Wed 22 Apr 2026

ब्रेकिंग

गंगाघाट में शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि

महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने पर भाजपा का फूटा गुस्सा,

की याद में पाँच रक्तदाताओं ने रक्तदान किया

ससुराल से घर लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक में हुए सनसनीखेज दंपति हत्याकांड में पुलिस को दूसरी बड़ी कामयाबी मिली है।

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

बार एसोसिएशन उन्नाव में गबन का आरोप : पूर्व अध्यक्ष–महामंत्री समेत पांच पर एफआईआर

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Dec 16, 2025
Post views : 243

76 लाख से अधिक के अंतर का दावा, पुलिस जांच में जुटी

उन्नाव। बार एसोसिएशन उन्नाव में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्रा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व अध्यक्ष, पूर्व महामंत्री सहित पांच नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ 76 लाख 22 हजार रुपये के गबन की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों में शामिल दोनों पूर्व पदाधिकारियों को इससे पहले ही एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त किया जा चुका है। बताया गया कि फरवरी 2025 में अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद गिरीश कुमार मिश्रा ने एसोसिएशन की वित्तीय स्थिति की समीक्षा शुरू कराई। इसी क्रम में कार्यालय लिपिक प्रताप शंकर रावत के माध्यम से पूर्व अध्यक्ष सतीश कुमार शुक्ला और पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित को पत्र भेजकर कलक्ट्रेट परिसर स्थित भगवान परशुराम अधिवक्ता भवन, राजा रावराम बक्स सिंह अधिवक्ता भवन और आचार्य विष्णु गुप्त चाणक्य अधिवक्ता भवन के निर्माण से जुड़े आय-व्यय का पूरा ब्योरा मांगा गया।अध्यक्ष का आरोप है कि पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री के मौखिक निर्देश पर भवन आवंटित अधिवक्ताओं से कुल एक करोड़ 21 लाख 26 हजार 500 रुपये जमा कराए गए थे, जिनकी रसीदें भी दी गईं। बाद में इन रसीदों और मूल बिलों को मिलान के नाम पर पूर्व पदाधिकारियों द्वारा अपने पास रख लिया गया, लेकिन निर्धारित समय पर मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए।

एल्डर कमेटी की जांच में खुलासा

अध्यक्ष गिरिश कुमार मिश्र ने पुलिस को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एल्डर कमेटी के सदस्य विजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई। समिति ने 23 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पूर्व अध्यक्ष सतीश कुमार शुक्ला और पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित को आय-व्यय की मूल प्रतियां उपलब्ध न कराने और 76.22 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर दोनों पूर्व पदाधिकारियों को एक माह के भीतर कथित गबन की राशि बार एसोसिएशन के खाते में जमा करने का आदेश दिया गया, लेकिन तय अवधि में धनराशि जमा नहीं की गई।

कूटरचित बिलों की भी शिकायत

तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री ने जगत ट्रेडर्स, कब्बाखेड़ा के प्रोप्राइटर, सुमित ब्रिक फील्ड करोवन के प्रोप्राइटर और कार्यालय के तत्कालीन कर्मचारी विजय प्रताप सिंह की मिलीभगत से मूल बिलों के स्थान पर कूटरचित बिलों की फोटो प्रतियां प्रस्तुत कीं। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला, पूर्व महामंत्री अरविंद दीक्षित, जगत ट्रेडर्स और सुमित ब्रिक फील्ड के प्रोप्राइटर तथा हसनगंज थाना क्षेत्र के अमोइया निवासी विजय प्रताप सिंह के खिलाफ गबन सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस का बयान

कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व अध्यक्ष ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित

वहीं, मामले में नामजद पूर्व अध्यक्ष सतीश कुमार शुक्ला ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल चुनाव के समय उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। उनका दावा है कि निष्पक्ष जांच में सभी आरोप गलत साबित होंगे और उन्होंने किसी भी प्रकार का गबन नहीं किया है। फिलहाल, उन्नाव बार एसोसिएशन से जुड़े इस प्रकरण ने अधिवक्ता समाज में हलचल मचा दी है और अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन