एसआईआर में बूथ स्तर पर सियासी तैयारी साफ : तीन दलों ने मारी बाजी, कांग्रेस और आप पीछे
Mon, Dec 15, 2025
26 दिसंबर तक चलेगा एसआईआर, मतदाता सूची के मिलान का काम जारी
उन्नाव। निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान जिले में राजनीतिक दलों की जमीनी सक्रियता अब साफ नजर आने लगी है। पोलिंग बूथों पर बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंट की तैनाती के आंकड़ों ने दलों की तैयारी का असली हाल सामने रख दिया है। चार प्रमुख दलों में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने जहां पूरी ताकत झोंक दी, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मौजूदगी बेहद कमजोर दिखाई दी। जिले में कुल 2501 पोलिंग बूथ हैं। निर्वाचन विभाग की अपील के बाद एसआईआर के लिए सभी दलों से प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने को कहा गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सपा, बसपा और भाजपा ने जिले की सभी छह विधानसभाओं में शत प्रतिशत बूथों पर अपने एजेंट तैनात कर दिए हैं। इन तीनों दलों की ओर से एक भी बूथ खाली नहीं छोड़ा गया, जिससे यह साफ हो गया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर ये दल बेहद गंभीर हैं। इसके उलट कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पार्टी जिले के केवल 256 बूथों पर ही बीएलए नियुक्त कर सकी है। इनमें सबसे अधिक 196 एजेंट बांगरमऊ विधानसभा में लगाए गए हैं। भगवंतनगर में 52 और पुरवा में महज आठ बूथों पर कांग्रेस की मौजूदगी है। जबकि सफीपुर, मोहान और उन्नाव सदर विधानसभा में कांग्रेस का एक भी बीएलए तैनात नहीं हो सका है। आम आदमी पार्टी का हाल इससे भी कमजोर बताया जा रहा है। जिले भर में आप केवल 52 बूथों पर ही अपने एजेंट तैनात कर पाई है। एसआईआर जैसे अहम पुनरीक्षण कार्य में इतनी सीमित भागीदारी ने पार्टी की सांगठनिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसआईआर के बीच भी बन सकते हैं नए वोटर, भ्रम में न पड़ें लोग
उधर, एसआईआर को लेकर आम लोगों में फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए निर्वाचन प्रशासन ने स्थिति साफ की है। कई लोग यह मान रहे हैं कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाता नहीं बन सकते, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिक इस अवधि में भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। चार नवंबर से शुरू हुआ एसआईआर पहले चार दिसंबर तक पूरा होना था। बाद में इसकी समयसीमा बढ़ाकर 11 दिसंबर की गई और अब काम पूरा न होने पर अंतिम तारीख 26 दिसंबर तय की गई है। इस प्रक्रिया में वर्ष 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों का मिलान किया जा रहा है ताकि त्रुटियों को सुधारा जा सके। सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि एसआईआर के दौरान नए नाम जोड़ने पर कोई रोक नहीं है। लोग चाहें तो ऑफलाइन तरीके से अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर फार्म छह प्राप्त कर सकते हैं। भरे हुए फार्म के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने पर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर कोई भी पात्र नागरिक घर बैठे फार्म भर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं और पहली बार वोटर बनने वालों को किसी तरह की शंका में नहीं पड़ना चाहिए और समय रहते आवेदन कर देना चाहिए।
एसपी का कड़ा रुख : 25 दरोगाओं का फेरबदल, चेतावनी साफ
Sat, Dec 13, 2025
उग्रसेन सिंह को सौंपी गई किला चौकी, अब कामकाज पर होगी कसौटी
उन्नाव। जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर अब पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। शनिवार को हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही जिला पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि लापरवाही बरतने वाले चौकी और थाना प्रभारियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई केवल तबादला नहीं, बल्कि सख्त चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के निर्देश पर 25 उपनिरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में कई संवेदनशील थानों, चौकियों, पुलिस लाइन, शिकायत प्रकोष्ठ, चुनाव सेल और महिला थाना से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। प्रशासन का मानना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों के कारण कामकाज में शिथिलता आ रही थी, जिसे खत्म करना जरूरी हो गया था।
एसपी का दो टूक संदेश
पुलिस प्रशासन की ओर से साफ कहा गया है कि अब हर चौकी और थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सीधी नजर रखी जाएगी। फरियादियों की सुनवाई में देरी, क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण में कमजोरी या शिकायतों को नजरअंदाज करने जैसी शिकायतें मिलने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। केवल कुर्सी बदलने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदारी न निभाने वालों पर विभागीय कदम भी उठाए जाएंगे।
फील्ड में उतारने पर जोर
इस बार के फेरबदल में खास बात यह रही कि पुलिस लाइन में तैनात कई उपनिरीक्षकों को सीधे फील्ड की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कुछ चौकी प्रभारियों को हटाकर अन्य थानों में भेजा गया है। इससे साफ है कि प्रशासन अब कागजी काम से ज्यादा जमीन पर काम चाहता है।
जनता से जुड़े काम होंगे प्राथमिकता
शिकायत प्रकोष्ठ, महिला थाना और प्रमुख चौकियों पर तैनाती को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों से जुड़ी शिकायतों में किसी भी तरह की टालमटोल अब स्वीकार नहीं की जाएगी। हर शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण अनिवार्य होगा।
संदेश साफ, चेतावनी कड़ी
पुलिस अधीक्षक के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन किया जाए। किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या आदेश की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। इस बड़े फेरबदल के जरिए जिला पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब काम बोलेगा। कानून-व्यवस्था में ढिलाई, लापरवाही या मनमानी करने वाले चौकी प्रभारियों के लिए उन्नाव में अब कोई जगह नहीं है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस सख्त कदम से जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आम जनता का भरोसा पुलिस पर और बढ़ेगा।
सदर विधायक ने लगवाया नेत्र शिविर : बड़ी संख्या में पहुंचे मरीज
Fri, Dec 12, 2025
साईं आई हॉस्पिटल और हनुमंत जीव आश्रय संस्थान ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी
उन्नाव। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय पर जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर लगवाया। सुबह से ही शिविर में मरीजों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ आई। शहर और आसपास के गांवों से आए लोग आंखों की जांच करवाने के साथ मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए पंजीकरण कराते नजर आए। शिविर को सफल बनाने में साईं आई हॉस्पिटल और हनुमंत जीव आश्रय सेवा संस्थान की टीम पूरे वक्त सक्रिय रही। दोनों संस्थाओं के चिकित्सकों और स्वयंसेवकों ने जांच से लेकर परामर्श तक की सभी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई। विधायक के पुत्र प्रखर गुप्ता ने पूरा आयोजन संभाला। वह लगातार मरीजों के बीच घूमकर हालचाल लेते रहे। कई बुजुर्गों ने अपनी दिक्कतें बताईं, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया। प्रखर गुप्ता ने कहा कि कई लोग आर्थिक तंगी या जागरूकता के अभाव में समय पर इलाज नहीं करा पाते, इसी वजह से ऐसे शिविर बेहद जरूरी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी इस तरह की पहल और बड़े पैमाने पर की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को नेत्र उपचार मिल सके। शिविर में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि दिन भर में आए कई मरीज ऐसे थे जिन्हें लंबे समय से इलाज की जरूरत थी लेकिन सुविधा न मिल पाने से मामला टलता गया। जांच में योग्य पाए गए मरीजों का ऑपरेशन निर्धारित तिथियों पर हॉस्पिटल में किया जाएगा। कार्यक्रम में अखिलेश अवस्थी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अवनीश गुप्ता, विराज गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि प्रदीप सिंह, पवन सिंह, राधेश्याम शुक्ला और सोनू सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने शिविर में आए लोगों को सहयोग प्रदान किया और व्यवस्था संभाली।