ऑपरेशन दहन : 77 लाख के नशीले पदार्थ जलाए गए
Sat, Jul 4, 2026
चरस, स्मैक और मॉर्फिन का किया गया निस्तार
उन्नाव। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत करीब 77 लाख रुपये मूल्य के 89.55 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट कराया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (डीडीसी) की निगरानी में की गई।पुलिस के मुताबिक, न्यायालय से प्राप्त आदेशों के अनुपालन में जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज 37 मुकदमों में जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण किया गया। यह प्रक्रिया दही थाना क्षेत्र स्थित डी-1 साइट नंबर-1 स्थित एओबी प्राइवेट लिमिटेड के बॉयलर (इन्सिनरेटर) में सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पूरी कराई गई। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 85.35 किलोग्राम गांजा, 3.85 किलोग्राम चरस, 100 ग्राम स्मैक और 250 ग्राम मॉर्फिन शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इनका कुल वजन 89.55 किलोग्राम था और इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 77 लाख रुपये आंकी गई है। पूरी कार्रवाई क्षेत्राधिकारी नगर विनी सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस दौरान ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्य, संबंधित थाना प्रभारी समेत पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई भी पूरी की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
आग से सबक नहीं : नोटिस के बाद भी बेखौफ चल रहीं 12 असुरक्षित कमर्शियल बिल्डिंगें
Fri, Jul 3, 2026
लखनऊ हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभागों की सुस्ती बनी चिंता का कारण
उन्नाव। लखनऊ के भीषण अग्निकांड ने प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, लेकिन उन्नाव में हालात अब भी जस के तस हैं। शहर की जिन 12 व्यावसायिक इमारतों को अग्निशमन विभाग ने असुरक्षित मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी, वे आज भी बिना जरूरी मानकों को पूरा किए संचालित हो रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। करीब दो महीने पहले अग्निशमन विभाग ने इन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर बिजली विभाग को उनके विद्युत कनेक्शन काटने के लिए नोटिस भेजी थी। कुछ संस्थानों के कनेक्शन काटे भी गए, लेकिन बाद में यह कहते हुए दोबारा जोड़ दिए गए कि संबंधित संस्थाएं जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेंगी।हालांकि दो महीने बीत जाने के बाद भी इन भवनों की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। सभी प्रतिष्ठान पहले की तरह संचालित हो रहे हैं और विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 12 भवनों को नोटिस जारी की गई थी, उनमें होटल, शॉपिंग मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इस मामले में अधिशासी अभियंता विद्युत पीडी नगर हिमांशु गौतम ने बताया कि संस्थानों के बिजली कनेक्शन काटे गए थे और उन्हें कमियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। हालांकि बिजली विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि यह कार्रवाई करीब दो महीने पहले की गई थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि 10 दिन की मोहलत आखिर दो महीने तक कैसे बढ़ गई। बताया जा रहा है कि नोटिस पाने वाले संस्थानों में होटल शिव इन, होटल न्यू भजन, सिटी कार्ट, वी-मार्ट, ड्रीम पैलेस और आभा कॉन्टिनेंटल समेत कुल 12 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इनमें रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि किसी भी तरह की अग्नि दुर्घटना होती है तो उसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। लखनऊ की दर्दनाक घटना के बाद भी उन्नाव में प्रशासन और संबंधित विभागों की निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। असुरक्षित घोषित भवनों पर न तो प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही इनके संचालन पर रोक लगाई गई। ऐसे में आम जनता की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
कचरा डंप करने से मछलियों की मौत : तालाब स्वामी ने की शिकायत
Fri, Jul 3, 2026
मरी मछलियों से बीमारी फैलने का खतरा, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
उन्नाव। आसीवन क्षेत्र में एक निजी तालाब में कथित रूप से लगातार कचरा और प्लास्टिक डाले जाने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। तालाब स्वामी ने प्रशासन से शिकायत कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आसीवन तरफ पश्चिम निवासी सैफउर रहमान सफवी ने प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनका निजी तालाब ‘गढ़हा’ के नाम से जाना जाता है। आरोप है कि मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह पिछले कई दिनों से तालाब में भारी मात्रा में कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट डंप करा रहे हैं। इससे तालाब का पानी गंभीर रूप से प्रदूषित हो गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रदूषण और पानी में ऑक्सीजन की कमी के चलते तालाब में पाली गई अधिकांश मछलियां और ब्रूडर मछलियां मर गई हैं। तालाब में कई मरी हुई मछलियां पानी में तैरती दिखाई दे रही हैं, जिससे आसपास दुर्गंध फैल गई है। ग्रामीणों में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।तालाब स्वामी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही तालाब की तत्काल सफाई, मरी हुई मछलियों का सुरक्षित निस्तारण और मछली पालन में हुए आर्थिक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाया जाए। फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच शुरू होने का इंतजार है।