शराब पिलाने से मना किया तो बरसाए डंडे : चेहरे पर भी किया हमला
Sat, Oct 17, 2026
पीड़ित का दावा- आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज
उन्नाव। शराब पिलाने से मना करने पर हुए विवाद में एक युवक के साथ मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने का मामला सामने आया है। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव निवासी संतोष कुमार ने गांव के ही पवन सिंह पर गाली-गलौज करने, लाठी-डंडों से पीटने और चेहरे पर धारदार हथियार से वार कर घायल करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने 16 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कर ली है।संतोष कुमार के मुताबिक, घटना 15 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे की है। वह रूपपुर पावा मजरे हरदासपुर स्थित अपने खेत के पास गया था। इसी दौरान उसके खेत के पास रहने वाले पवन सिंह ने उससे शराब पिलाने के लिए कहा। संतोष ने शराब पिलाने से इनकार किया तो आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। पीड़ित ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पवन सिंह ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान उसके चेहरे पर धारदार हथियार से भी वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने संतोष के घरवालों को इसकी सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर चौरासी ले गए, जहां उसका उपचार कराया गया। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर में संतोष ने यह भी आरोप लगाया है कि पवन सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने आरोपी से अपनी जान और माल को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग भी की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घर जाते समय युवती का पीछा : मोबाइल छीनने की कोशिश
Sat, Oct 17, 2026
मोतीनगर से तिकोना पार्क तक पीछा करने का आरोप, युवती की तहरीर पर केस दर्ज
उन्नाव। शहर में एक युवती ने युवक पर पीछा करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह घर जा रही थी, तभी युवक बाइक से उसके पीछे लग गया। रास्ते में उसने वीडियो बनाने की कोशिश की तो आरोपी ने फोन पर धक्का मारकर मोबाइल छीनने का प्रयास किया। मामले में कोतवाली सदर पुलिस ने युवती की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केवटा तालाब, सिविल लाइन निवासी शालिनी देवी के मुताबिक, 16 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे वह मोतीनगर में बंधन बैंक के पास से अपने घर जा रही थी। इसी दौरान संदीप कुमार पुत्र गुरुचरन बाइक से उसका पीछा करने लगा। आरोप है कि युवक ने रास्ते में गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। युवती के अनुसार, पीछा करते हुए वह अंबेडकर पार्क के आगे तिकोना पार्क के पास तक पहुंच गया। पीड़िता का आरोप है कि उसने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो संदीप ने फोन पर धक्का मारा और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। इसके बाद युवती ने रिक्शे से उतरकर चौकी और महिला हेल्पलाइन 1090 पर सूचना दी। तहरीर के अनुसार, संदीप अपनी बाइक लॉक करके दूसरे रिक्शे से वहां से चला गया।
पहले भी परेशान करने का आरोप
शालिनी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि संदीप पहले भी उसका पीछा करता रहा है और जान से मारने की धमकी देता है। उसने संदीप के साथ रमेश, रामप्यारी और कुलदीप पर पूर्व में घर पर चढ़ाई कर मारपीट करने का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
बीसी में नौ लाख रुपये फंसे : इंसाफ के लिए कोर्ट पहुंचा दूध कारोबारी
Sat, Oct 17, 2026
तीन योजनाओं में निवेश के नाम पर रकम देने का दावा, रुपये मांगने पर धमकी देने का आरोप
उन्नाव। कमाई बढ़ाने और मुनाफा पाने की उम्मीद में बीसी में रुपये लगाए, लेकिन अब रकम वापस मिलने का इंतजार है। चौरा गांव निवासी दूध कारोबारी नीरज कुमार ने गद्दियाना निवासी अनवार अहमद उर्फ शीबू पर नौ लाख रुपये वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने वर्ष 2021 से 2023 के बीच तीन बीसी योजनाओं में किश्तों के जरिए रकम दी थी। रुपये वापस मांगने पर उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। बाद में धमकी देने का आरोप भी लगाया गया। पुलिस से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की बात कहते हुए कारोबारी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दूध पहुंचाने के दौरान हुई थी पहचान
नीरज कुमार के मुताबिक, वह खेती और पशुपालन के साथ दूध का कारोबार करता है। कोतवाली सदर के सामने स्थित मुन्ना स्वीट्स हाउस पर वह दूध पहुंचाता था। इसी दुकान पर आने-जाने के दौरान वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात अनवार अहमद उर्फ शीबू से हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि मुन्ना स्वीट्स के मालिक श्याम कुमार के माध्यम से दोनों की पहचान हुई थी।
तीन बीसी योजनाओं में रकम लगाने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनवार ने उसे बताया था कि वह बीसी समूह चलाता है और इसमें कई लोग जुड़े हैं। उसके मुताबिक, बीसी में रुपये लगाने से सदस्यों को फायदा हो रहा है और वह भी इसमें शामिल होकर मुनाफा कमा सकता है। नीरज का कहना है कि इसी भरोसे पर वह तीन बीसी योजनाओं में सदस्य बना और 26 जनवरी 2021 से वर्ष 2023 तक किश्तों में रुपये देता रहा। नीरज ने अपनी शिकायत में कुल नौ लाख रुपये देने का दावा किया है। उसका कहना है कि इसके लिए उसने यूको बैंक और पोस्ट ऑफिस के खातों से रकम निकाली थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रुपये देने से जुड़े विवरण उसके पास सुरक्षित हैं।
दुकान पर रुपये देने की कही बात
नीरज ने शिकायत में बताया कि उसने बीसी की रकम मुन्ना स्वीट्स की दुकान पर दी थी। उस समय दुकान के मालिक श्याम कुमार और पास में स्थित द्विवेदी नर्सिंग होम के मालिक मिक्रांत द्विवेदी के मौजूद रहने की बात भी कही गई है। शिकायत में दोनों को बीसी समूह का सदस्य बताया गया है। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
रकम मांगने पर विवाद बढ़ने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बीसी में रुपये लगाने के बाद जब उसने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो उसे भुगतान नहीं किया गया। उसका आरोप है कि लंबे समय तक रुपये नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक परेशानी में आ गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 18 अगस्त 2026 को रकम मांगने पर अनवार ने कार्रवाई करने की स्थिति में भविष्य में ठीक नहीं होने की धमकी दी।
पुलिस से शिकायत के बाद अदालत की शरण
नीरज का कहना है कि उसने पहले पुलिस को सूचना दी और कोतवाली सदर पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत दी। आरोप है कि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। अब मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों और रुपये के लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। बीसी की योजनाओं की वास्तविक स्थिति, रकम दिए जाने के साक्ष्य और कथित धमकी के संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है। मामले में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।