सपा ने बढ़ाई संगठन की रफ्तार : फैज़ सईद अली को प्रदेश सचिव बनाया
Sun, Feb 8, 2026
जिलाध्यक्ष नियाज़ खान और प्रदेश महासचिव सैफ़ खान ने जताया भरोसा
उन्नाव। विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने संगठन को धार देने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र के तकिया चौराहा, सैंता के निवासी फैज़ सईद अली को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। इस नियुक्ति को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इस समय बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर फोकस कर रहा है। अल्पसंख्यक सभा में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले और क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह नियुक्ति सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के निर्देश पर अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शकील नदवी द्वारा की गई है। प्रदेश सचिव बनाए जाने के बाद फैज़ सईद अली जनपद पहुंचे और अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज़ खान से मुलाकात की। दादामियां चौराहा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें बधाई दी गई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज़ खान ने कहा कि पार्टी ने जिस भरोसे के साथ फैज़ सईद अली को यह जिम्मेदारी दी है, वह संगठन के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि फैज़ सईद अली जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ता हैं और उनके प्रदेश सचिव बनने से अल्पसंख्यक सभा को मजबूती मिलेगी। आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
वहीं अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव सैफ़ खान ने कहा कि फैज़ सईद अली की नियुक्ति संगठन को नई ऊर्जा देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व का यह फैसला अल्पसंख्यक समाज को मजबूती से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रदेश सचिव फैज़ सईद अली ने कहा कि पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे। सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को मजबूती दिलाने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी। इस मौके पर सभासद मेराजुद्दीन, इमरान अहमद, अनवर, ताहिर खान सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने नई जिम्मेदारी के लिए फैज़ सईद अली को शुभकामनाएं दीं और संगठन के मजबूत भविष्य की उम्मीद जताई।
जिंदा होकर भी सरकारी कागजों में मृत : डीएम की दहलीज पर मिला इंसाफ, सचिव सस्पेंड
Sun, Feb 8, 2026
80 वर्षीय महिला को सत्यापन में मृत घोषित कर डेढ़ साल से रोकी गई थी पेंशन
उन्नाव। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही उस समय सामने आई, जब 80 वर्षीय जिंदा वृद्ध महिला को कागजों में मृत दिखाकर उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद किए जाने की शिकायत पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तत्कालीन पंचायत सचिव रंजीत को सस्पेंड कर दिया।
हिलौली ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत तनगापुर से जुड़ा यह मामला है। पतयोलदासी गांव की रहने वाली 80 वर्षीय महाराना पत्नी बिंदा प्रसाद ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम को बताया कि 5 फरवरी 2025 को हुए सत्यापन में उसे मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। महिला ने बताया कि पेंशन ही उसके जीवनयापन का एकमात्र सहारा थी, लेकिन डेढ़ साल से पेंशन न मिलने के कारण उसे दर-दर भटकना पड़ा। महाराना ने कहा कि उसने इस गलती को सुधारने के लिए तीन बार प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार चौथी बार उसने समाधान दिवस में डीएम से गुहार लगाई। शिकायत की जांच कराने पर सत्यापन में गंभीर लापरवाही सामने आई।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन पंचायत सचिव रंजीत को सस्पेंड कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृद्ध महिला की पेंशन तत्काल बहाल कराई जाए और बकाया राशि भी जल्द दिलाई जाए, ताकि उसे आगे किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। इसी दौरान डीएम ने तहसील का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण में एसडीएम कोर्ट में पत्रावलियों का रखरखाव काफी अस्त-व्यस्त पाया गया। फाइलें सही तरीके से नहीं रखी गई थीं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सामने आया यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनकर उभरा है। हालांकि, डीएम की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया कि जमीनी स्तर पर की गई ऐसी गंभीर गलतियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गंगाघाट में बरसाती जलभराव से राहत की तैयारी : राजधानी मार्ग के नालों का सर्वे शुरू
Sat, Feb 7, 2026
प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से मुलाकात के बाद जमीन पर उतरी कार्रवाई
उन्नाव। गंगाघाट नगर पालिका क्षेत्र में राजधानी मार्ग पर बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोग परेशान थे। अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ता दिख रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे के निर्देश पर शुक्रवार को उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे ने राजधानी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और नालों की मौजूदा स्थिति की पड़ताल कराई।
निरीक्षण में सामने आया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा पहले बनाए गए नाले सड़क की सतह से काफी ऊंचे हैं। नालों की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण आसपास के घरों और दुकानों का पानी सीधे नालों में नहीं जा पाता। बारिश होते ही पानी वापस सड़कों और रिहायशी इलाकों में भर जाता है। कई मोहल्लों में हर साल यही हाल रहता है, जिससे लोगों को आवाजाही, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहले ही शासन स्तर पर पहल की थी। उन्होंने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से मुलाकात कर राजधानी मार्ग के नालों के पुनर्निर्माण की मांग रखी थी। इसके बाद अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी उन्नाव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया था और समस्या को देखा था। इसी क्रम में अब नगर पालिका गंगाघाट ने सर्वे का काम शुरू करा दिया है।
शनिवार से सर्वेयर की मदद से राजधानी मार्ग के दोनों ओर बने नालों की नापजोख की जा रही है। सर्वे के जरिए यह तय किया जाएगा कि नाले सड़क और आसपास के इलाकों की सामान्य सतह से कितने ऊंचे हैं और कहां कितनी खुदाई की जरूरत है। इसके साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि नालों की गहराई और ढलान कैसी होनी चाहिए, ताकि पानी बिना रुके आगे निकल सके। नगर पालिका से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पीडब्ल्यूडी को तकनीकी प्रस्ताव भेजा जाएगा। लक्ष्य यह है कि नालों का ऐसा पुनर्निर्माण हो जिससे बारिश का पानी सीधे नालों में जाए और जलभराव की समस्या दोबारा न खड़ी हो। स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि इस बार काम कागजों तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले मानसून से पहले ठोस समाधान देखने को मिलेगा।