बहन की फोटो से बनाई फर्जी आईडी : विरोध पर जान से मारने की धमकी, रिपोर्ट दर्ज
Sun, Oct 25, 2026
उन्नाव। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर अश्लील सामग्री प्रसारित करने का मामला सामने आया है। सफीपुर क्षेत्र के एक युवक ने आरोप लगाया कि उसकी बहन के नाम से इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर फोटो और अश्लील वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। विरोध करने और सामग्री हटाने की मांग करने पर उसे गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़ित के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह उसे इंस्टाग्राम पर अपनी बहन के नाम से बनी आईडी देखी। प्रोफाइल पर फोटो लगी थी और अश्लील स्टोरी भी पोस्ट की गई थी। उसने मैसेज के जरिए आईडी चलाने वाले की पहचान पूछी तो आरोप है कि उसके साथ अभद्रता की गई और आईडी व वीडियो हटाने से इनकार कर दिया गया। शिकायत में बताया गया कि 19 अक्टूबर की शाम उसके व्हाट्सएप पर मैसेज आया, जिसमें नई वीडियो वायरल करने की बात कही गई थी। पीड़ित ने जानकारी जुटाई तो उसे एक युवक पर संदेह हुआ। उसका आरोप है कि बहन के नाम से बनी आईडी अब तक सक्रिय है और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। इसे हटाने के लिए कहने पर उसे और उसकी बहन को जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़ित ने पुलिस को मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े स्क्रीनशॉट व अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। 24 अक्टूबर को दी गई तहरीर के आधार पर सफीपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुजौली के रुद्रा लॉन का मामला : बिना परमिट कट गए 40 सागौन के पेड़
Sun, Oct 25, 2026
वन विभाग सख्त, तहरीर पर तीन लोगों पर केस
उन्नाव। पेड़ काटने के लिए वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन मौरावां क्षेत्र के गुजौली गांव स्थित रुद्रा लॉन में सागौन के पेड़ों की कटाई बिना परमिट कराए किए जाने का आरोप लगा है। वन विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामला 22 अक्तूबर को वन विभाग की गश्त के दौरान सामने आया। पारा रेंज के बीट प्रभारी शिवकुमार को रुद्रा लॉन परिसर में सागौन के पेड़ों की कटाई की जानकारी मिली। इसके बाद जानकारी जुटाई गई तो करीब 30 से 40 पेड़ काटे जाने और उनकी लकड़ी ले जाए जाने की बात सामने आई। तहरीर के मुताबिक, रायबरेली जिले के बछरावां थाना क्षेत्र के सिंगहो गांव निवासी चौधरी सिंह और लखनऊ के अर्जुनगंज निवासी विवेक सिंह ने रुद्रा लॉन के मालिक मनोज कुमार यादव से पेड़ खरीदे थे। आरोप है कि दोनों ने वन विभाग से जरूरी परमिट बनवाए बिना पेड़ों की कटाई कराई और लकड़ी अपने साथ ले गए। बीट प्रभारी ने इसे वन अपराध बताते हुए मौरावां थाने में शिकायत दी। पुलिस ने उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 4/10 और उत्तर प्रदेश ट्रांजिट ऑफ टिम्बर एंड अदर फॉरेस्ट प्रोड्यूस रूल्स, 1978 की धारा 3/28 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की ओर से की जाएगी।
पत्नी के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप : परिवार को शहर छोड़ने की धमकी
Fri, Oct 23, 2026
व्हाट्सएप पर भेजे आपत्तिजनक मैसेज, 15 दिन में 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाने की शिकायत
उन्नाव। पत्नी की अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये मांगने का आरोप लगा है। शहर के एक मोहल्ले मे व्यक्ति को कुछ इसी तरह परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे 10 लाख रुपये न देने पर पत्नी की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। परिवार को शहर छोड़कर चले जाने के लिए भी कहा जा रहा है।
मैसेज डिलीट, लेकिन धमकी के स्क्रीनशॉट देने का दावा
पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में दो मोबाइल नंबरों का जिक्र किया है। उनका आरोप है कि इन नंबरों से संपर्क करने वाला व्यक्ति फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें परेशान करता है। व्हाट्सएप पर गाली-गलौज और धमकी भरे संदेश भेजे जाते हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, संदेश भेजने के बाद उन्हें डिलीट कर दिया जाता है। ऐसे में बातचीत के सबूत जुटाना मुश्किल हो रहा है। पीड़ित ने कुछ संदेशों के स्क्रीनशॉट शिकायत के साथ लगाए हैं।
15 दिन में रकम देने का बनाया दबाव
शिकायत में 16 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे के बाद हुई घटना का भी जिक्र है। पीड़ित का आरोप है कि उस रात आरोपी ने उनकी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीर भेजी और 15 दिन के भीतर 10 लाख रुपये देने की बात कही। आरोप है कि रुपये देने पर पत्नी को वापस भेजने और बच्चों को नुकसान न पहुंचाने का भरोसा दिया गया। रकम नहीं मिलने पर तस्वीरों और वीडियो को इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी दी गई।
बेटियों को लेकर भी टिप्पणी करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति उनकी बेटियों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें करता है। इससे उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है। पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की जानकारी ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को भी दी थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच कर आरोपित की पहचान करने और कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच से खुलेगी मामले की परत
शिकायत में दर्ज मोबाइल नंबरों के संबंध में पीड़ित ने बताया है कि कॉलर पहचानने वाले एक ऐप पर अलग-अलग नाम दिखाई देते हैं। सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब मामले में लगाए गए आरोपों, मोबाइल नंबरों और उपलब्ध स्क्रीनशॉट की जांच अहम होगी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।