आस्था के पहरे टूटे : मां चंडिका देवी मंदिर को चोरों ने बनाया निशाना
Sat, Jan 3, 2026
एक हफ्ते का चढ़ावा ले गए चोर, पुजारी सुबह पहुंचे तो टूटा मिला ताला
उन्नाव। बीघापुर कस्बे में स्थित बक्सर गांव के प्रसिद्ध मां चंडिका देवी मंदिर में शुक्रवार रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मंदिर के तीन-तीन ताले तोड़कर गर्भगृह तक पहुंच बनाई और दानपात्र समेत पूजन सामग्री उठा ले गए। दानपात्र में करीब 40 हजार रुपये होने की बात कही जा रही है। घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें तीन संदिग्ध नजर आ रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। शनिवार सुबह जब मंदिर के पुजारी रोजाना की पूजा के लिए पहुंचे तो उन्होंने मंदिर के ताले टूटे देखे। अंदर जाने पर दानपात्र गायब मिला और सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद तुरंत पुलिस और मंदिर समिति को सूचना दी गई। चोरी की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले गंगा की ओर से आने वाले रास्ते पर लगे चैनल का ताला तोड़ा गया। इसके बाद मंदिर की बाहरी दीवार पर लगे चैनल का ताला तोड़ा गया। अंत में गर्भगृह की ओर जाने वाले रास्ते का ताला तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए। चोरों ने गर्भगृह में रखे दानपात्र को उखाड़ लिया और उसे लेकर फरार हो गए। इसके साथ ही पूजा में इस्तेमाल होने वाला कुछ अन्य सामान भी चोरी कर लिया गया। मंदिर परिसर में मौजूद देवी प्रतिमा के चेहरे पर लगे मुखौटे को भी उखाड़ने की कोशिश की गई, हालांकि चोर उसे ले जाने में सफल नहीं हो सके। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर काफी देर तक मंदिर के अंदर रहे और बिना किसी डर के उन्होंने ताले तोड़कर चोरी की। सूचना मिलने पर बारासगवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीओ बिघापुर मधुपनाथ मिश्रा और थानाध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्र ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीन संदिग्ध चोर साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उनकी पहचान कर ली जाएगी और घटना का खुलासा किया जाएगा। मंदिर परिसर की देखरेख करने वाले मोहित दुबे ने बताया कि दानपात्र में पिछले एक सप्ताह में चढ़ावा चढ़ा था, जिसकी रकम लगभग 40 हजार रुपये के आसपास थी। उन्होंने मंदिरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए रात्रि गश्त और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। घटना के बाद श्रद्धालुओं में रोष है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल भी अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और मंदिर की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है। पुलिस का भरोसा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंचा जाएगा।
अमृत योजना फेज-2 : न समय की बंदिश, न मोटर चलाने की झंझट नल खोला और पानी हाजिर
Sat, Jan 3, 2026
पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही दूसरे वार्डों में भी लागू होगी व्यवस्था
उन्नाव। शहर के पीडी नगर वार्ड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने अमृत योजना के दूसरे चरण में यहां अत्याधुनिक पेयजल योजना को मंजूरी दे दी है। इस पायलट प्रोजेक्ट पर 26.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के पूरा होते ही वार्ड के करीब 15 हजार लोगों को चौबीसों घंटे साफ पानी मिलेगा। अटल मिशन फॉर रीजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन यानी अमृत योजना के फेज टू में उन्नाव शहर के वार्ड नंबर 18 पीडी नगर को चुना गया है। यह शहर का पहला वार्ड होगा, जहां पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम से जलापूर्ति की जाएगी। इसी वजह से इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है।इस योजना के तहत इलाके में बड़े भूमिगत जल टैंक बनाए जाएंगे। इन टैंकों से पानी सीधे पाइप लाइनों के जरिए घरों तक पहुंचेगा। हर घर में मीटर लगेगा, ताकि जलापूर्ति पर नजर रखी जा सके। खास बात यह है कि टैंकों में पानी का स्तर कम होते ही सेंसर खुद सक्रिय हो जाएंगे और पंप अपने आप चालू हो जाएंगे। इससे पानी की सप्लाई बिना रुके जारी रहेगी। योजना में ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी, जो पाइप लाइनों में लगातार सही दबाव बनाए रखेंगी। इससे ऊंचाई वाले इलाकों और आखिरी छोर के घरों तक भी समान रूप से पानी पहुंचेगा। अभी तक लोगों को कम प्रेशर और अनियमित सप्लाई की जो परेशानी झेलनी पड़ती थी, उससे निजात मिलने की उम्मीद है। शिकायतों के समाधान के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। इस पेयजल योजना के लिए विशेष तकनीकी टीमें बनाई जाएंगी। उपभोक्ता मोबाइल फोन या एप के माध्यम से पानी न आने, लीकेज, प्रेशर कम होने जैसी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलते ही रैपिड टीम मौके पर पहुंचेगी और तय समय के भीतर फॉल्ट ठीक करेगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन झा के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी होगी। कंट्रोल रूम से टैंकों के जलस्तर, पंप की स्थिति और सप्लाई पर नजर रखी जाएगी। जैसे ही कहीं कोई दिक्कत सामने आएगी, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि इस सिस्टम में पानी खत्म होने जैसी स्थिति ही नहीं बनेगी। पहले चरण में करीब 3500 घरों को इस नई व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। योजना को जून 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में उन्नाव शहर के अन्य वार्डों में भी इसी तरह की ऑटोमेटिक और चौबीसों घंटे जलापूर्ति व्यवस्था लागू की जाएगी। कुल मिलाकर पीडी नगर के लिए यह योजना जीवन स्तर सुधारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। लगातार पानी मिलने से न सिर्फ घरेलू जरूरतें आसान होंगी, बल्कि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
ठंड में राहत का भरोसा : सदर विधायक ने जरूरतमंदों में बांटे कंबल
Fri, Jan 2, 2026
जरूरतमंदों के दर्द सुनते ही आवास पर मंगवाए कंबल, लोगों को मिली सीधी राहत
उन्नाव। शुक्रवार की सुबह सदर विधायक पंकज गुप्ता के आवास पर क्षेत्र की महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में पहुंचे। लोगों ने कड़ाके की ठंड से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की स्थिति बताते हुए कंबलों की आवश्यकता से विधायक को अवगत कराया। बताया गया कि ठंड बढ़ने के साथ ही कई परिवारों के सामने रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। लोगों की बात सुनते ही सदर विधायक ने बिना किसी देरी के तत्काल मदद का निर्णय लिया। आवास पर ही कंबलों की व्यवस्था कर जरूरतमंदों को वितरित कराया गया। कंबल मिलते ही बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। मौजूद लोगों ने इस त्वरित पहल को सराहनीय बताया। इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि ठंड के इस मौसम में किसी भी जरूरतमंद को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते आम लोगों की पीड़ा को समझना और समय पर मदद पहुंचाना उनका कर्तव्य है। विधायक ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जहां कहीं भी जरूरतमंद परिवारों को सहायता की आवश्यकता होगी, वहां हर संभव मदद की जाएगी। कंबल वितरण के दौरान क्षेत्र के लोगों ने विधायक के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता से कई परिवारों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि इस तरह की मानवीय पहल से गरीबों का भरोसा मजबूत होता है। कड़ाके की ठंड के बीच किया गया यह प्रयास जरूरतमंदों के लिए राहत तो बना ही, साथ ही समाज में आपसी सहयोग और संवेदना का संदेश भी देकर गया।