: उन्नाव ने जीती प्रदेश में बाजी, आईजीआरएस रैंकिंग में नंबर-1
Thu, Oct 9, 2025
एसपी जय प्रकाश सिंह के निर्देशन में 19 थानों ने भी पाया शीर्ष स्थान
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) जनसुनवाई पोर्टल की मासिक रैंकिंग में उन्नाव ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में अपनी कार्यप्रणाली का लोहा मनवाया है। माह सितंबर-2025 की रैंकिंग में जनपद उन्नाव ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक श्री जय प्रकाश सिंह के कुशल नेतृत्व, टीमवर्क और पारदर्शी जनसुनवाई व्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है। लगातार शिकायतों के प्रभावी निस्तारण, जवाबदेही और जनता से संवाद की नीति ने उन्नाव पुलिस को राज्य स्तर पर नई पहचान दी है।
थानेवार शानदार प्रदर्शन
केवल जिले स्तर पर ही नहीं, बल्कि थानेवार रैंकिंग में भी उन्नाव ने कमाल किया है। जिले के 21 में से 19 थानों ने संपूर्ण प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे यह साफ होता है कि शिकायत निवारण की प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि इसे गंभीरता से अमल में लाया जा रहा है।
जनता से जुड़ाव पर जोर
एसपी जय प्रकाश सिंह ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि हर नागरिक को न्याय और भरोसे का अनुभव हो। यह उपलब्धि टीम के संयुक्त प्रयास और जनता के सहयोग से ही संभव हुई है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय जिले के सभी पुलिसकर्मियों को दिया और कहा कि हर अधिकारी और कर्मचारी ने जनता की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझकर उसका समाधान किया।
आईजीआरएस क्या है?
आईजीआरएस यानी Integrated Grievance Redressal System उत्तर प्रदेश शासन की ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है, जहां आम नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। शासन स्तर पर हर माह इसकी समीक्षा की जाती है और जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है।
प्रशंसा की लहर
प्रदेश स्तर पर उन्नाव के इस प्रदर्शन से पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है। आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी जिले की पुलिस टीम को बधाई दी है। माना जा रहा है कि यह रैंकिंग भविष्य में पुलिस-जन संवाद को और मजबूत करेगी।
: ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ संदेश के साथ अपर्णा यादव का उन्नाव दौरा
Wed, Oct 8, 2025
वन स्टॉप सेंटर में सेवाओं की समीक्षा, माताओं को दी उपहार किट
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बुधवार को जिले के दौरे पर पहुंचीं। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और वहां आयोजित ‘कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने नवजात कन्याओं और उनकी माताओं को उपहार किट देकर उनके सुखद और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
अपर्णा यादव का यह दौरा महिला आयोग के निरीक्षण और समीक्षा अभियान का हिस्सा था। वन स्टॉप सेंटर में पहुंचकर उन्होंने अस्पताल स्टाफ और अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी ली। केंद्र का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए और कहा कि महिलाओं को हर स्तर पर मदद और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘कन्या जन्मोत्सव’ का उद्देश्य समाज में बेटियों के जन्म को उत्सव की तरह मनाना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बेटियां केवल घर की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज की रीढ़ और देश की शक्ति हैं। उनकी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान ही वास्तविक प्रगति का आधार है।
अपर्णा यादव ने जिला अस्पताल प्रशासन और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिलाओं के लिए सहायता और परामर्श का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़िता को सहायता प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।उन्होंने महिलाओं से अपील की कि महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, महिला पावर लाइन 1090 और चाइल्ड लाइन 1098 जैसी सेवाओं का लाभ जरूर उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनकी जानकारी हर जरूरतमंद तक पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष ने नवजात बेटियों की माताओं से बातचीत की और उन्हें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आगे बढ़ेंगी, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डीपीओ, अस्पताल अधीक्षक, और वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
: पुलिस लाइन में महिला सशक्तिकरण का संदेश देती दौड़
Wed, Oct 8, 2025
सोनम सिंह बोलीं—महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही मिशन शक्ति का असली मकसद
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। रिजर्व पुलिस लाइन में बुधवार को “रन फॉर एम्पावरमेंट” कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत हुई इस मैराथन दौड़ का मकसद था—महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें सशक्त बनाना और समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना।
सुबह से ही पुलिस लाइन परिसर में जोश और ऊर्जा का माहौल था। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह और क्षेत्राधिकारी सफीपुर सोनम सिंह ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। “रन फॉर एम्पावरमेंट” के नारों के साथ जब महिला आरक्षियों और छात्राओं की टोली सड़क पर उतरी, तो शहर की फिज़ा में जागरूकता का संदेश गूंज उठा।
इस दौड़ में पुलिस लाइन की महिला आरक्षियों के अलावा जिले के कई विद्यालयों की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ के दौरान लोगों ने सड़कों के किनारे खड़े होकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
दौड़ पूरी होने के बाद क्षेत्राधिकारी सोनम सिंह ने सभी प्रतिभागियों को पोषाहार वितरित किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ही मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि समाज में महिलाएं अगर सजग और आत्मविश्वासी रहेंगी, तो अपराध खुद-ब-खुद कम होंगे।
सोनम सिंह ने बालिकाओं और महिलाओं को आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेने के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने महिला पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, आपात सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड लाइन 1098, एम्बुलेंस सेवा 108, स्वास्थ्य सेवा 102 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
इस मौके पर प्रतिसार निरीक्षक अब्दुल रशीद समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। पुलिस लाइन परिसर में महिला सशक्तिकरण से जुड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए, जिनसे लोगों को सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने बताया कि ऐसे आयोजनों से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में अपनी भूमिका को लेकर और जागरूक होती हैं। मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश लेकर शहर की गलियों से गुज़री।