“न नौ मन तेल होगा…” : उन्नाव में साक्षी महाराज का विपक्ष पर तंज
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Apr 21, 2026
मुफ्त बिजली और आर्थिक मदद के वादों पर निशाना, अखिलेश यादव को दी नसीहत
उन्नाव। भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने मंगलवार को अपने उन्नाव स्थित कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बातचीत के दौरान उनका फोकस खास तौर पर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर रहा।
अखिलेश पर निशाना, मुलायम की दी सीख की याद
साक्षी महाराज ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता मुलायम सिंह यादव से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने मुलायम सिंह को “जमीनी नेता” बताते हुए कहा कि राजनीति में व्यवहार और संवाद की अहमियत समझनी चाहिए। उन्होंने एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंच पर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव का हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देकर आशीर्वाद दिया था। सांसद के मुताबिक, लोकसभा में भी मुलायम सिंह यादव ने मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ की थी और यह बात राजनीति में परिपक्वता का उदाहरण है।
चुनावी वादों पर तंज
पत्रकारों के सवालों के जवाब में साक्षी महाराज ने विपक्ष के चुनावी वादों को लेकर भी कटाक्ष किया। मुफ्त बिजली और महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे वादों पर उन्होंने कहा कि यह सब “जमीन पर उतरने वाला नहीं है।” उन्होंने मुहावरे के अंदाज में कहा कि “न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी”, यानी ऐसे वादे सिर्फ घोषणा तक ही सीमित रह जाते हैं। उनका कहना था कि अब जनता भी इन बातों को समझने लगी है और केवल वादों से प्रभावित नहीं होती।
नारी वंदन अधिनियम पर विपक्ष पर आरोप
सांसद ने महिला आरक्षण से जुड़े नारी वंदन अधिनियम को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए गंभीर है, लेकिन विपक्ष ने इसमें भी शर्तें जोड़कर प्रक्रिया को कठिन बनाया। उन्होंने बताया कि जब विपक्ष ने 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग रखी, तब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर तुरंत विचार की बात कही थी। इसके बावजूद विपक्ष का रुख सहयोगात्मक नहीं रहा, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
लोकसभा सीटों में असमानता का मुद्दा
साक्षी महाराज ने एक अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में लोकसभा क्षेत्रों के आकार और मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर है। कुछ सीटों पर 40 से 48 लाख मतदाता हैं, जबकि कुछ जगहों पर यह संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार इस असमानता को दूर करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रतिनिधित्व संतुलित हो सके।
सांस्कृतिक पहचान पर भी जोर
अपने दूसरे बयान में साक्षी महाराज ने देश की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति से है और इसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने मां काली, सुभाष चंद्र बोस, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रामकृष्ण परमहंस जैसे महान व्यक्तित्वों को याद करते हुए कहा कि यह देश उनकी विरासत से बना है और इसे बदला नहीं जा सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले क्रांतिकारियों को भी नमन किया और कहा कि देश को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।
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