ढाबे में घुसकर तोड़फोड़ : संचालक को पीटा
Mon, Sep 28, 2026
बचाव में आए कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ा, चार लोगों पर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप; रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र के बिचपरी गांव में ढाबे के बाहर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में अंदर तक पहुंच गया। आरोप है कि चार लोगों ने पहले ढाबा संचालक के साथ गालीगलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। बीच में आए कर्मचारियों को भी पीटा गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने ढाबे में तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कानपुर के डिप्टी पड़ाव निवासी रिंकू मिश्रा बिचपरी स्थित प्रधान ढाबा संचालित करते हैं। पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक 24 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे वह ढाबे पर मौजूद थे। इसी दौरान सामने कुछ लोगों के बीच विवाद चल रहा था। रिंकू ने मामला शांत कराने के लिए बीचबचाव किया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर सुनील, कल्लू, मोहित और अरविंद ने रिंकू के साथ गालीगलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते उनके साथ मारपीट की जाने लगी। ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी बीच में पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया।
सामान में की तोड़फोड़
मारपीट के दौरान ढाबे पर हंगामा बढ़ गया। आरोप है कि आरोपियों ने ढाबे में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद सभी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से निकल गए। घटना के बाद रिंकू ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
सात दिन चलेगा कार्यक्रम : शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियां तेज
Mon, Sep 28, 2026
30 अक्टूबर से बीघापुर में जुटेंगे श्रद्धालु, अरुण सिंह के आह्वान पर तय हुई जिम्मेदारियां
उन्नाव। पंडित प्रदीप मिश्रा ‘सीहोर वाले’ के श्रीमुख से होने वाली शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक गौरी, बीघापुर स्थित शिवाय सिटी सेम डे में होने वाली कथा में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोजन स्थल पर भीड़, पानी, प्रसाद और बैठने समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। कथा के आयोजन को लेकर जिला सहकारी बैंक कार्यालय में आयोजक एवं जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण सिंह के आह्वान पर व्यवस्था समिति की बैठक हुई। इसमें आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपने के साथ जरूरी सुझाव भी लिए गए।
अलग-अलग दीर्घाओं की रहेगी व्यवस्था
आयोजन में पुरुष और महिलाओं के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घा बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा मीडिया कर्मियों के लिए भी पत्रकार दीर्घा बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। कथा में एक सप्ताह तक रुकने वाले लोगों की सुविधा के लिए ठहरने के स्थान और स्नानागार की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव लिए गए।
प्रशासनिक अफसरों और विशिष्ट लोगों को बुलाने पर चर्चा
बैठक में शासन के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कथा में आमंत्रित करने पर भी विचार किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को बुलाकर पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद दिलाने की योजना पर भी चर्चा हुई। समिति ने आयोजन को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए सभी सदस्यों से अपनी-अपनी जिम्मेदारी पूरी करने की अपील की। बैठक में निर्भय सिंह लाला, मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, रवींद्र तिवारी, अभय सिंह, शाखा प्रबंधक उपेंद्र सिंह, डॉ. मनीष सिंह सेंगर, कर्मक्रांति सेवा फाउंडेशन अध्यक्ष चेतन मिश्रा, गीतेश सिंह मोनू, सुजीत सिंह, अंबुज मिश्रा और तरुण द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर शिव महापुराण का श्रवण करने की अपील की।
पुल बनेगा : अब पश्चिमी गंगाघाट के रास्ते की बारी
Mon, Sep 28, 2026
50 हजार आबादी के लिए रैंप की मांग, हर साल बाढ़ झेल रहे शहर के स्थायी समाधान की भी उठी आवाज
उन्नाव/गंगाघाट। निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल को लेकर पश्चिमी गंगाघाट के लोगों की चिंता सामने आई है। क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आशंका है कि अगर पुल से पश्चिमी गंगाघाट की ओर उतरने के लिए रैंप या एप्रोच मार्ग नहीं बनाया गया तो पुल बनने के बाद भी उन्हें इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे को लेकर पूर्व नौसैनिक एवं संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय ने प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। संदीप पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी गंगाघाट के चार वार्डों में बड़ी आबादी रहती है। यहां पहले से रेलवे क्रॉसिंग के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नया गंगा पुल क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा बन सकता है, लेकिन इसके लिए पश्चिमी गंगाघाट की तरफ उतरने का रास्ता जरूरी है।उन्होंने मंत्री से पुल का निर्माण पूरा होने से पहले ही तकनीकी स्तर पर सर्वे कराने और जरूरत के मुताबिक रैंप अथवा एप्रोच मार्ग की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि निर्माण के बाद अलग से रास्ता तैयार करना मुश्किल और अधिक खर्चीला हो सकता है। इसलिए अभी से इसकी योजना बनाए जाने की जरूरत है।
हर साल बाढ़, स्थायी इंतजाम की मांग
बैठक में गंगाघाट की दूसरी बड़ी समस्या बाढ़ को लेकर भी चर्चा हुई। क्षेत्र में हर साल बाढ़ आने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव और बाढ़ का असर स्थानीय आबादी के साथ आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। संदीप पाण्डेय ने बाढ़ से हर साल होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान निकालने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कराने की मांग की। उन्होंने आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की जरूरत बताई, ताकि हर वर्ष बाढ़ आने पर राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि नया गंगा पुल और बाढ़ से राहत, दोनों ही गंगाघाट के भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर आगे भी प्रयास किए जाएंगे।