अवैध यूनीपोल फिर बने जानलेवा : आंधी ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Feb 4, 2026
अकरमपुर में सड़क के डिवाइडर पर लगा पोल गिरा, ट्रैफिक प्रभावित-जिम्मेदारी तय करने में उलझे विभाग
उन्नाव। शहर में अवैध यूनीपोल अब महज अव्यवस्था का मुद्दा नहीं रहे, बल्कि यह सीधे लोगों की जान से जुड़ा गंभीर खतरा बन चुके हैं। मंगलवार को आई तेज आंधी ने एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर कर दिया। शुक्लागंज-राजधानी मार्ग पर अकरमपुर रोड स्थित शराब मील के पास सड़क के डिवाइडर पर लगे यूनीपोल का लोहे का स्ट्रेचर अचानक गिर गया। कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। गनीमत रही कि उस वक्त कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। यह मार्ग कानपुर और शुक्लागंज को जोड़ने वाला प्रमुख और अत्यंत व्यस्त रास्ता है। दिनभर यहां वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों के सड़क के डिवाइडर पर यूनीपोल आखिर किसके आदेश से खड़े किए गए। शहर में अवैध होर्डिंग और यूनीपोल की भरमार किसी से छिपी नहीं है। नगर पालिका क्षेत्र में लगभग हर प्रमुख सड़क, चौराहा और डिवाइडर पर बैनर और होर्डिंग का मकड़जाल फैला है। खंभों पर नेताओं और प्रचार सामग्री से भरे दर्जनों होर्डिंग दूर से ही नजर आ जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्नाव में अब तक होर्डिंग के लिए कोई स्पष्ट जोन तय नहीं किया गया है। इसी का फायदा उठाकर विज्ञापन एजेंसियां मनमाने ढंग से जहां जगह मिली, वहीं पोल खड़े कर रही हैं। मंगलवार को अकरमपुर में गिरे यूनीपोल का मामला भी इसी मनमानी व्यवस्था की देन माना जा रहा है। जिस डिवाइडर पर यह पोल लगाया गया था, वह पीडब्ल्यूडी के अधीन आता है। सवाल यह है कि पीडब्ल्यूडी ने अपने नए बने डिवाइडर पर बिना अनुमति ऐसे ढांचे खड़े होने कैसे दिए। दूसरी ओर नगर पालिका की स्थिति भी साफ नहीं है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक इन यूनीपोल का न तो कोई टेंडर हुआ है और न ही किराया तय है। अगर टेंडर नहीं हुआ, तो फिर ये पोल किस आधार पर खड़े हैं और इनसे होने वाली कमाई आखिर किसकी जेब में जा रही है।
जिला अस्पताल रोड, अकरमपुर और शहर के अन्य चौराहों पर इसी तरह कई यूनीपोल लगे हुए हैं। जब इनकी वैधता पर सवाल उठते हैं तो जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे की ओर जिम्मेदारी टाल देते हैं। कोई नगर पालिका का नाम लेता है तो कोई पीडब्ल्यूडी का हवाला देकर खुद को अलग कर लेता है। इस आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को गिरा यूनीपोल भले ही किसी की जान नहीं ले सका, लेकिन यह एक कड़ी चेतावनी जरूर दे गया। अगर यही लोहे का स्ट्रेचर किसी वाहन या राहगीर पर गिर जाता, तो जिम्मेदारी किसकी होती, यह सवाल फिर अधर में ही रह जाता। मामले में एडीएम न्यायिक अमिताभ के मुताबिक प्रकरण से जुड़ी पुरानी पत्रावली निकलवाई जा रही है और जांच के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नए डिवाइडर पर लगे अवैध पोल हटाए जाएंगे। हालांकि लोगों का सवाल यही है कि क्या कार्रवाई सिर्फ जांच और बयान तक सीमित रहेगी या वास्तव में अवैध यूनीपोल हटाकर शहर को सुरक्षित बनाया जाएगा। मंगलवार की घटना यह साफ कर चुके हैं कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक निगरानी की गंभीर विफलता है। अगर समय रहते जिम्मेदारी तय नहीं हुई और अवैध ढांचों पर सख्त कदम नहीं उठे, तो अगली बार चेतावनी नहीं, बल्कि एक और बड़ा हादसा शहर का इंतजार कर रहा होगा।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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