: विधायक पंकज गुप्ता ने बुजुर्गों को दी अयोध्या धाम की सौगात
Mon, Aug 25, 2025
तीन बसों से हुई रवाना, बुजुर्गों के चेहरे खिले, श्रवण कुमार परंपरा का दिया संदेश
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हुसैन नगर से श्रवण कुमार तीर्थाटन यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता और ब्लाक प्रमुख नीरज गुप्ता ने लगभग 200 बुजुर्ग श्रद्धालुओं को तीन बसों के माध्यम से अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन हेतु रवाना किया। यात्रा के दौरान विधायक और ब्लाक प्रमुख ने स्वयं बुजुर्गों का सम्मान कर उन्हें सुखद यात्रा की शुभकामनाएँ दीं।
श्रवण कुमार परंपरा को निभाने का प्रयास
इस अवसर पर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि बुजुर्ग हमारे अनुभव और आशीर्वाद का स्रोत हैं। श्रवण कुमार ने जिस तरह अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराई थी, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि यह पूरी यात्रा उनके निजी संसाधनों से कराई जा रही है, ताकि समाज में बुजुर्गों के प्रति सेवा और सम्मान का संदेश जा सके।
आध्यात्मिक यात्रा से मिलेगा आत्मिक बल
ब्लाक प्रमुख नीरज गुप्ता ने कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन से बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद ही किसी समाज की असली पूंजी है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
तीर्थाटन यात्रा के शुभारंभ पर ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। गांव के लोगों ने विधायक और ब्लाक प्रमुख का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल समाज के लिए अनुकरणीय है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को खानपान, आवास और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है।
: FIR से निकला लोकतंत्र का सच, सत्ता को आई आलोचना से जलन: सीजेए
Sun, Aug 24, 2025
FIR से निकला लोकतंत्र का सच, सत्ता को आई आलोचना से जलन: सीजेए
- पत्रकार पर दर्ज हुए राजद्रोह के मुकदमे पर भड़का सीजेए
- सीजेए ने असम सरकार से मुकदमा खत्म करने की करी अपील
- खबर लिखना अब अपराध - सवाल पूछो तो राजद्रोह, कोट करो तो केस: शीबू खान
उत्तर प्रदेश फतेहपुर :
असम पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किए जाने पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे "लोकतंत्र के लिए काला दिन" बताया।शीबू खान ने कहा, "किसी की बात को उद्धृत (क़ोट) करके खबर बनाना पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है। यह कहाँ से गलत है? लगता है कि देश में लोकतंत्र खत्म होता जा रहा है। पुलिस की पत्रकारों के प्रति जलन भी इस एफआईआर से साफ झलकती है।" उन्होंने आगे कहा कि यह मामला पत्रकारिता की स्वायत्तता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक सुनियोजित हमला है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से तुरंत मामला वापस लेने और पत्रकारों के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई बंद करने की मांग की है।खबरों के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने एक डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के लिए एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसमें उन्होंने एक जज के बयान का ज़िक्र किया था जिसमें असम सरकार द्वारा महाबल सीमेंट को 3,000 बीघा ज़मीन आवंटित करने की बात कही गई थी, और इस फ़ैसले की आलोचना की थी। इसी रिपोर्ट में उन्होंने तथ्यों के साथ, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सांप्रदायिक राजनीति का भी ज़िक्र किया था जो उनके अपने बयानों पर आधारित थी, को शामिल किया था। जिसे प्रशासन 'आपत्तिजनक' और 'राष्ट्रविरोधी' मानता है। इस पूरे मामले में श्री शर्मा का कहना रहा है कि उन्होंने न्यूज़ रिपोर्टिंग के सभी मानकों का पालन करते हुए केवल एक घटना की रिपोर्ट की है और अपनी ओर से कोई राय व्यक्त नहीं की। हालाँकि, पुलिस का आरोप है कि श्री शर्मा ने "जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से" ऐसी सामग्री प्रकाशित की है जिससे जनता के एक वर्ग के बीच असंतोष और अशांति फैलने का खतरा है। इसी प्रकरण में पुलिस द्वारा एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152, 196 और 197 का इस्तेमाल किया गया है।इस पूरे मामले में अब तक ज्यादातर मीडिया संगठनों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि यह भारत के संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। इसी कड़ी में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी ने कहा है कि ऐसे कदम से पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ेगा और पत्रकार अपना कर्तव्य निभाने से डरने लगेंगे। वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा का मामला सिर्फ एक पत्रकार का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे मीडिया जगत और लोकतंत्र का सवाल है। यदि सरकार और पुलिस प्रशासन आलोचना को राजद्रोह मानने लगे, तो यह साफ है कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं और प्रेस की स्वतंत्रता लगातार सिकुड़ रही है।साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि पत्रकारों के खिलाफ इस तरह की दमनात्मक कार्रवाई रोकी जाए और स्वतंत्र मीडिया को काम करने दिया जाए। इस दौरान साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के फतेहपुर जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, खागा तहसील अध्यक्ष अभिमन्यु मौर्या व अन्य लोग उपस्थित रहे हैं।
: बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा कर सांसद-विधायक ने बंधाया हौसला, बांटी राहत सामग्री
Sat, Aug 23, 2025
राहत शिविर, नावों की व्यवस्था और स्वास्थ्य टीम तैनात, ग्रामीणों ने रखी समस्याएं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। गंगा नदी के उफान से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित कॉलेज परिसर में बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई। इस दौरान सांसद साक्षी महाराज, सदर विधायक पंकज गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष अनुराग अवस्थी और नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे, सांसद प्रतिनिधि अमितेश सिंह "नंदू" मौजूद रहे। सौ से अधिक ज़रूरतमंद परिवारों को राशन किट दी गईं। सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। वहीं विधायक पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रशासन हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुँचाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पश्चिमी चौकी और बालू घाट चौकी सहित गंगा किनारे के इलाकों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने पानी भरने, मवेशियों के चारे और सुरक्षित आवास की समस्या बताई। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, नावों की व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य टीम की तैनाती की है। नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे ने लोगों से अपील की कि किसी भी समस्या पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
राहत सामग्री वितरण
गंगाघाट के ओपीजेडी इंटर कॉलेज में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी गई। सौ से अधिक परिवारों को आटा, चावल, दाल, तेल, नमक और मसाले से भरी राशन किट दी गई।लोगों ने कहा कि समय पर मिली मदद से बड़ी राहत महसूस हुई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जरूरतमंदों तक और भी सामग्री पहुँचाई जाएगी।
सांसद का आश्वासन
सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि हर संभव मदद पहुँचाई जाएगी। सांसद ने प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी परिवार को राहत से वंचित न किया जाए। उनका कहना था कि आपदा की इस घड़ी में सरकार लगातार निगरानी कर रही है।
विधायक का भरोसा
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर राहत पहुँचाने की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार बिना सहायता के न रहे, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। विधायक ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से उनकी परेशानियां जानीं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर प्रभावित परिवार तक जरूरी मदद पहुँचाई जाएगी।
ग्रामीणों की परेशानी
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी भर गया है और मवेशियों के चारे की भारी दिक्कत है। लोगों ने कहा कि सुरक्षित आवास न होने से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई परिवार स्कूलों और पंचायत भवनों में शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने तत्काल पक्की व्यवस्था की मांग प्रशासन से की।
प्रशासन की व्यवस्था
प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत शिविर स्थापित कर दिए हैं। नावों की व्यवस्था की गई है ताकि लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुँच सकें। पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य टीम की तैनाती की गई है जिससे कोई बीमार न पड़े।अधिकारियों ने अपील की है कि समस्या होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।