पुराने जमीन सौदे में नया विवाद : जिला पंचायत अध्यक्ष की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Aug 5, 2026
एक ही जमीन की दो रजिस्ट्री कराने का आरोप, पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत पांच लोगों पर केस,जांच शुरु
उन्नाव। जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह की शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने करीब 14 वर्ष पुराने जमीन के सौदे में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि वर्ष 2000 में जिस जमीन की रजिस्ट्री उनके दिवंगत पति के नाम हो चुकी थी, उसी जमीन को वर्ष 2012 में दोबारा दूसरे लोगों के नाम बेच दिया गया। पुलिस ने पांच लोगों को नामजद करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।एफआईआर के मुताबिक, हिरन नगर निवासी जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह के पति स्वर्गीय अजीत सिंह ने 11 अप्रैल 2000 को आदर्श नगर स्थित गाटा संख्या 3484 की आधी भूमि अन्य लोगों के साथ मिलकर खरीदी थी। उस समय जमीन के मूल मालिक की ओर से छग्गन लाल को मुख्तानामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) के जरिए बिक्री का अधिकार दिया गया था और उसी अधिकार के आधार पर बैनामा कराया गया था। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2004 में पूर्व एमएलसी अजीत सिंह का निधन हो गया। काफी समय तक परिवार को इस जमीन की जानकारी नहीं थी। बाद में जानकारी होने पर राजस्व अभिलेखों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराई गई। आरोप है कि इसके बावजूद वर्ष 2012 में छग्गन लाल ने उसी जमीन का बैनामा पूर्व ब्लॉक प्रमुख अशोक सिंह और उनकी पत्नी रमा सिंह के नाम कर दिया। जबकि उसे पहले हुई बिक्री और भुगतान की पूरी जानकारी थी। एफआईआर में कहा गया है कि जमीन पहले से बिक चुकी होने के बावजूद तथ्यों को छिपाकर दोबारा रजिस्ट्री कराई गई। शकुन सिंह का आरोप है कि दूसरे खरीदारों के साथ ही बैनामे के गवाह सुरेश कुमार और राजेन्द्र तिवारी को भी पहले हुए भूमि सौदे की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद सभी ने आपसी मिलीभगत से दोबारा रजिस्ट्री कराकर धोखाधड़ी की। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपी विवादित भूमि पर कब्जा किए हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की है। वही, मामले में नामजद पूर्व ब्लॉक प्रमुख अशोक सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अजीत सिंह के नाम जिस बैनामे का दावा किया जा रहा है, उसमें वास्तविक छग्गन लाल की जगह किसी अन्य व्यक्ति को छग्गन लाल बताकर रजिस्ट्री कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने असली अधिकारधारी से जमीन खरीदी थी और उनके नाम दाखिल-खारिज भी हो चुका है। उनका कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी। कोतवाली सदर पुलिस ने इस मामले में अशोक सिंह, रमा सिंह, छग्गन लाल, सुरेश कुमार और राजेन्द्र तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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