उन्नाव में बड़ा हादसा टला : चलती कार में अचानक लगी आग
Fri, Nov 21, 2025
अग्निशमन यंत्र नहीं, दुकानों और घरों से लाया गया पानी बना सहारा
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीडी नगर स्थित भव्य शिखा के पास एक कार अचानक धधक उठी। सड़क पर अचानक उठी लपटों ने राहगीरों को भी चौंका दिया, लेकिन गनीमत रही कि चालक ने फुर्ती दिखाते हुए समय रहते बाहर छलांग लगा दी।मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कार संख्या यूपी 78 सीपी 1657 उन्नाव शहर से पीडी नगर की तरफ बढ़ रही थी। भव्य शिखा के पास इंजन से धीरे-धीरे धुआं उठना शुरू हुआ। चालक गाड़ी रोक पाता, इससे पहले बोनट के नीचे आग भड़क गई और देखते ही देखते पूरी नाक वाली हिस्से में लपटें फैल गईं। खतरा बढ़ता देख चालक तुरंत कार से कूद गया और किनारे आ गया। आग लगते ही आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। इलाके में अग्निशमन यंत्र न होने के कारण लोग घरों और दुकानों से बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। करीब दस मिनट की कोशिशों के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। घटना के चलते कुछ देर के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी थम गई। सूचना पर पुलिस टीम पहुंची और स्थिति को संभाला। जली हुई कार को किनारे हटवाकर रास्ता साफ कराया गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट या इंजन की किसी तकनीकी समस्या से भड़की होगी। पुलिस ने कार मालिक से बातचीत शुरू की है और आग के असली कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। खुशकिस्मती रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन अचानक लगी आग ने लोगों को कुछ देर के लिए डरा जरूर दिया।
विधायक ने किया निरीक्षण : गांधीनगर से गदनखेड़ा तक आधुनिक कॉरिडोर की ओर बढ़ता उन्नाव
Thu, Nov 20, 2025
रोटरी चौराहा, सेल्फी प्वाइंट और बस स्टैंड जैसी सुविधाओं पर हुई समीक्षा
उन्नाव। शहर को नया रूप देने वाली बड़ी परियोजनाओं की तैयारियां अब तेजी पकड़ रही हैं। गांधीनगर तिराहे के व्यापक सौंदर्यीकरण और गांधीनगर से गदनखेड़ा चौराहे तक फुटपाथ को नई पहचान देने के काम का गुरुवार को सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों के साथ घूमकर उन्होंने पूरे प्लान को समझा और कई सुधार सुझाव भी दिए। विधायक ने कहा कि गांधीनगर तिराहे को शहर के भव्य प्रवेश द्वार की तरह विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित डिजाइन में रोटरी चौराहा, वेंडिंग जोन, टेंपो और ऑटो स्टैंड, इलेक्ट्रिक बस स्टैंड, सेल्फी प्वाइंट और कलम–तलवार का आकर्षक शिल्प शामिल है। उनका कहना था कि ये सभी सुविधाएं न सिर्फ तिराहे को पहचान देंगी बल्कि ट्रैफिक दबाव कम करके लोगों को राहत भी दिलाएंगी।
इधर, आवास विकास परिषद गांधी नगर से गदनखेड़ा तक की रोड को आधुनिक कॉरिडोर में बदलने में जुटी है। इस मार्ग पर डिवाइडर को ऊंचा किया जा रहा है, मजबूत ग्रिल लगाई जा रही है और फुटपाथ को नए अंदाज में बनाया जा रहा है। हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण की तैयारी भी चल रही है। पूरा रास्ता सुरक्षित और आकर्षक दिखे, इसी लक्ष्य से काम हो रहा है।विधायक ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में उन्नाव की छवि को बिल्कुल बदल देगी और शहर को नई पहचान देगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि काम तय समय में पूरा होने पर शहर के प्रवेश से लेकर मुख्य बाजार तक एक साफ, व्यवस्थित और सुंदर कॉरिडोर दिखेगा।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट सौम्या अरोड़ा, यूएसडीए के सचिव शुभम यादव, सहायक अभियंता अरविंद कुमार उपाध्याय, जिला प्लानर आंशिक अग्रवाल, आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता सूरज शर्मा व नवल कुमार, जेई विनय कुमार और यूएसडीए के अवर अभियंता संतोष कुशवाहा मौजूद रहे।
जंगल और नदी किनारे छिपे : शराब नेटवर्क पर पुलिस का वार
Thu, Nov 20, 2025
ड्रोन से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस और आबकारी ने की संयुक्त रेड
उन्नाव। अवैध शराब के खिलाफ चल रही मुहिम को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। आबकारी विभाग और मौरावां थाना पुलिस ने ग्राम दृगपालगंज और हड़हरा क्षेत्र में सई नदी के किनारे छापेमारी की। यह इलाका घने जंगल और दुर्गम रास्तों की वजह से लंबे समय से कच्ची शराब बनाने वालों का छिपा ठिकाना था। टीम ने छापेमारी से पहले पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की। ड्रोन फुटेज में कई संदिग्ध जगहें दिखीं, जिनके आधार पर पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीम जंगल और नदी किनारे तक पहुंची। झाड़ियों के भीतर अस्थायी भट्ठियां मिलीं जहां शराब बनाने के उपकरण, ड्रम और लहन भरा पड़ा था। टीम को देखते ही वहां मौजूद लोग मौका पाकर भाग निकले। कार्रवाई में 20 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। करीब 300 किलो लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले ड्रम, पाइप, डिग्गी और अन्य सामग्री तोड़कर जला दी गई। तैयार शराब को बहा दिया गया और पूरी जगह को दोबारा ड्रोन से देखकर जांचा गया, ताकि कोई ठिकाना बच न पाए। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने कहा कि अवैध शराब से न सिर्फ लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ता है, बल्कि इससे राजस्व को भी नुकसान होता है। टीम के अनुसार आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलेंगे। ड्रोन निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि जंगल और नदी किनारे छिपकर चल रहे इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।