बेटी के मेडिकल दाखिले में ठगी : जेल अधीक्षक से 23 लाख की धोखाधड़ी
Sun, Feb 1, 2026
कॉलेज के नाम पर बनवाए गए बैंक ड्राफ्ट, बाद में बंद मिला कार्यालय
उन्नाव। नीट काउंसिलिंग के जरिए बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर जिला जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह से 23 लाख रुपये की ठगी की गई। जालसाजों ने खुद को कंसलटेंसी संचालक बताकर भरोसे में लेते हुए रकम हड़प ली। जेल अधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने दो आरोपितों के साथ जस्ट डायल के संचालक और प्रबंधक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक के मुताबिक, वह नीट काउंसिलिंग के माध्यम से बेटी का दाखिला कराना चाहते थे। इसी सिलसिले में उन्होंने जस्ट डायल पर सर्च कर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित स्टडी पाथवे कंसलटेंसी से संपर्क किया। मोबाइल पर बातचीत के दौरान कंसलटेंसी के प्रोपराइटर अभिनव शर्मा ने बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में दाखिला पक्का कराने का भरोसा दिलाया। आरोपित ने 19 जुलाई 2025 को कॉलेज के नाम पर 10-10 लाख रुपये के दो बैंक ड्राफ्ट बनवाए। इसके बाद 24 अगस्त 2025 को तीन लाख रुपये अपने कोटक महिंद्रा बैंक, गोमतीनगर स्थित खाते में डालने को कहा। जेल अधीक्षक ने यह रकम अपनी पत्नी के खाते से आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दी। इस तरह कुल 23 लाख रुपये आरोपितों को दे दिए गए।कुछ दिन बाद जब जेल अधीक्षक ने अभिनव शर्मा से संपर्क करना चाहा तो उसका मोबाइल फोन बंद मिलने लगा। इसके बाद वह गोमतीनगर स्थित विजयपंत खंड में बताए गए कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां ताला लटका मिला। जानकारी करने पर पता चला कि अभिनव शर्मा, संतोष कुमार और उनके साथी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह इससे पहले भी छह से सात लोगों से इसी तरह तीन से चार करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। इन मामलों में लखनऊ के साइबर थाने में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने करीब डेढ़ माह पहले दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने ठगी के लिए मेडिकल कॉलेज के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे और नकली कार्यालय भी संचालित कर रहे थे। 23 लाख रुपये की ठगी के बाद उन्होंने जस्ट डायल से अपनी सभी जानकारी भी हटा ली। जेल अधीक्षक ने इस मामले में जस्ट डायल की भूमिका को भी अहम बताया है। कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर पर स्टडी पाथवे कंसलटेंसी के प्रोपराइटर अभिनव शर्मा, संतोष कुमार और जस्ट डायल के संचालक व प्रबंधक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) धोखाधड़ी और धारा 61(2) आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य पीड़ितों से भी संपर्क किया जा रहा है।
सर्दी में मिला सहारा : उन्नाव में ज़रूरतमंदों के लिए कंबल वितरण
Sun, Feb 1, 2026
लैडर फाउंडेशन के आयोजन में लगभग 100 लोगों को मिली राहत
उन्नाव। सर्द मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से लैडर फाउंडेशन की ओर से जिले में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लगभग 100 जरूरतमंद लोगों को कंबल बांटे गए। कार्यक्रम का आयोजन ऐसे इलाकों में किया गया, जहां ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है और संसाधनों की कमी साफ नजर आती है। कार्यक्रम में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के जिला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद, और शोएब और नफीक विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके साथ संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने खुद आगे बढ़कर लोगों को कंबल वितरित किए और उनसे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
इस मौके पर मोहम्मद अहमद ने कहा कि ठंड के मौसम में कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करना सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज है। उन्होंने बताया कि लैडर फाउंडेशन और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का प्रयास है कि जरूरतमंदों तक सीधी मदद पहुंचे और उन्हें सम्मान के साथ राहत दी जा सके। भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ नजर आया। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद शोएब, संजय जायसवाल, उमेश श्रीवास्तव, मून, दिलशाद भाई और इकराम फरीदी सहित कई लोग मौजूद रहे। सर्दी के इस दौर में लैडर फाउंडेशन की यह पहल न सिर्फ जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी आगे आकर मदद करने की प्रेरणा दे गई।
जनता की सेहत से खिलवाड़ : उन्नाव में पैक्ड पानी की बिक्री बंद
Sun, Feb 1, 2026
खाद्य आयुक्त के आदेश पर 10–11 जनवरी को लिए गए थे सैंपल
उन्नाव। प्रदेशभर में पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की गुणवत्ता को लेकर की गई विशेष जांच के बाद उन्नाव के कई पानी प्लांटों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर 10 और 11 जनवरी को प्रदेशव्यापी स्तर पर पानी प्लांटों की जांच कराई गई थी। इसी क्रम में जनपद उन्नाव के विभिन्न प्लांटों से पानी के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद साफ हुआ कि इन प्लांटों से बिक रहा पानी सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पानी में टीडीएस, मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा तय मानकों से कहीं अधिक पाई गई। मानकों से अधिक खनिज तत्व पाए जाने के कारण पानी को असुरक्षित और अधोमानक घोषित कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पानी प्लांटों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही प्लांटों को बंद कराने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि आम लोगों तक यह पानी न पहुंच सके। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सीधे खाद्य आयुक्त स्तर से की गई है, जिससे साफ है कि सरकार पेयजल की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी तरह की बिक्री या आपूर्ति पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नजर नहीं आई। सहायक खाद्य आयुक्त प्रियंका सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस संबंध में जानकारी नहीं है और मामले की जानकारी लेकर बाद में स्थिति स्पष्ट की जाएगी। पानी जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानक से अधिक खनिज तत्वों वाला पानी लंबे समय तक सेवन करने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि न सिर्फ कार्रवाई करे, बल्कि आम जनता को भी जागरूक करे कि वे केवल प्रमाणित और मानक के अनुरूप पानी का ही उपयोग करें।