Fri 17 Apr 2026

ब्रेकिंग

घायल नंदी के लिए देवदूत बने राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल के कार्यकर्ता,तत्परता से बचाई जान

अब शादी समारोह में नहीं पड़ेगी गैस की कमी, प्रशासन ने किया इंतजाम

मुरादाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

पीएफ घोटाले का शिकार हुआ मजदूर, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस

BDO भुता को सौंपा ज्ञापन,मांगे पूर्ण न होने पर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

जिंदा होकर भी सरकारी कागजों में मृत : डीएम की दहलीज पर मिला इंसाफ, सचिव सस्पेंड

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sun, Feb 8, 2026
Post views : 243

80 वर्षीय महिला को सत्यापन में मृत घोषित कर डेढ़ साल से रोकी गई थी पेंशन

उन्नाव। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही उस समय सामने आई, जब 80 वर्षीय जिंदा वृद्ध महिला को कागजों में मृत दिखाकर उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद किए जाने की शिकायत पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तत्कालीन पंचायत सचिव रंजीत को सस्पेंड कर दिया।
हिलौली ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत तनगापुर से जुड़ा यह मामला है। पतयोलदासी गांव की रहने वाली 80 वर्षीय महाराना पत्नी बिंदा प्रसाद ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम को बताया कि 5 फरवरी 2025 को हुए सत्यापन में उसे मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। महिला ने बताया कि पेंशन ही उसके जीवनयापन का एकमात्र सहारा थी, लेकिन डेढ़ साल से पेंशन न मिलने के कारण उसे दर-दर भटकना पड़ा। महाराना ने कहा कि उसने इस गलती को सुधारने के लिए तीन बार प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार चौथी बार उसने समाधान दिवस में डीएम से गुहार लगाई। शिकायत की जांच कराने पर सत्यापन में गंभीर लापरवाही सामने आई।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन पंचायत सचिव रंजीत को सस्पेंड कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृद्ध महिला की पेंशन तत्काल बहाल कराई जाए और बकाया राशि भी जल्द दिलाई जाए, ताकि उसे आगे किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। इसी दौरान डीएम ने तहसील का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण में एसडीएम कोर्ट में पत्रावलियों का रखरखाव काफी अस्त-व्यस्त पाया गया। फाइलें सही तरीके से नहीं रखी गई थीं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सामने आया यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनकर उभरा है। हालांकि, डीएम की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया कि जमीनी स्तर पर की गई ऐसी गंभीर गलतियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन