: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई RO-ARO की परीक्षा, 10848 परीक्षार्थी होंगे शामिल
Sun, Jul 27, 2025
सैय्यद
फैज़ान
शीबू
रहमान✍️
उन्नाव। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरओ, एआरओ परीक्षा की शुरुआत हो गई। जिले में कुल 26 परीक्षा केंद्रो पर इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दस हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात है, जो परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेंगे। पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरा के निगरानी में हो रही है।
दरअसल आज जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर आरओ एआरओ परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा को सकुशल और निर्विवाद रूप से संपन्न करने के लिए उन्नाव प्रशासन ने पूरी तरह से एक्टिव मोड में है।
अपर जिलाअधिकरी सुशील कुमार गोंड और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाकर तैयारी का जायजा लिया इसके बाद आज सुबह 8:00 बजे इस परीक्षा की शुरुआत हो गई। खुद सीओ सिटी सोनम सिंह परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल के साथ सघन चेकिंग कर रही है। इस परीक्षा का आयोजन जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है जिसमें कुल 10848 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके संपन्न करने के लिए सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर तैनात है। परीक्षा पूरी तरह से नकल विहीन संपन्न हो इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रोंपर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसका एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। खुद जिले के बड़े अफसर भ्रमणशील रहकर सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने को कहा गया है। यदि किसी केंद्र पर अभ्यर्थियों या बाहरी व्यक्तियों द्वारा अनुचित गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसपी दीपक भूकर ने आश्वासन दिया है कि परिक्षा को सफल तरीके से संपन्न कराया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
[video width="848" height="478" mp4="https://thelucknowtimes.in/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250727-WA0210.mp4"][/video]
: सपा नेताओं ने पुण्यतिथि पर फूलन देवी को किया याद
Fri, Jul 25, 2025
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में पूर्व सांसद स्व. फूलन देवी की 24 वीं पुण्यतिथि मनाई। इस मौके पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी गई। गोष्ठी में सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि वीरांगना स्व. फूलन देवी ने पूरे जीवन भर संघर्ष किया। वह एक जमीन से जुड़ी नेता थी। उन्होंने गरीबों,महिलाओं की उम्मीदों को पूरा किया। फूलन देवी की कहानी समाज के पिछड़े, वंचित और दलित समाज के संघर्ष का इतिहास है। वह कश्यप, मल्लाह, बिंद, निषाद, बाथम, समाज की अस्मिता और सामाजिक न्याय की प्रतीक बन गई थीं। राजेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उन्हें मिर्जापुर-भदोही से सांसद बनाकर पिछड़े और दलित समाज को उनका हक और सम्मान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया था।
सपा पूर्व विधायक रामकुमार ने कहा कि फूलन देवी की कहानी समाज के पिछड़े वंचित और दलित समाज के संघर्ष का इतिहास है। वह निषाद, मल्लाह, बिंद, कश्यप, माझी समाज की अस्मिता और सामाजिक न्याय का प्रतीक बन गई थीं। 25 जुलाई को दिल्ली में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
राजेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा से ही समाज के शोषित, वंचित, पीड़ित वर्ग के हितों को लेकर संघर्ष किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में आगे भी यह सघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर अमन अंजुम, राहुल अग्निहोत्री, लकी यादव, हेमंत पाल, अंकित यादव, रमन पटेल, धीरेंद्र यादव आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।
: टेस्टिंग में फंसी "अमृत योजना की धारा" नगर पालिका ने किया किनारा
Tue, Jul 22, 2025
6 साल में 12वीं बार समय सीमा बढ़ाई, 12.40 करोड़ का लग चुका जुर्माना
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट अमृत योजना छह साल बीत जाने के बावाजूद शहर में अभी भी टेस्टिंग के दौर में फंसी हुई है। जल निगम ने 10 में सात जोन काम पूरा होने की रिपोर्ट लगा, नगर पालिका को हस्तांतरण के लिए फाइल भेजी। लाइनों में लीकेज के चलते नगर पालिका ने फिलहाल योजना को हैंडओवर लेने से किनारा कर लिया है। वहीं समीक्षा बैठक में डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाकर जांच और सुधार कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं मे से एक अमृत योजना जो कि वर्ष 2018 में शहर के सभी 32 वार्डों के 30,298 घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए 264 करोड़ की योजना मंजूर हुई थी। गंगा नदी के पानी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करते हर घर तक जलापूर्ति करनी है, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ती रही और शहर वासियों को नियमित रुप से शुद्ध जल अभी तक नहीं मिल पाया। टेस्टिंग में लाइन दो महीने में 28 जगह लीकेज हुई है। जल निगम ने दस में सात जोन काम पूरा होने की रिपोर्ट लगा, नगर पालिका को हस्तांतरण के लिए फाइल भेजी। पालिका ने फाइल लौटा दी। करोड़ों की योजना दो विभागों के बीच फंसी है और शहरियों को अमृत नहीं मिल पा रहा है।
जुर्माने के बावाजूद कछुआ चाल
की रफ्तार
छह साल से बन रही अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना के लिए 12वीं बार समय सीमा बढ़ाई गई, लेकिन जलनिगम की लापरवाही और कार्यदायी संस्था द्वारा कछुआ चाल की रफ्तार से यह योजना शहर वासियों को पूरी तरह से पानी नहीं दे पाई। जल निगम का दावा है कि 10 में से सात जोन की टेस्टिंग पूरी हो गई है और तीन में अंतिम चरण का काम चल रहा है।
लीकेजों के चलते नगरपालिका ने लौटाई फाइल
जलनिगम ने सात जोन हस्तांतरित करने के लिए नगर पालिका को फाइल भी भेजी लेकिन पाइप लाइनों में टूट-फूट और लीकेज खत्म न होने तक परियोजना की जिम्मेदारी लेने से इन्कार करते हुए फाइल लौटा दी है। मामले की जानकारी पर डीएम गौरांग ने एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें लघु सिंचाई के एई, एक्सईएन जल निगम नगर पालिका के ईओ व जेई शामिल हैं। यह टीम पहले चरण में चार जोन का निरीक्षण करके खामियों का सुधार कराएगी। डीएम ने 15 दिन में चार जोन दुरुस्त करने और हस्तांतरित कराने का निर्देश दिया है।
जुर्माने के बावाजूद लापरवाही जारी
पेयजल की इस योजना में लगातार देरी और गड़बड़ी पर तत्कालीन डीएम के आदेश के बाद जल निगम ने कार्यदायी संस्था पर अब तक 12.40 करोड़ का जुर्माना की कार्रवाई कर चुकी है। जिसमें खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कराने व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और फिर लेटलतीफी को लेकर 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगा था। बीते साल सितंबर 2024 में भी लेटलतीफी पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगा। इसके बाद भी जलनिगम और कार्यदायी संस्था की लापरवाही का क्रम जारी है।
क्या कहते है
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा का कहना है कि भूमिगत पाइप लाइनों में अक्सर कहीं न कहीं लीकेज होता है। पूरी तरह टेस्टिंग और कुछ महीने तक बिना बाधा के जलापूर्ति होने के बाद ही अमृत योजना की जिम्मेदारी ली जाएगी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह परियोजना खर्चीली साबित हो रही है और नगर पालिका के पास इतना बजट नहीं होता। जलनिगम, छह महीने इसका खुद संचालन करे, सुचारु रूप से चलने पर पालिका इस परियोजना की जिम्मेदारी लेगी।
वहीं नगर पालिका जेई विवेक वर्मा ने कहा कि जल निगम की निर्माण एजेंसी एक साल से टेस्टिंग ही कर रहा है। कहीं भी जलापूर्ति सही तरीके से शुरू नहीं हो सकी है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था नगर पालिका के 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से की जा रही है। परियोजना की जिम्मेदारी तभी ली जाएगी जब सुनिश्चित हो जाएगा कि कोई गड़बड़ी नहीं है।
उधर, जल निगम एक्सईएन पंकज रंजन झा ने कहा कि शहर के 10 में सात जोन पूरे हो चुके हैं। रोज एक बार पानी का पूरा प्रेशर डाल कर टेस्टिंग भी की जाती है। जहां भी समस्या आई उसे ठीक करा दिया गया है। इन सात जोन में कोई समस्या नहीं है। तीन जोन में टेस्टिंग का काम चल रहा है। वह भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।