अंदरूनी कलह खुलकर सामने : कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपनी ही टीम पर लगाया बदनामी का आरोप
Tue, Nov 25, 2025
कार्यकर्ताओं में खलबली, आपसी मनमुटाव ने पार्टी की एकजुटता पर खड़ा किया सवाल
उन्नाव। जिला कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान इस कदर बढ़ गई है कि मामला अब कानूनी नोटिसों तक पहुंच गया है। संगठन चलाने की जिम्मेदारी संभाल रहे जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने अपनी ही पार्टी के सात नेताओं और कार्यकर्ताओं को वकील के माध्यम से मानहानि का नोटिस भेज दिया है। आरोप है कि इन लोगों ने अलग अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक बातें फैलाईं, जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा।
धड़ेबाजी खुलकर सतह पर
काफी समय से चल रही नाराजगी और आपसी कटुता अब सार्वजनिक हो गई है। जिले भर में इस नोटिस की चर्चा जोरों पर है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठनात्मक मतभेद पहले भी रहे हैं, पर मामला अदालत की चौखट पर ले जाना एक नई स्थिति पैदा कर रहा है।
नोटिस में लगाए गए आरोप
जिलाध्यक्ष की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि कुछ नेताओं ने व्हाट्सएप ग्रुप में उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां डालीं। नोटिस में यह भी जिक्र है कि पहले भी उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश की गई।अधिवक्ता कृष्णगोपाल शुक्ला द्वारा भेजे गए नोटिस में हर व्यक्ति से 8 लाख रुपये का हर्जाना 15 दिन के भीतर जमा करने की मांग की गई है। इसमें 5 लाख रुपये मानसिक पीड़ा, 2 लाख रुपये सामाजिक क्षति और 1 लाख रुपये शारीरिक कष्ट पहुंचाने के आधार पर मांगे गए हैं।
किन लोगों पर कार्रवाई
जिलाध्यक्ष ने जिन सात लोगों को नोटिस भेजा है, उनमें शामिल हैं:
पूर्व जिलाध्यक्ष आरती बाजपेयी (लखनऊ निवासी)
आशीष त्रिपाठी (उन्नाव, कचहरी कंपाउंड)
फैज फारूखी (अटल बिहारी नगर, उन्नाव)
ओमकांत पांडेय (राजधानी मार्ग, शहर उन्नाव)
अतुल शुक्ला (गणेशगंज, बांगरमऊ)
अगमदेव सिंह कुशवाहा (अकरमपुर)
संजीव शुक्ला (संडीला रोड, बांगरमऊ)
संगठन के भीतर हलचल
जिलाध्यक्ष ने नोटिस में खुद को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सदस्य, अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा का प्रदेश महासचिव और उन्नाव जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बताते हुए कहा है कि लगातार फैलाए जा रहे दुष्प्रचार ने उनके समाजिक जीवन को प्रभावित किया है। इस पूरे मामले ने कांग्रेस के जिला संगठन में भारी उथल पुथल मचा दी है। कई कार्यकर्ता खुलेआम कह रहे हैं कि पार्टी की अंदरूनी समस्याएं बातचीत से हल होनी चाहिए थीं, लेकिन कानूनी मोड़ लेने से नुकसान ज्यादा और फायदा कम होगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नोटिस पाने वाले लोग कानूनी जवाब देते हैं या मामले को किसी समझौते के माध्यम से सुलझाने की कोशिश करते हैं।
शादी की दहलीज पर खड़ी नाबालिग : चाइल्ड हेल्पलाइन ने समय रहते रोका
Mon, Nov 24, 2025
बाल विवाह कानून के तहत दोनों पक्षों से पूछताछ, आगे कार्रवाई तय
उन्नाव। नाबालिग शादियों पर रोक को लेकर प्रशासन की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। जिले में बाल विवाह की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के दावे कई बार किए जाते हैं, लेकिन सोमवार दोपहर मिली एक सूचना ने पूरे सिस्टम को तुरंत हरकत में ला दिया। उसी फुर्ती का नतीजा था कि एक किशोरी की जिंदगी समय रहते बच गई। बता दें कि अजगैन थाना क्षेत्र के धरागढ़ गांव की एक नाबालिग बालिका का विवाह लखनऊ बाईपास स्थित अन्नपूर्णा धाम में तय किया गया था। सदर कोतवाली क्षेत्र के किशोरी खेड़ा के एक युवक से उसकी शादी की तैयारियां पूरी रफ्तार में थीं। इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन आया कि एक नाबालिग बालिका की शादी कराई जा रही है। शिकायत मिलते ही जिला समन्वयक दिवाकर ओझा ने मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और स्थानीय पुलिस बिना देरी किए मौके के लिए निकल गई। टीम जब पहुंची तो मंडप सजा था, रस्में शुरू हो चुकी थीं और परिवार विवाह पूरा कराने की कगार पर था। टीम ने मौके पर ही शादी रुकवा दी और बालिका को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति उन्नाव के सामने पेश किया गया। समिति ने बालिका की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और आगे की जरूरतों को देखते हुए उसे वन स्टॉप सेंटर में रखने का आदेश दिया। आदेश के बाद बालिका को सेंटर भेज दिया गया, जहां उसकी देखभाल और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग की शादी कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। पूरे मामले में दोनों परिवारों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।चाइल्ड हेल्पलाइन जिला टीम का कहना है कि सही समय पर मिली सूचना ने एक बच्ची को गलत दिशा में जाने से बचा लिया। टीम ने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी जानकारी को छुपाएं नहीं, तुरंत 1098 पर सूचित करें ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
रामभक्ति के रंग में उन्नाव : सदर विधायक ने यात्रा दल को दी विदाई
Mon, Nov 24, 2025
एसपी जय प्रकाश सिंह ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायज़ा लिया
उन्नाव। अयोध्या में 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर जिले में सोमवार को पूरे दिन भक्तिमय और तैयारी वाला माहौल बना रहा। सुबह उन्नाव से राम भक्तों का बड़ा दल विशेष बसों से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। रवानगी स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ गूंज रही थी और ढोल, नगाड़ों व जयकारों ने पूरे परिसर को रामभक्ति के रंग में रंग दिया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने यात्रा दल को सम्मानपूर्वक विदा किया। उन्होंने भक्तों को माला और पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया और कहा कि अयोध्या में होने वाला ध्वजारोहण देश के लिए गर्व का क्षण है।
विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति इस आयोजन को ऐतिहासिक बना देगी। आयोजन समिति ने सभी यात्रियों को पहचान पत्र भी दिए ताकि अयोध्या में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था के दौरान कोई दिक्कत न आए। बसों में बैठते समय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में उत्साह साफ नजर आया। कई श्रद्धालु पहली बार इतने बड़े धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने जा रहे थे। रवाना होने से पहले सामूहिक आरती हुई। स्थानीय लोगों ने फल, पानी और प्रसाद वितरित कर भक्तों को शुभ यात्रा दी। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री सुनील गुप्ता, विभाग अध्यक्ष सुरेश पांडेय और प्रांत मंत्री अविनाश उपस्थित थे।
प्रशासन तैयार, यातायात व्यवस्था सख्त
इधर,
अयोध्या में प्रस्तावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए उन्नाव पुलिस लगातार मैदानी समीक्षा कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने थाना दही क्षेत्र के पुरवा मोड़ डायवर्जन प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने रूट डायवर्जन, भारी वाहनों की आवाजाही और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों की जांच की। मौके पर मौजूद कर्मियों को भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के संबंध में निर्देश दिए गए। इसके बाद एसपी जय प्रकाश सिंह ने थाना अजगैन क्षेत्रांतर्गत नवाबगंज टोल प्लाजा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने टोल प्रबंधन और ट्रैफिक ड्यूटी में लगे पुलिस बल से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एसपी ने कहा कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान जिले में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए हर प्वाइंट पर सतर्कता जरूरी है। उन्नाव प्रशासन और पुलिस की इन तैयारियों का उद्देश्य यही है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रहे, ताकि अयोध्या के ऐतिहासिक आयोजन में किसी प्रकार की बाधा न आए।