घने कोहरे में सतर्कता जरूरी : उन्नाव पुलिस की एडवाइजरी, रफ्तार पर लगाम की अपील
Thu, Dec 18, 2025
नवाबगंज टोल प्लाजा पर डीएम–एसपी का निरीक्षण, मौके पर लगे रिफ्लेक्टर
उन्नाव। सर्दी के मौसम के साथ ही जिले में घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। खासकर सुबह और देर रात के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उन्नाव पुलिस ने यातायात सुरक्षा को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोहरे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि वाहन चालक नियमों का पालन करें और जल्दबाजी से बचें।
तेज रफ्तार बनी हादसों की बड़ी वजह
यातायात पुलिस के अनुसार कोहरे के दौरान सबसे बड़ा खतरा तेज रफ्तार से होता है। दृश्यता कम होने के कारण सामने चल रहे वाहन, अचानक मोड़ या खड़े वाहन समय पर दिखाई नहीं देते। ऐसे में तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि कोहरे में वाहन की गति सीमित रखें और हालात के अनुसार ही ड्राइव करें।
फॉग लाइट और हेडलाइट का सही इस्तेमाल जरूरी
एडवाइजरी में बताया गया है कि वाहन चलाते समय फॉग लाइट का सही तरीके से प्रयोग करें। हेडलाइट को हाई बीम पर रखने से सामने से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है, इसलिए लो बीम का इस्तेमाल करें। अत्यधिक कोहरे की स्थिति में इमरजेंसी इंडिकेटर का प्रयोग तभी करें जब वाहन खड़ा हो या बेहद धीमी गति से चल रहा हो।
ओवरटेकिंग से बचें, दूरी बनाकर चलें
पुलिस ने साफ कहा है कि कोहरे में बार-बार लेन बदलना और ओवरटेक करना जोखिम भरा होता है। आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया दी जा सके। यदि दृश्यता बहुत कम हो जाए तो जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकना ही बेहतर विकल्प है।
रिफ्लेक्टर टेप पर खास जोर
कोहरे में वाहनों की पहचान के लिए रिफ्लेक्टर टेप बेहद जरूरी माना गया है। पुलिस ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं, जिससे अंधेरे और कोहरे में वाहन दूर से ही नजर आ सकें।
टोल प्लाजा पर अधिकारियों का औचक निरीक्षण
इसी क्रम बुधवार देर शाम को जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया के साथ थाना अजगैन क्षेत्र के नवाबगंज टोल प्लाजा का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कोहरे के दौरान यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोल प्रशासन और प्रभारी निरीक्षक अजगैन को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोहरे के समय किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भारी और हल्के सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर टेप अनिवार्य रूप से लगवाने को कहा गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई वाहनों में तत्काल रिफ्लेक्टर टेप भी लगवाए गए।
प्रशासन की अपील: नियम मानें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन और पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में संयम और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सावधानी न सिर्फ आपकी, बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकती है। नियमों का पालन करें, जल्दबाजी से बचें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें।
कोहरे की चादर में एक्सप्रेसवे : तेज़ रफ्तार बन रही जानलेवा
Thu, Dec 18, 2025
अवैध कट, गलत पार्किंग और कमजोर निगरानी से बढ़ी दुर्घटनाएं
उन्नाव। सर्दी बढ़ते ही लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे पर हादसों का ग्राफ फिर ऊपर चढ़ने लगा है। सुबह और रात के समय घना कोहरा, उस पर तेज रफ्तार और लापरवाही, एक्सप्रेसवे को धीरे-धीरे खतरनाक बना रही है। हालात यह हैं कि लगभग रोज किसी न किसी हिस्से से दुर्घटना की खबर सामने आ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार सीमित ही नजर आता है।एक्सप्रेसवे के आसपास खेत, तालाब, नाले और नदी होने के कारण हल्की ठंड में ही घनी धुंध छा जाती है। दृश्यता कम होते ही कई चालक अंदाजे से वाहन चलाने लगते हैं। अचानक सामने खड़ा वाहन, डिवाइडर या कोई जानवर दिख जाए तो संभलने का मौका तक नहीं मिलता। बीते दिनों हुए हादसों में कई लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है, जबकि कई परिवार हमेशा के लिए जख्म लेकर लौटे हैं।
तड़के और देर रात सबसे ज्यादा खतरा
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का कहना है कि तड़के सुबह और देर रात हादसों का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। इसी वक्त कोहरा सबसे घना होता है, लेकिन स्पीड पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखता। संकेतक और चेतावनी बोर्ड तो लगे हैं, पर उनका असर सीमित है। कई हिस्सों में नियमित पेट्रोलिंग और सख्त निगरानी की कमी साफ महसूस होती है।
अवैध कट और गलत पार्किंग बनी बड़ी वजह
एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की बड़ी वजह अवैध कट और गलत पार्किंग भी है। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में खंभौली–कबीरपुर के पास बनी करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े वाहन अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। वहीं बेहटामुजावर थाना क्षेत्र तक करीब 40 किलोमीटर में दर्जन भर जगहों पर कंटीले तार काटकर लोगों ने अवैध रास्ते बना लिए हैं। इन कटों से लोग और छुट्टा मवेशी सीधे एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। जोगीकोट, रसूलपुर रूरी, हैबतपुर, नसिरापुर, रघुरामपुर, बहलोलपुर, सिरधरपुर और गहरपुरवा जैसे इलाके हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन चुके हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा हादसे
गहरपुरवा, देवखरी, जोगीकोट, गौरिया कला, बहलोलपुर और खंभौली गांवों के सामने एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। कोहरे के मौसम में यहां आड़े-तिरछे खड़े वाहन और अचानक कट पार करने वाले लोग खतरे को और बढ़ा देते हैं।
प्रशासन की तैयारी, लेकिन सवाल बरकरार
यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार अवैध कट बंद कराए जा रहे हैं और गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कोहरे को देखते हुए गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही एक्सप्रेसवे के नवीनीकरण के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू हुआ है, जिसमें क्रैश बैरियर बदलने, ब्लैक स्पॉट पर रोशनी और कैमरे लगाने की तैयारी शामिल है। हालांकि सवाल यही है कि जब तक ये सुधार पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरते, तब तक सफर कितना सुरक्षित है। जानकारों का मानना है कि कोहरे में स्पीड लिमिट कम करना, सक्रिय पेट्रोलिंग, तत्काल चालान और अवैध कट पर सख्ती बेहद जरूरी है। साथ ही वाहन चालकों को भी मौसम के मुताबिक सतर्कता और संयम दिखाना होगा।
हवाई पट्टी पर अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान, 8 वाहनों का चालान
इधर,
एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर अवैध पार्किंग को लेकर बांगरमऊ कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर शाम विशेष अभियान चलाया। इस दौरान गलत तरीके से खड़े ट्रक, डंपर और अन्य वाहनों को हटवाया गया और आठ वाहनों का चालान किया गया। बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि कोहरे के मौसम में सड़क पर खड़े वाहन बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं। इसलिए अवैध पार्किंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा गलत तरीके से वाहन खड़ा पाए जाने पर संबंधित वाहन को सीज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
कड़ाके की ठंड में डीएम–एसपी खुद मैदान में : बेसहारा और जरूरतमंदों को बांटे गए कंबल
Wed, Dec 17, 2025
रैन बसेरे, अलाव और कंबल वितरण को लेकर अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
उन्नाव। जिले में बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। बुधवार शाम जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हनुमान मंदिर के पास और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में निःसहाय, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए। शाम होते ही डीएम और एसपी खुद मैदान में उतरे। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर लोगों से उन्होंने सीधे मुलाकात की। कई लोग ठंड से कांपते हुए नजर आए, जिन्हें मौके पर ही कंबल उपलब्ध कराए गए। अधिकारियों ने जरूरतमंदों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि प्रशासन ठंड के इस मौसम में उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैन बसेरों की स्थिति का जायजा लिया और वहां मौजूद सुविधाओं को परखा। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें, पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाना सुनिश्चित करें और असहाय लोगों तक समय से कंबल पहुंचाए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि शीतलहर से बचाव के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जिले में शीतलहर से बचाव के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रैन बसेरों को सक्रिय रखा गया है, प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं और जरूरत के अनुसार कंबल वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग भी इस अभियान में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, सड़कों के किनारे और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। जहां भी कोई बेसहारा व्यक्ति ठंड से प्रभावित मिलता है, उसे तत्काल सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर इस चुनौती से निपट रहे हैं।
कंबल मिलने के बाद जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। कई लोगों ने कहा कि इस भीषण ठंड में कंबल उनके लिए बड़ी मदद साबित हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस का आभार भी जताया। मौके पर पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे और पूरी व्यवस्था संभालते नजर आए।
प्रशासन की ओर से आम जनता से अपील की गई कि अगर कहीं भी कोई बेसहारा या असहाय व्यक्ति ठंड से जूझता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उसे मदद पहुंचाई जा सके। शीतलहर के इस कठिन दौर में जिला प्रशासन की यह पहल न सिर्फ राहत पहुंचाने वाली रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि मुश्किल समय में प्रशासन आमजन के साथ खड़ा है।