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कैनपैक फैक्टरी निर्माण स्थल पर बड़ा हादसा : डीजल टैंक फटने से सहायक ऑपरेटर जिंदा जला

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, May 9, 2026
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साथी ऑपरेटर ने कूदकर बचाई जान; श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

उन्नाव। दही थाना क्षेत्र स्थित सराय कटियान औद्योगिक गलियारे में शनिवार शाम एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में पाइलिंग मशीन के सहायक ऑपरेटर की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा पोलैंड की कैनपैक कंपनी की निर्माणाधीन फैक्टरी में उस समय हुआ, जब पाइलिंग मशीन की तकनीकी खराबी को ठीक किया जा रहा था। अचानक डीजल टैंक में हुए भीषण विस्फोट के बाद आग की तेज लपटों ने मशीन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मृतक की पहचान बदायूं जिले के हजरतपुर थाना क्षेत्र के कोटरा मजरा निवासी 35 वर्षीय उमेश सिंह पुत्र गजेंद्र पाल सिंह के रूप में हुई है। वह पाइलिंग मशीन में सहायक ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत थे। उनके साथ चचेरे भाई अवधेश मशीन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे सराय कटियान औद्योगिक गलियारे में कैनपैक कंपनी की फैक्टरी का निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार शाम करीब चार बजे पाइलिंग का काम करते समय मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद उमेश और अवधेश मशीन की जांच और मरम्मत में जुट गए। इसी दौरान मशीन के डीजल टैंक में अचानक तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकेंड में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना तेज था कि मौके पर मौजूद श्रमिक दहशत में इधर-उधर भागने लगे। अवधेश ने समय रहते मशीन से कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन उमेश आग की चपेट में आ गए। आग ने उन्हें पूरी तरह घेर लिया और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। श्रमिकों का कहना था कि हादसे के बाद तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई। आरोप यह भी लगाया गया कि कर्मचारियों को फैक्टरी गेट के बाहर तक नहीं जाने दिया गया, जिससे समय पर मदद नहीं मिल सकी। घटना की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो श्रमिकों ने विरोध शुरू कर दिया। मृतक के चचेरे भाई अवधेश ने साफ कहा कि जब तक बदायूं से परिवार के सदस्य मौके पर नहीं पहुंच जाते, तब तक शव नहीं उठाने दिया जाएगा। इसके बाद काफी देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। परिजन मौके पर पहुंच चुके हैं और उनसे बातचीत की जा रही है। पुलिस फैक्टरी प्रबंधन, मशीन ऑपरेटरों और अन्य श्रमिकों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही की बात सामने आ रही है। मशीन और डीजल टैंक की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।उधर, उमेश की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल बना हुआ है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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