पैग़ामे इंसानियत कांफ्रेंस का जलसा : मौलाना फरीद अफ़ाकी की सरपरस्ती में हुआ शानदार जलसा
Wed, May 20, 2026
उन्नाव। देर रात को एक बहुत ही शानदार प्रोग्राम दरगाह औलिया शहीद बाबा वारसी इस्लामिक स्कूल में हजरत गुलाम फरीद अफ़ाकी की निगरानी में हुआ जिसकी सदारत अल्लामा व मौलाना निसार अहमद मिस्बाही काज़िये शहर उन्नाव ने की। जिसमें दूर दराज़ से उलमा ए इकराम भी तशरीफ लाए। जिसमें खास तौर पर मौलाना अहमद सईद मुजद्दीदी जो कन्नौज से तशरीफ़ लाये थे उन्होंने जो इंसानियत का बेहतरीन पैग़ाम दिया। मौलाना निसार अहमद मिस्बाही काज़िये शहर उन्नाव ने भी बताया कि आपस में मिलजुल कर रहे एक दूसरे का साथ दे । व मौलाना फरीद अफ़ाकी ने भी बताया कि सबके साथ हमदर्दी करना ये ही इंसानियत है। प्रोग्राम के बाद दुआ हुई जिसमे मुल्क ए हिंदुस्तान के लिए आपस मे भाई चारा, अमन व चैन बनाए रखने की भी दुआ की गई। प्रोग्राम को कामयाब बनाने में जिन लोगों ने मेहनत की गुलाम फरीद अफ़ाकी ने उन सबका शुक्रिया अदा किया। जिसमे दिलशाद सभासद, डॉक्टर आरिफ , हलीम , शेरू आदि लोग रहे।
पांच करोड़ की सीएचसी पांच साल में ही बदहाल : दीवारों से झड़ रहा प्लास्टर
Wed, May 20, 2026
फतेहपुर चौरासी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पानी टंकी भी बनी शोपीस
उन्नाव। सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फतेहपुर चौरासी स्थित अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की इमारत महज कुछ वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंचने लगी है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार कराई गई बिल्डिंग में जगह-जगह प्लास्टर टूटकर गिर रहा है, जबकि कई हिस्सों में सरिया तक बाहर दिखाई देने लगी है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और कर्मचारियों में भी चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में फतेहपुर चौरासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नए भवन निर्माण की योजना शुरू हुई। राजकीय निर्माण निगम रायबरेली की ओर से करीब 5.45 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल और आवासीय भवन का निर्माण कराया गया। दिसंबर 2021 में भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया था।लेकिन भवन हस्तांतरण के कुछ ही साल बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल परिसर में कई जगह दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है। कुछ कमरों की छतों से भी प्लास्टर गिरने की शिकायत सामने आई है। हालात ऐसे हैं कि कई हिस्सों में सरिया तक साफ नजर आने लगी है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बने सरकारी अस्पताल की हालत इतनी जल्दी खराब होना गंभीर मामला है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई होगी, तभी भवन कुछ वर्षों में ही जवाब देने लगा। अस्पताल में पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। परिसर में लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ओवरहेड पानी टंकी आज तक उपयोग में नहीं आ पाई। बताया जा रहा है कि टंकी के संचालन के लिए मोटर की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिसके कारण पूरी प्रणाली बंद पड़ी है। फिलहाल अस्पताल में पानी की आपूर्ति सबमर्सिबल पंप के जरिए की जा रही है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि भवन से प्लास्टर गिरने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ओवरहेड टैंक को चालू कराने के लिए कई बार विभाग से मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस में बड़ा बदलाव : कई थानों से जवान डायल-112 में भेजे गए
Wed, May 20, 2026
बढ़ती इमरजेंसी कॉल और त्वरित रिस्पॉन्स को देखते हुए पुलिस विभाग ने लिया फैसला
उन्नाव। जिले में आपातकालीन पुलिस व्यवस्था को और तेज व प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने जिले के अलग-अलग थानों में तैनात 115 पुलिसकर्मियों को डायल-112 सेवा में तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले को जिले की इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी आदेश के मुताबिक, स्थानांतरित किए गए पुलिसकर्मियों में आरक्षी और मुख्य आरक्षी दोनों श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई तैनाती के लिए रवाना किया जाए। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट भी पुलिस कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है। यह फेरबदल जिले के करीब 20 थानों से किया गया है। जिन थानों से पुलिसकर्मियों को डायल-112 में भेजा गया है, उनमें सदर कोतवाली, गंगाघाट, दही, माखी, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, बेहटा मुजावर, औरास, अजगैन, पुरवा, असोहा, बीघापुर, बिहार, बारासगवर, मौरावां, अचलगंज, बांगरमऊ, आसीवन, हसनगंज और सोहरामऊ प्रमुख हैं। स्थानांतरित पुलिसकर्मियों में आरक्षी प्रशांत कुमार, शाने आलम, प्रिंस कुमार, विवेक कुमार, मोहित यादव, अमित सिंह, देवेश कुमार, अंकुर यादव, राहुल कुमार, सुनील कुमार, प्रताप चौहान, रवि कुमार, नितिन कुमार हरिद्वा और राजाराम समेत कई नाम शामिल हैं। वहीं मुख्य आरक्षी श्रेणी से पुष्पेंद्र यादव, विमल मिश्रा, गुलाब चंद्र, संतोष कुमार, विनोद पाल, मंजूर यादव, शिव शंकर, मो. इरशाद और फूलचंद्र सरोज को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में डायल-112 पर आने वाली शिकायतों और आपातकालीन कॉल की संख्या बढ़ी है। ऐसे में मौके पर समय से पुलिस पहुंचाने और प्रतिक्रिया समय कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा तबादला किया गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के बाद सड़क हादसों, झगड़े, चोरी, महिला सुरक्षा और अन्य आपात मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से अधिक तेज होगी। विभाग को उम्मीद है कि डायल-112 में बढ़े पुलिस बल से लोगों को त्वरित सहायता मिलेगी और कानून-व्यवस्था व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।