बेदखली का मुकदमा वापस लेने का दबाव : विरोध पर युवक को पीटा
Mon, Aug 31, 2026
सरिया से हमले में नाक की हड्डी टूटी, कोर्ट के आदेश के बाद पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। बेदखली का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट कर घायल करने का मामला सामने आया है। पुरवा कस्बे के टेढ़ी हटिया निवासी देवप्रकाश आर्या ने पांच लोगों पर लाठी-डंडे और सरिया से हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक सरिया के हमले से उसकी नाक की हड्डी टूट गई। थाना पुलिस से कार्रवाई न होने पर उसने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की है। देवप्रकाश आर्या के मुताबिक 18 मई 2026 को वह उन्नाव न्यायालय में बेदखली के मुकदमे की तारीख पर आया था। अदालत से वापस लौटकर जीआईसी ग्राउंड में अपनी गाड़ी के पास पहुंचा, तभी वहां पहले से मौजूद मंगतखेड़ा निवासी उमाशंकर साहू, सीताराम साहू, सूरज साहू, दीपक साहू और प्रियंका साहू ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपितों ने बेदखली का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। विरोध करने पर सभी ने एक राय होकर गालीगलौज शुरू कर दी और लात-घूंसों, लाठी-डंडों और सरिया से मारपीट करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि उमाशंकर और दीपक ने उसे पीछे से पकड़ लिया, जबकि सूरज ने लोहे की सरिया से उसके सिर पर हमला करने का प्रयास किया। उसके पीछे हटने पर सरिया नाक पर लग गई, जिससे नाक की हड्डी टूट गई। पीड़ित के अनुसार मारपीट में हाथ, पैर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं। गाड़ी में बैठी उसकी चाची पूजा साहू के शोर मचाने और आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इसके बाद चाची और अन्य लोगों की मदद से उसे घर ले जाया गया। नाक में अधिक दर्द होने पर उसकी मां रामकली और चाची पूजा साहू उसे जिला अस्पताल लेकर गईं। वहां 21 मई को एक्सरे और मेडिकल कराया गया। पीड़ित ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र के साथ मेडिकल रिपोर्ट और एक्सरे फिल्म भी संलग्न करने की बात कही है। देवप्रकाश का आरोप है कि घटना की सूचना उसी दिन कोतवाली सदर पुलिस और पुलिस अधीक्षक को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने आला अधिकारियों को कई प्रार्थनापत्र दिए। आरोप है कि विपक्षी लगातार बेदखली का मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहे हैं और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली सदर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने आरोपियों से लगातार जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की भी मांग की है।
आइसक्रीम खाने के दौरान युवकों से विवाद : तीन पर मारपीट का आरोप
Mon, Aug 31, 2026
पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की,जांच में जुटी पुलिस
उन्नाव। कोतवाली सदर क्षेत्र के गांधी नगर टेंपो स्टैंड के पास शनिवार रात आइसक्रीम खाने को लेकर युवकों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि तीन युवकों ने एक युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। जानकारी मिलने पर पहुंचे उसके बड़े भाई के साथ भी आरोपियों ने अभद्रता और मारपीट की। भीड़ जुटने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। मोहल्ला एबी नगर छोटा चौराहा निवासी सादिक ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 29 अगस्त की रात करीब 10:20 बजे उसका छोटा भाई साहिल अपने दोस्तों के साथ गांधी नगर टेंपो स्टैंड के पास आइसक्रीम खा रहा था। इसी दौरान अजमेरी, फराज उर्फ फक्के और शिवांशु वहां पहुंचे और साहिल से गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। सादिक के अनुसार, साहिल ने फोन कर घटना की जानकारी दी, जिस पर वह मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसके पहुंचते ही तीनों युवकों ने उसके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर भीड़ जुटने लगी तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके जांच मे जुट गई है।
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट : सीएचसी में दो और जिला अस्पताल में छह बेड आरक्षित
Mon, Aug 31, 2026
शासन की गाइडलाइन के बाद बढ़ाई निगरानी, फ्रंटलाइन वर्करों को भय न फैलाने के निर्देश
उन्नाव। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन स्तर से 25 अगस्त को जारी पत्र और विस्तृत गाइडलाइन मिलने के बाद सभी ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। मरीजों के उपचार के लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दो-दो और जिला अस्पताल में छह बेड आरक्षित किए जाएंगे। साथ ही जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।सोमवार को सीएमओ कार्यालय में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेआर सिंह ने बताया कि शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एमओआईसी, बीसीपीएम, एचईओ और एआरओ के साथ बैठक कर उन्हें गाइडलाइन की जानकारी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फ्रंटलाइन वर्करों को भी लोगों के बीच अनावश्यक भय न फैलाने और लक्षणों के आधार पर मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन श्रेणियों में बांटे गए लक्षण
डॉ. जेआर सिंह के अनुसार इन्फ्लूएंजा के मरीजों के लक्षणों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में समझाया गया है। कैटेगरी ए में खांसी, हल्का बुखार, गले में खराश और बदन दर्द जैसे सामान्य लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें घर पर आराम करने, बुखार की दवा लेने और परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। कैटेगरी बी में खांसी, बुखार और बदन दर्द अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। बी-1 श्रेणी के मरीजों को घर पर आइसोलेट रहने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने को कहा जाता है। जरूरत पड़ने पर ओसेल्टामिविर 75 मिलीग्राम की दवा पांच दिन तक सुबह-शाम देने की व्यवस्था है। वहीं बी-2 श्रेणी में तेज बुखार और अधिक बदन दर्द के साथ सह-रुग्णता वाले मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और किडनी संबंधी बीमारी से ग्रस्त मरीजों को इस श्रेणी में विशेष निगरानी की जरूरत बताई गई है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने सभी ब्लॉक स्तरीय केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार मरीजों की पहचान, उपचार और जरूरत पड़ने पर रेफर करने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखेगा।