नवाबगंज में अवैध वसूली का आरोप : ऑटो यूनियन ने दिया ज्ञापन
Wed, Apr 1, 2026
रोजाना पैसे देने का दबाव, नियम स्पष्ट न होने से बढ़ी नाराजगी
उन्नाव। नवाबगंज में सीएनजी ऑटो चालकों ने नगर पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चालकों का आरोप है कि उनसे बिना स्पष्ट नियमों के जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। मामले को लेकर ऑटो चालकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि छोटे स्तर पर काम करने वाले ड्राइवर पहले ही सीमित आमदनी में परिवार चलाते हैं, ऐसे में रोजाना 20 से 30 रुपये की वसूली उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है।चालकों के मुताबिक, वसूली का कोई तय नियम या लिखित आदेश नहीं बताया जाता। कई बार भुगतान न करने पर रास्ते में रोककर दबाव बनाया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक और बड़ा मुद्दा यह भी सामने आया कि नगर पंचायत द्वारा केवल कुछ स्थानों पर ही स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं, जबकि वसूली पूरे क्षेत्र में की जा रही है। चालकों का कहना है कि जब सुविधाएं सीमित हैं तो शुल्क पूरे इलाके से क्यों लिया जा रहा है। यह ज्ञापन सीएनजी ऑटो यूनियन के अध्यक्ष गोपाल महेश्वरी के नेतृत्व में सौंपा गया। बड़ी संख्या में चालक और यूनियन से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए और सभी ने एक सुर में कार्रवाई की मांग की। चालकों की मांग साफ है कि इस तरह की वसूली को तुरंत रोका जाए और यदि कोई नियम है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि वह इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कदम उठाए जाते हैं।
बीघापुर अग्निकांड : अन्नू टंडन की ओर से कपड़े, राशन व तिरपाल भेजे गए, अंकित सिंह परिहार ने किया वितरण
Wed, Apr 1, 2026
जयराजमऊ व गणेशखेड़ा-सातन में कई घर राख, पीड़ितों तक पहुंची मदद
उन्नाव। बीघापुर ब्लॉक क्षेत्र के जयराजमऊ और सिकंदरपुर कर्ण के गांव गणेशखेड़ा-सातन में हुए अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाई गई। आग की घटना में कई घर पूरी तरह जल गए थे, जिससे परिवारों के सामने खाने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया था। घटना की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद अन्नू टंडन की ओर से राहत सामग्री भिजवाई गई। इसमें कपड़े, बर्तन, राशन, तिरपाल समेत दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं शामिल रहीं। मौके पर पहुंचे सपा नेता अंकित सिंह परिहार ने पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
अंकित सिंह परिहार ने बताया कि आग की घटना में कई परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो गया है। ऐसे में तत्काल राहत पहुंचाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरत के अनुसार हर संभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा। राहत सामग्री मिलने के बाद पीड़ित परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके सामने अभी भी पुनर्वास की बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भी प्रभावित परिवारों की मदद की मांग की है।
जांच में देरी पर गिरी गाज : अपराध निरीक्षक हुए लाइन हाजिर
Tue, Mar 31, 2026
छह में से दो केस छह महीने से लटके, पुलिस महकमे में बढ़ी सख्ती
उन्नाव। पुलिस महकमे के भीतर कामकाज को लेकर सख्ती बढ़ती दिख रही है। लंबित विवेचनाओं में देरी और लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए एसपी जय प्रकाश सिंह ने अचलगंज थाने में तैनात अपराध निरीक्षक इरशाद त्यागी को लाइन हाजिर कर दिया है।मामला उन विवेचनाओं से जुड़ा है जो लंबे समय से अधूरी पड़ी थीं। जानकारी के मुताबिक, इरशाद त्यागी के पास कुल छह विवेचनाएं थीं। इनमें से दो मामलों में ही छह महीने से ज्यादा का वक्त लग गया, लेकिन इसके बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी। इतनी लंबी देरी को गंभीर मानते हुए एसपी ने सीधे कार्रवाई का फैसला लिया। पुलिस विभाग में यह कदम एक साफ संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि लंबित मामलों को लेकर अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर जब लगातार शिकायतें मिल रही हों और समयसीमा के बावजूद जांच पूरी न हो रही हो। इससे पहले भी जिले में इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। मौरावां थाने के दो उपनिरीक्षकों को विवेचनाओं में लापरवाही के आरोप में आईजी स्तर से निलंबित किया गया था। ऐसे में ताजा कार्रवाई यह संकेत देती है कि उच्च अधिकारी अब जांच कार्य की मॉनिटरिंग को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहे हैं। अचलगंज थाने के थानाध्यक्ष बृजेश कुमार शुक्ला ने भी पुष्टि की कि अपराध निरीक्षक के खिलाफ लाइन हाजिर की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं और इसमें लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई तय है। कुल मिलाकर, उन्नाव पुलिस में अब यह साफ हो रहा है कि लंबित मामलों को लेकर जिम्मेदारी तय होगी और काम में ढिलाई दिखाने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।