: नाला या फिर कूड़ा घर हर तरफ पॉलीथिन की भरमार
Tue, Apr 15, 2025
उत्तर प्रदेश उन्नाव
। सिंगल इंडस्ट्रीज़ प्लास्टिक पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है! इसके बाद भी शहर के बाजारों में प्रतिबंधित पॉलिथीन धड़ल्ले से इस्तेमाल की जा रही है।
आलम यह है कि सिंगल यूज पॉलिथीन कम होने के बजाय इसकी डिमांड बाजारों में बढ़ गई है। बीते एक महीने में पॉलिथीन के एक पैकेट के दाम में 5 रुपये की बढ़ोतरी भी हुई है।
शहर का नाला या फिर कूड़ा घर। हर तरफ पॉलीथिन की भरमार है। खाद की जरूरत पूरी करने के लिए खेतों में कूड़े के साथ पहुंचने वाली पॉलीथिन जमीन की तासीर खत्म करती है।
पर्यावरण की सबसे बड़ी दुश्मन पर एक बार फिर प्रतिबंध की बात चली है, तो हलचलें तेज हुई हैं। सवाल यह है कि क्या प्रतिबंध का पूरी तरह पालन हो सकेगा। हालाकिं नगर पालिका 16 अप्रैल को एक जन जागरूकता रैली निकालेगी। जिसके साथ ही एक सप्ताह तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
गौरतलब हो कि शहर के बड़ा चौेराहा, सदर बाज़ार, छोटा चौेराहा डा. मनोज वाली गली, कचौड़ी गली, ,आइबीपी चौराहा, धवनरोड, सब्जी मंडी समेत कई बाजारों में बैन पॉलिथीन की ब्रिकी खूब हो रही है। दुकानदार खुलेआम ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं। शहर में इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। सब्जी मंडी की हर दुकान पर पॉलिथीन के कई बंडल रखे हुए हैं। हनुमान मंदिर के फूल कारोबारी रवि ने बताया कि फूल मंडी में भी पॉलिथीन का खूब इस्तेमाल हो रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन के बावजूद पॉलिथीन की फैक्ट्रियां चल रही है। लोग भी इनका खूब इस्तेमाल कर रहे है। इनके दाम में भी इजाफा हो रहा है। पहले एक पैकेट पॉलिथीन की कीमत 55 रुपये थी, आज उसकी कीमत 60 रुपये हो गई है। वहीं, डा. मनोज वाली गली सब्जी मंडी में सिंगल यूज पॉलिथीन दूकानों पर बेची जा रही है। सब्जी कारोबारी राजू का आरोप है कि सब्जी मंडी के अधिकारियों की मिलीभगत से बैन पॉलिथीन खुलेआम बेची जा रही है।
चाय-जूस से लेकर ग्रॉसरी शॉप तक यूज़ हो रही बैन पॉलिथीन
दादामियां चौराहा हो या बाबूगंज,आईबीपी चौराहा या फिर मोती नगर लगभग सभी जगहों पर चाय की दुकान, जूस शॉप से लेकर ग्रॉसरी की दुकानों में बैन पॉलिथीन बिक रही हैं। स्टेशन रोड में पॉलिथीन का इस्तेमाल करने वाले एक व्यापारी ने सवाल किया कि जब फैक्ट्री में खुलेआम बैन पॉलिथीन बन रही हैं, तब इसके इस्तेमाल पर रोक कैसे लग सकेगी? अधिकारी फैक्ट्री पर लगाम नहीं कसते हैं। केवल दुकानदार को ही परेशान करते हैं।
इंसानों के साथ बेज़ुबानों की भी जान जोखिम में
सामाजिक कार्यकर्ता चेतन मिश्रा ने बताया कि बैन पॉलिथीन इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों के लिए भी खतरे का सबब बनती जा रही हैं। ज्यादातर सब्जी मंडी में गाय फेंकी गई सब्जियों के साथ पॉलिथीन भी खा जाती हैं, जिसकी वजह से उनकी जान जोखिम में आ जाती है। सब्जी मंडी में कई ऐसे केस देखने को मिले हैं। जिम्मेदार पॉलिथीन पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहे हैं।
इधर, नगर पालिका अध्यक्षा श्वेता मिश्रा ने बताया की पॉलिथीन का प्रयोग पर्यावरण के लिये बहुत हानिकारक है और इसकी रोकथाम के लिये अभियान व जागरूकता यात्रा निकाल कर जनता को जागरूक किया जायेगा।