बाल श्रम पर सख्ती : अभियान के दौरान चार नाबालिग काम करते मिले
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, May 8, 2026
पुरवा क्षेत्र में होटल, ढाबों और दुकानों पर श्रम विभाग की छापेमारी, संचालकों को नोटिस जारी
उन्नाव। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में उन्नाव में श्रम विभाग ने बाल एवं किशोर श्रमिकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को पुरवा तहसील क्षेत्र में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चार बाल एवं किशोर श्रमिक काम करते मिले। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किया। अभियान का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी राधेश्याम सिंह ने किया। उनके साथ इन्दीवर जोशी, अनिल कुमार सिंह, एएचटी यूनिट की उपनिरीक्षक पूजा और पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीम ने कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में पहुंचकर काम कर रहे बच्चों और किशोरों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर नाबालिग बच्चों से श्रम कराए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम निषेध कानून के तहत बच्चों से काम कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों के पुनर्वास और उन्हें शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। खासतौर पर होटल, ढाबा, फैक्ट्री, वर्कशॉप और बाजार क्षेत्रों में नियमित जांच की जाएगी ताकि किसी भी नाबालिग से मजदूरी न कराई जा सके।विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम कराया जाता दिखे तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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