Fri 17 Apr 2026

ब्रेकिंग

घायल नंदी के लिए देवदूत बने राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल के कार्यकर्ता,तत्परता से बचाई जान

अब शादी समारोह में नहीं पड़ेगी गैस की कमी, प्रशासन ने किया इंतजाम

मुरादाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

पीएफ घोटाले का शिकार हुआ मजदूर, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस

BDO भुता को सौंपा ज्ञापन,मांगे पूर्ण न होने पर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

गंगाघाट में बरसाती जलभराव से राहत की तैयारी : राजधानी मार्ग के नालों का सर्वे शुरू

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Feb 7, 2026
Post views : 129

प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से मुलाकात के बाद जमीन पर उतरी कार्रवाई

उन्नाव। गंगाघाट नगर पालिका क्षेत्र में राजधानी मार्ग पर बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोग परेशान थे। अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ता दिख रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे के निर्देश पर शुक्रवार को उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे ने राजधानी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और नालों की मौजूदा स्थिति की पड़ताल कराई।
निरीक्षण में सामने आया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा पहले बनाए गए नाले सड़क की सतह से काफी ऊंचे हैं। नालों की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण आसपास के घरों और दुकानों का पानी सीधे नालों में नहीं जा पाता। बारिश होते ही पानी वापस सड़कों और रिहायशी इलाकों में भर जाता है। कई मोहल्लों में हर साल यही हाल रहता है, जिससे लोगों को आवाजाही, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहले ही शासन स्तर पर पहल की थी। उन्होंने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से मुलाकात कर राजधानी मार्ग के नालों के पुनर्निर्माण की मांग रखी थी। इसके बाद अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी उन्नाव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया था और समस्या को देखा था। इसी क्रम में अब नगर पालिका गंगाघाट ने सर्वे का काम शुरू करा दिया है।

शनिवार से सर्वेयर की मदद से राजधानी मार्ग के दोनों ओर बने नालों की नापजोख की जा रही है। सर्वे के जरिए यह तय किया जाएगा कि नाले सड़क और आसपास के इलाकों की सामान्य सतह से कितने ऊंचे हैं और कहां कितनी खुदाई की जरूरत है। इसके साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि नालों की गहराई और ढलान कैसी होनी चाहिए, ताकि पानी बिना रुके आगे निकल सके। नगर पालिका से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पीडब्ल्यूडी को तकनीकी प्रस्ताव भेजा जाएगा। लक्ष्य यह है कि नालों का ऐसा पुनर्निर्माण हो जिससे बारिश का पानी सीधे नालों में जाए और जलभराव की समस्या दोबारा न खड़ी हो। स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि इस बार काम कागजों तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले मानसून से पहले ठोस समाधान देखने को मिलेगा।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन