लोनी ड्रेन की पटरी पर कब्जे की शिकायत : सिंचाई विभाग ने लिया संज्ञान
Sat, Jun 20, 2026
अधिशासी अभियंता बोले, बाउंड्री वॉल नहीं हटाई तो होगी सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जनपद की ऐतिहासिक लोनी ड्रेन की पटरी पर कथित कब्जे की शिकायत सामने आने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया है और संबंधित लोगों को चेतावनी जारी की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लोनी ड्रेन की पटरी किसानों के खेतों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता रही है। ड्रेन की सफाई और रखरखाव के दौरान विभागीय टीमें भी इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय के साथ पटरी की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है, जिससे आवाजाही प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक उपयोग की इस पटरी पर अतिक्रमण बढ़ता रहा तो किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत होगी और सिंचाई विभाग के रखरखाव कार्यों में भी बाधा आएगी। लोनी ड्रेन कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ी महत्वपूर्ण ड्रेन मानी जाती है। मामले की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता गगन कुमार शुक्ला ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेन की पटरी पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिशासी अभियंता ने बताया कि संबंधित लोगों को कथित कब्जा हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि बनाई जा रही बाउंड्री वॉल नहीं हटाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की इस महत्वपूर्ण पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराना किसानों और विभाग दोनों के हित में जरूरी है।
ओवरलोडिंग पर सख्ती : ढाई माह में दो करोड़ जुर्माना
Sat, Jun 20, 2026
750 बिना नंबर प्लेट वाहन पकड़े गए, 250 ओवरलोड वाहन सीज; रात में चल रहा औचक अभियान
उन्नाव। जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त अभियान छेड़ रखा है। एक अप्रैल से अब तक की कार्रवाई में करीब दो करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार कार्रवाई से ओवरलोडिंग में कमी आने का दावा किया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टास्क फोर्स गठित की गई है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यह टीम जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि हर दूसरे दिन रात में औचक चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही प्रमुख चेक प्वाइंटों पर चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। एआरटीओ के अनुसार, एक अप्रैल से अब तक बिना नंबर प्लेट के चल रहे करीब 750 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। वहीं ओवरलोडिंग के आरोप में करीब 250 वाहनों का चालान कर उन्हें बंद किया गया। क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले 170 वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। सड़क हादसों की वजह बनने वाले नो पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी शिकंजा कसा गया। ऐसे 125 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों में 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। एआरटीओ ने बताया कि नंबर प्लेट छिपाकर या नंबर अधूरा दिखाकर चलने वाले डंपर और ट्रकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नंबर प्लेट पर कालिख पोतने, कीचड़ लगाने या नंबर अस्पष्ट रखने की शिकायतों पर पहले चालान और फिर वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे 724 डंपर और ट्रकों पर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन अभियान आगे भी जारी रहेगा और ओवरलोडिंग व यातायात नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग का लक्ष्य जिले से ओवरलोडिंग को पूरी तरह खत्म करना है।
नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट : डीएम घनश्याम मीणा ने कहा, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
Sat, Jun 20, 2026
21 जून को होगी नीट परीक्षा, चार केंद्रों पर 1241 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
उन्नाव। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 21 जून को नीट परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए जिले में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें डीएसएन डिग्री कॉलेज, अटल बिहारी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी और केंद्रीय विद्यालय दही चौकी शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1241 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए चार सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्हें अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, रैंप और बिजली आपूर्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए।उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों में अतिरिक्त कक्षों को सील किया जाए और सीसीटीवी कैमरे सिर्फ परीक्षा कक्षों में ही नहीं, बल्कि प्रवेश द्वार, गैलरी और स्टाफ रूम में भी लगाए जाएं, ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना प्रवेश पत्र या अधिकृत पहचान पत्र के किसी भी अतिरिक्त कर्मचारी को केंद्र में प्रवेश न दिया जाए। परीक्षार्थियों की जांच प्रक्रिया भी पूरी सतर्कता और गंभीरता से कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात किसी भी कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह समेत सेक्टर मजिस्ट्रेट और परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापक मौजूद रहे।