आयुष्मान योजना की रफ्तार सुस्त : आठ साल में लक्ष्य का सिर्फ 57% पूरा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Jan 31, 2026
16.16 लाख के लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 9.46 लाख कार्ड बने, समीक्षा बैठक में जताई गई नाराजगी
उन्नाव। आयुष्मान भारत योजना को लेकर जिले की रफ्तार अब भी बेहद सुस्त बनी हुई है। योजना शुरू हुए करीब आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन तय लक्ष्य का बड़ा हिस्सा आज भी अधूरा है। 16.16 लाख पात्र लोगों के मुकाबले अब तक सिर्फ 9.46 लाख आयुष्मान कार्ड ही बन पाए हैं। यानी लगभग 6.70 लाख लोग अभी भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से बाहर हैं। हालिया समीक्षा बैठक में यह तस्वीर सामने आने के बाद अपर निदेशक ने गहरी नाराजगी जताई और मार्च तक स्थिति में ठोस सुधार के निर्देश दिए हैं। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना में जिले ने अब तक सिर्फ 57 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल किया है। बीच-बीच में इसे गति देने के लिए कई बड़े अभियान चलाए गए। सितंबर 2023 में ‘आयुष्मान भव’ अभियान शुरू हुआ, ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाए गए, रविवार को आयुष्मान मेले आयोजित किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर नहीं दिख सका। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों के बावजूद कार्ड बनाने की संख्या उम्मीद से काफी कम रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव ने नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान छूटे हुए 2.87 लाख लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रगति संतोषजनक नहीं मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में सहयोग की कमी एक बड़ी वजह बन रही है। कोटेदार, ग्राम प्रधान, शिक्षक और अन्य स्थानीय स्तर के जिम्मेदार लोगों से जिस तरह के सक्रिय सहयोग की उम्मीद थी, वह नहीं मिल पाया। इसका सीधा असर योजना के क्रियान्वयन पर पड़ा है।
अधिकारियों का मानना है कि कई पात्र लाभार्थियों तक योजना की पूरी जानकारी नहीं पहुंच पाई है। कुछ लोग प्रक्रिया को जटिल समझकर शिविरों तक नहीं पहुंचते, तो कई जगहों पर दस्तावेजों को लेकर भ्रम बना रहता है। नतीजतन, मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली योजना का लाभ बड़ी आबादी तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग आम लोगों से अपील कर रहा है कि वे शिविरों पर निर्भर न रहें और खुद भी पहल करें। आयुष्मान योजना के प्रोग्राम मैनेजर आलोक त्रिपाठी के अनुसार, कोई भी पात्र लाभार्थी अब घर बैठे अपना आयुष्मान कार्ड बना सकता है। इसके लिए आयुष्मान ऐप या beneficiary.nha.gov.in वेबसाइट पर जाकर आधार नंबर दर्ज करना होगा। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालते ही कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि लोग खुद आगे बढ़कर इस प्रक्रिया को अपनाएं, तो बड़ी संख्या में छूटे लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सकता है। आने वाले महीनों में प्रशासन की नजर इसी पर है कि तय समय सीमा के भीतर आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार तेज हो और जिले का अंतर राष्ट्रीय लक्ष्य से कम किया जा सके।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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