज्यादा कारगर साबित होंगी जहां संकरी सड़कें या भीड़भाड़ वाले इलाके हैं, जबकि चार पहिया वाहन लंबी दूरी और हाईवे पेट्रोलिंग में इस्तेमाल किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निगरानी और गश्त व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने वाहनों का निरीक्षण किया और डायल-112 से जुड़े पुलिसकर्मियों को सतर्कता, त्वरित रिस्पॉन्स और आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर एएसपी अखिलेश सिंह, एएसपी शैलेन्द्र लाल, सीओ सोनम सिंह और सीओ विनी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि डायल-112 सेवा पुलिस और आम जनता के बीच सबसे तेज़ सहायता प्रणाली के रूप में काम कर रही है। नए वाहनों के जुड़ने से प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा और घटनास्थल तक पुलिस की पहुंच पहले से अधिक तेज़ हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में “गोल्डन ऑवर” बेहद अहम होता है और समय पर पुलिस पहुंचने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार नए वाहनों के शामिल होने के बाद अब जिले में डायल-112 वाहनों की कुल संख्या बढ़कर 85 हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक संसाधनों और मजबूत फील्ड नेटवर्क की मदद से कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा, साथ ही आम लोगों को भी सुरक्षा का बेहतर एहसास मिलेगा।