गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें : सिलिंडर न मिलने से उपभोक्ता परेशान
Tue, Mar 10, 2026
घरेलू के साथ कमर्शियल सिलिंडर की कमी से छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ी
प्रशासन ने कहा– पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों से बचें
उन्नाव। शहर में रसोई गैस को लेकर अचानक परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। मंगलवार सुबह से ही अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। कई लोग सुबह से लाइन में खड़े रहे, लेकिन दोपहर तक भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिल सका। इससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों दिखाई दी। सबसे ज्यादा भीड़ हरदोई ओवरब्रिज के नीचे संचालित गैस एजेंसी और आईबीपी पेट्रोल पंप के पास स्थित एजेंसी पर देखने को मिली। सुबह करीब नौ बजे से ही लोग सिलिंडर लेने के लिए पहुंचने लगे थे। दस बजे के बाद हालात ऐसे हो गए कि एजेंसी के बाहर लंबी लाइन लग गई। तेज धूप में खड़े होकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने पहले ही गैस की बुकिंग करा रखी है, फिर भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे रोजमर्रा की रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो उन्हें अगले कुछ दिनों में और परेशानी उठानी पड़ सकती है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की दिक्कत भी बढ़ गई है। शहर में चाय, नाश्ते और समोसे के ठेले लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उन्हें कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गैस न मिलने से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। छोटे कारोबारियों का कहना है कि उनका पूरा धंधा गैस सिलिंडर पर ही चलता है। अगर समय पर सिलिंडर नहीं मिला तो दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है। इससे रोज की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा और परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर भी लोगों की चर्चा में है। वैश्विक बाजार में तेल और गैस को लेकर चल रही हलचल के कारण लोगों में आशंका बढ़ गई है। इसी वजह से कई लोग जल्दी-जल्दी गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि गैस कंपनियां और प्रशासन इस स्थिति को अफवाहों से जुड़ा बता रहे हैं। उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर मैसेज भेजकर उन्हें बेवजह की खबरों पर भरोसा न करने की सलाह दी जा रही है। कंपनियों का कहना है कि गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और किसी तरह की कमी नहीं है।
उपभोक्ताओं ने बताई परेशानी
हिरन नगर निवासी राहुल वर्मा ने बताया कि वह सुबह करीब नौ बजे गैस एजेंसी पहुंचे थे और तब से लाइन में खड़े हैं, लेकिन सिलिंडर नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि अब उम्मीद कम है कि आज गैस मिल सकेगी, इसलिए शायद उन्हें अगले दिन फिर आना पड़ेगा। किला निवासी के काशिफ अली का कहना है कि कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी गैस नहीं मिल रही है। बुकिंग होने के बावजूद इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों ने किया आश्वस्त
जिला आपूर्ति अधिकारी राज बहादुर सिंह का कहना है कि जिले में गैस की आपूर्ति लगातार हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कहीं भी दिक्कत की सूचना मिल रही है, वहां जानकारी लेकर आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। अधिकारियों के मुताबिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
नहर की खांदी कटने से सौ बीघा गेहूं की फसल डूबी : दो दर्जन किसानों को भारी नुकसान
Mon, Mar 9, 2026
सफाई न होने का आरोप, जेई को मौके पर भेजा गया
उन्नाव। हसनगंज क्षेत्र में लखनऊ शारदा नगर खंड-2 से निकले मोहान रजबहा की खांदी कटने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। रविवार तड़के हाजीपुर तरेहा गांव के पास तेज बहाव के कारण रजबहा की खांदी टूट गई। देखते ही देखते पानी आसपास के खेतों में फैल गया और करीब सौ बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे लगभग दो दर्जन किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार थी और कटाई का समय करीब था। ऐसे में अचानक नहर का पानी खेतों में भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सुबह जब ग्रामीणों ने खेतों की ओर देखा तो कई खेतों में पानी भरा मिला। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई और किसान मौके पर जुट गए। किसानों का कहना है कि नहर और रजबहा की समय पर सफाई नहीं कराई जाती है। सिल्ट और झाड़ियों के कारण पानी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे खांदी कटने की घटनाएं हो जाती हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इसी कारण हर साल किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है। उनका आरोप है कि विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तीन मार्च को भी इसी जगह खांदी कट गई थी, उस समय करीब 50 बीघा रबी की फसल पानी में डूब गई थी। उस घटना के कुछ ही दिनों बाद दोबारा खांदी कटने से किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर समय रहते पक्के इंतजाम किए जाते तो बार-बार ऐसी स्थिति नहीं बनती।घटना की जानकारी मिलने के बाद किसानों ने नहर विभाग को सूचना दी। प्रशासन की ओर से भी मामले को संज्ञान में लिया गया है। तहसीलदार अविनाश चौधरी ने बताया कि नहर विभाग के जेई को मौके पर भेजा गया है। टीम नुकसान का आकलन कर रही है और कटी हुई खांदी को जल्द बंद कराने का काम शुरू कराया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शाम तक खांदी को बांधकर पानी का बहाव नियंत्रित कर लिया जाएगा। हालांकि किसानों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी तैयार फसल को लेकर है। उनका कहना है कि अगर पानी जल्दी नहीं निकला तो गेहूं की फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी की है।
शहर जाम के जाल में फंसा : पांच मिनट का रास्ता तय करने में लग रहे 20 मिनट
Sun, Mar 8, 2026
अतिक्रमण, गलत पार्किंग और ई-रिक्शा-ऑटो की अव्यवस्था से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
उन्नाव। शहर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हालात यह हैं कि जिन सड़कों को 30 फीट चौड़ा बनाया गया था, वहां अतिक्रमण और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण केवल करीब 15 फीट जगह ही बच पाती है। इसके चलते शहर के प्रमुख बाजार और चौराहों पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। सब्जीमंडी से गांधीनगर तिराहा तक की दूरी सामान्य दिनों में पांच मिनट में तय हो सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में लोगों को 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। फुटपाथों पर दुकानों का फैलाव और सड़क पर खड़े वाहन यातायात को धीमा कर देते हैं। नतीजतन, सुबह से लेकर देर शाम तक कई जगह वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं।
इन मार्गों पर सबसे ज्यादा जाम
शहर के कई प्रमुख रास्तों पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इनमें सबसे ज्यादा बड़ा चौराहा से स्टेट बैंक मुख्य शाखा तक, छोटा चौराहा से डीएसएन कॉलेज मोड़, जिला अस्पताल से बैंक ऑफ इंडिया, हरदोई पुल से हनुमान मंदिर, कचहरी से एसपी कार्यालय तिराहा तक इन मार्गों पर अक्सर जाम लग जाता है। बाजार के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है।
फुटपाथों पर कब्जे से बढ़ी परेशानी
यातायात की समस्या का बड़ा कारण फुटपाथों पर बढ़ता अतिक्रमण भी है। कई दुकानदार अपना सामान सड़क तक फैलाकर रखते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे वाहन चालकों को भी दिक्कत होती है और जाम की स्थिति बन जाती है। त्योहारी सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है। होली और अन्य त्योहारों के समय अस्थायी दुकानों के कारण सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। शनिवार को भी शहर के मुख्य मार्गों पर कई बार जाम लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वेंडिंग जोन की योजना अधूरी
नगर पालिका ने फुटपाथों को खाली कराने और ठेला-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए शहर में 10 नो-वेंडिंग जोन और आठ वेंडिंग जोन चिह्नित किए थे। योजना का मकसद यह था कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में फुटपाथ खाली कराकर दुकानदारों को निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।लेकिन कई साल गुजर जाने के बाद भी यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। अभी तक केवल कचहरी पुल के नीचे एक ही वेंडिंग जोन बनाया जा सका है। जिला अस्पताल, आवास विकास कॉलोनी और स्टेशन रोड जैसे स्थानों पर वेंडिंग जोन की योजना अभी भी फाइलों में ही अटकी हुई है।
ई-रिक्शा और ऑटो भी बन रहे कारण
शहर में तेजी से बढ़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। नगर पालिका ने इन वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए रूट तय करने की योजना बनाई थी। इसके तहत करीब 2100 ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग रंग के स्टिकर जारी किए गए थे और पड़ाव के आधार पर संचालन का प्रस्ताव था। हालांकि, चालकों ने कमाई में अंतर का हवाला देते हुए इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। इसके बाद यह योजना भी लागू नहीं हो सकी और तीन साल बाद भी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो बिना तय रूट के ही चलते दिखाई देते हैं।
गांधीनगर तिराहा चौड़ीकरण से उम्मीद
शहर में जाम से राहत दिलाने के लिए फिलहाल गांधीनगर तिराहा के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया है। यह काम उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना पर करीब 1.77 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।तिराहे के बीच बने फव्वारे को हटाकर वहां गोल चबूतरा बनाया गया है। साथ ही बिजली के पोल भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि सड़क चौड़ी होने के बाद यहां जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी
नगर पालिका और यातायात पुलिस का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम के अनुसार दुकानदारों को फुटपाथ पर सामान न रखने की चेतावनी दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाया भी जाता है। उन्होंने बताया कि होली के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी दुकानें लग गई थीं। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिया जा रहा है और जल्द ही अभियान चलाकर फुटपाथ खाली कराए जाएंगे। वहीं यातायात प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में सदर बाजार क्षेत्र में अवैध पार्किंग के मामले में 50 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है।
लोगों की मांग
शहर के लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से राहत के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि ठोस और स्थायी व्यवस्था की जरूरत है। यदि वेंडिंग जोन, पार्किंग और ई-रिक्शा रूट की योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।