तीन अपनों को खोने का सदमा : पति की तेरहवीं के अगले दिन पत्नी ने लगा ली फांसी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Mar 14, 2026
व्हाट्सएप वीडियो में बोलीं—तीन साल में तीन अपनों को खो दिया, अब सहन नहीं होता
उन्नाव। शहर के पीडी नगर मोहल्ले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पति की तेरहवीं के अगले ही दिन एक 28 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। महिला ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो बनाकर व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा किया था, जिसमें उसने पति के बिना जीवन जी पाने में असमर्थता जताते हुए अपनी अंतिम इच्छाएं भी व्यक्त कीं। सदर कोतवाली क्षेत्र के पीडी नगर निवासी अशोक उर्फ बबलू का दो मार्च को बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार के लोगों ने बताया कि शुक्रवार को उनकी तेरहवीं की रस्म पूरी हुई थी। इसके अगले ही दिन शनिवार सुबह उनकी पत्नी आरती उर्फ एकता (28) ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी।

मृतक के छोटे भाई रोहित के मुताबिक, भाई की मौत के बाद से ही भाभी गहरे सदमे में थीं। वह अक्सर खुद को अकेला बताते हुए रोती रहती थीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन पति के निधन का दुख वह सहन नहीं कर पा रही थीं। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह आरती ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में वह सभी को नमस्कार करते हुए कहती हैं कि उनका अंतिम संस्कार अच्छे से कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पति के बिना वह अब जी नहीं सकतीं और इतने कम समय में लगातार तीन अपनों को खोने का दुख सहन करना उनके लिए संभव नहीं है। वीडियो में आरती ने यह भी कहा कि माता-पिता के बाद पति ही एक लड़की का सबसे बड़ा सहारा होता है। लेकिन भगवान ने उनसे उनके माता-पिता और पति तीनों को छीन लिया। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें ढांढस बंधाते हैं कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उन्हें अब ऐसा कोई सहारा नजर नहीं आता जिससे वह सामान्य जीवन जी सकें। रोहित ने बताया कि स्टेटस देखने के बाद पास में रहने वाली उनकी मौसी तुरंत घर पहुंचीं, लेकिन तब तक आरती फंदे से लटक चुकी थीं। परिवार के लोगों ने उन्हें उतारने की कोशिश की, मगर उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह ने बताया कि महिला के मोबाइल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है। परिवार वालों के मुताबिक, आरती अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। वह अपने पति के साथ पीडी नगर में ही माता-पिता के साथ रहती थीं। पिछले दो वर्षों में पहले उनकी मां और फिर पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं से वह पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थीं कि इसी बीच पति का भी निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि आरती और अशोक की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में पति की मौत के बाद उनका अकेलापन और बढ़ गया था। इसी मानसिक तनाव में उन्होंने यह कदम उठा लिया। वीडियो में आरती ने परिजनों से एक और इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि घर के पास खाली पड़े प्लॉट में उनके और उनके पति की एक साथ मूर्ति लगवा दी जाए, ताकि दोनों हमेशा साथ रह सकें। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पूरी तरह पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले में अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
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