दो लाख का लोन लिया : 48 घंटे में गिरवी जमीन बेच दी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Sep 24, 2026
बैंक का आरोप: राजस्व रिकॉर्ड में भी कराए बदलाव, कोर्ट के आदेश पर चार पर केस
उन्नाव। बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख रुपये का लोन लेने के बाद गिरवी रखी गई जमीन को महज 48 घंटे के भीतर बेचने का मामला सामने आया है। बैंक की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा। न्यायालय के आदेश पर हसनगंज कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में बैंक ने जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी और राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कराने के भी आरोप लगाए हैं। बैंक के मुख्य प्रबंधक पंकज कुमार की ओर से कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र के मुताबिक, दाउदपुर निवासी राम गोपाल सिंह ने वर्ष 2008 में न्योतनी स्थित बैंक शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन लेने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने दाउदपुर स्थित जमीन को बैंक के पक्ष में बंधक रखने की सहमति दी थी। बैंक का कहना है कि संबंधित दस्तावेज और शपथपत्र मिलने के बाद 27 फरवरी 2008 को राम गोपाल को दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
लोन मिलते ही जमीन का सौदा
बैंक ने आरोप लगाया कि ऋण स्वीकृत होने के सिर्फ दो दिन बाद ही राम गोपाल ने बंधक जमीन को रामदेई पत्नी नन्हकऊ के नाम बेच दिया। बिक्री विलेख एक मार्च 2008 को हसनगंज रजिस्ट्री कार्यालय में दर्ज होने की बात शिकायत में कही गई है। बैंक के मुताबिक, ऋण लेते समय दिए गए शपथपत्र में जमीन को बैंक के अलावा कहीं और बंधक या बेचने से इनकार किया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में भी कथित तौर पर हेरफेर कराया गया। बैंक ने आरोप लगाया कि पहले तहसील स्तर से एक आदेश हासिल कर जमीन राम गोपाल के नाम दर्ज कराई गई और बाद में उसी जमीन को बैंक में बंधक रखकर ऋण लिया गया। मामले की जानकारी सामने आने पर तहसीलदार हसनगंज की कार्रवाई में संबंधित आदेश निरस्त कर भूमि पूर्व स्वामिनी प्रीती पुत्री सरवन के नाम दर्ज किए जाने का उल्लेख बैंक ने किया है।
गारंटरों पर भी मिलीभगत का आरोप
मामले में बैंक ने राम गोपाल सिंह के साथ आर्य प्रताप सिंह निवासी आदमपुर बरोठी और शंकर सिंह निवासी सत्तीदीन खेड़ा को भी आरोपी बनाया है। बैंक का आरोप है कि दोनों ने ऋण दिलाने में पैरवी और गारंटी की थी और पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। वहीं रामदेई पर बंधक जमीन खरीदने का आरोप है। बैंक के मुताबिक, ऋण की रकम वापस नहीं होने से खाता एनपीए हो गया। इस पर 3.26 लाख रुपये ब्याज बकाया होने की बात शिकायत में कही गई है। बैंक कर्मचारियों के गांव पहुंचने पर उनके साथ अभद्रता और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
एक साल से ज्यादा पहले दी थी शिकायत
बैंक की शाखा प्रबंधक ने मामले में 14 जून 2025 को रजिस्टर्ड डाक से एसपी उन्नाव को शिकायत भेजी थी। आरोप है कि इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बैंक की ओर से कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। न्यायालय के आदेश के बाद हसनगंज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि जमीन और ऋण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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