बेखौफ चोरों का आतंक : चोरों ने दो मकानों से साफ किए लाखों
Sun, Dec 21, 2025
छत और सीढ़ी के रास्ते घुसकर कीमती जेवर-नकदी चोरी
उन्नाव। बीघापुर थाना क्षेत्र के सिंगहा गांव में शुक्रवार देर रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बेखौफ चोरों ने एक के बाद एक दो घरों को निशाना बनाते हुए नकदी और कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सिंगहा गांव निवासी किसान मनोज सिंह के घर चोर रात के अंधेरे में छत के रास्ते दाखिल हुए। घर के अंदर घुसते ही चोरों ने कमरों के ताले तोड़ दिए और बक्सों में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा करीब 50 हजार रुपये नकद समेट लिए। खास बात यह रही कि घर में अलग-अलग कमरों में सो रहे लोगों को चोरों ने बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया, जिससे किसी को भनक तक नहीं लगी।पहले घर को खंगालने के बाद चोर यहीं नहीं रुके। उन्होंने पास ही रहने वाले कोटेदार शिव प्रताप सिंह के मकान को भी निशाना बनाया। बताया गया कि चोर सीढ़ी के दरवाजे की कुंडी तोड़कर घर में घुसे और अलमारी का ताला चटकाकर पांच हजार रुपये नकद और एक जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। सुबह जब परिवार के लोग जागे, तब चोरी की जानकारी हुई। पीड़ित परिवारों का दावा है कि दोनों घरों से चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। सीओ मधुप नाथ मिश्र और थाना प्रभारी राजपाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया है, उससे किसी नजदीकी व्यक्ति की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इधर, गंगा कटरी क्षेत्र के सिंगहा गांव में हुई इस बड़ी चोरी के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों है। लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त न के बराबर होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज समेत कोई भी पुलिसकर्मी नियमित गश्त के लिए गांव में नहीं आता, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
इंस्टाग्राम रील में अपमानजनक टिप्पणी : उन्नाव में दर्ज हुआ मुकदमा
Sun, Dec 21, 2025
तहरीर के आधार पर केस दर्ज, दोषी पर होगी कानूनी कार्रवाई
उन्नाव। सोशल मीडिया पर चर्चित रील बनाने के एक मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। किन्नर समाज से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियों और लगातार धमकाने के आरोप में सदर कोतवाली पुलिस ने एक महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद शहर में इस पर चर्चा तेज हो गई है। बीघापुर कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन, शास्त्रीनगर निवासी किन्नर लकी ने सदर कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी। तहरीर में लकी ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के गदनखेड़ा मोहल्ला निवासी नाज खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से नौ और दस दिसंबर को कुछ वीडियो रील पोस्ट की थीं। इन रीलों में किन्नर समाज के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुईं। लकी के मुताबिक, इस मामले को लेकर उन्होंने 11 दिसंबर को पहली बार पुलिस को शिकायत दी थी। उस समय नाज खान थाने पहुंची थी और उसने अपने किए पर माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी कोई हरकत न करने का भरोसा दिया था। इसी आधार पर उस वक्त मामला शांत हो गया था। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी नाज खान का रवैया नहीं बदला। लकी ने पुलिस को बताया कि नाज लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किन्नर समाज को अपमानित कर रही है और धमकियां भी दे रही है। इससे न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा है, बल्कि पूरे किन्नर समाज में डर और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर कोतवाली पुलिस ने नई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सोशल मीडिया पर डाली गई आपत्तिजनक रीलों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, किन्नर समाज के लोगों ने भी मांग की है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
खबर का असर : निजी स्कूलों की मनमानी पर चला नोटिस
Sat, Dec 20, 2025
छुट्टी के बावजूद कक्षाएं संचालित करने का मामला, दो दिन में जवाब तलब
उन्नाव। शीतलहर और घने कोहरे के बीच छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी करने का मामला सामने आने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। आदेशों के उल्लंघन पर पांच निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब तलब किया गया है। दरअसल, लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित की गई थी, जबकि कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों का संचालन पूर्वाह्न 11:30 बजे से शाम तीन बजे तक सीमित समय के लिए करने को कहा गया था। यह आदेश बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए थे। इसके बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा सुबह के समय नियमित कक्षाएं संचालित करने और कक्षा पांच तक के बच्चों को स्कूल बुलाने की शिकायतें सामने आईं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से शिकायत भी की।
खबर का असर
शुक्रवार को द लखनऊ टाइम्स में निजी स्कूलों की इस मनमानी को प्रमुखता से उठाया गया। खबर में साफ तौर पर बताया गया कि जिलाधिकारी के आदेश सभी प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू हैं, इसके बावजूद कुछ निजी स्कूल इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के निर्देश दिए गए। जांच के बाद सामने आया कि शहर के विंग्स एकेडमी, जगन्नाथ शाह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, सिटी कान्वेंट पब्लिक स्कूल, लीलावती कॉन्वेंट, सर सैय्यद पब्लिक स्कूल और ब्रिलियंट एकेडमी में आदेशों के बावजूद छात्रों को बुलाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार पांडेय के माध्यम से संबंधित स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर दिया गया है। बीएसए शैलेष कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए 20 दिसंबर तक अवकाश के आदेश प्रभावी हैं और किसी भी स्कूल को इसका उल्लंघन करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं, यदि वे दो दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रशासन की इस सख्ती से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और आदेशों का पालन सभी स्कूलों को करना चाहिए। अब सभी की नजरें नोटिस के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।