मजिस्ट्रियल जांच : साधु हत्याकांड के आरोपी के एनकाउंटर की होगी पड़ताल
Fri, Jun 19, 2026
डीएम के आदेश पर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई जिम्मेदारी
उन्नाव। बांगरमऊ के चर्चित साधु हत्याकांड में पुलिस एनकाउंटर के दौरान मारे गए एक लाख रुपये के इनामी आरोपी इसराइल उर्फ इज़राइल की मौत अब मजिस्ट्रियल जांच के दायरे में आ गई है। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित करते हुए तय समय में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। यह मामला बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के घूरे टोला मोहल्ले का है, जहां 9 जून को साधु मिलनदास की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस वक्त हुई जब साधु एक सभासद के अहाते में मौजूद थे। हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। मृतक के भाई ने पुलिस को तहरीर देकर पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी के तौर पर पुरबिया टोला निवासी इसराइल उर्फ इज़राइल को चिन्हित किया था। आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक 15 जून को मुठभेड़ के दौरान इजराइल मारा गया था।अब इस एनकाउंटर के बाद जिला प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच बैठा दी है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और संयुक्त निदेशक अभियोजन की कानूनी राय के आधार पर यह फैसला लिया गया है। डीएम के मुताबिक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 194 और 196 के तहत पुलिस कार्रवाई या हिरासत के दौरान होने वाली मौत के मामलों में मजिस्ट्रियल जांच जरूरी होती है। इसी नियम के तहत पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि एनकाउंटर की परिस्थितियां क्या थीं और पूरी कार्रवाई तय प्रक्रिया के तहत हुई या नहीं। इस मामले पर अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
सीएम की बड़ी सौगात : 570 करोड़ की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
Thu, Jun 18, 2026
रैपिड रेल और आउटर रिंग रोड का किया ऐलान
विपक्ष पर भी जमकर किया हमला, जनसभा में जुटे जनप्रतिनिधि और हजारों लोग
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गुरुवार को जिले के भवानखेड़ा गांव में आयोजित जनसभा में विकास और राजनीति दोनों मोर्चों पर बड़ा संदेश दिया। 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्नाव को बड़ी सौगात देते हुए लखनऊ-कानपुर के बीच उन्नाव से होकर रैपिड रेल कॉरिडोर और स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) से जोड़ने के लिए बाहरी रिंग रोड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। उन्होंने कहा कि वीर शहीद गुलाब सिंह की स्मृति में बने पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता दोगुनी कर दी गई है, जिससे पुलिस प्रशिक्षण को और मजबूती मिलेगी। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यातायात के दबाव को देखते हुए आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रैपिड रेल कॉरिडोर बनने से लखनऊ, कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन तेज और आसान होगा। साथ ही आउटर रिंग रोड क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं जिले की तस्वीर बदलने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए करीब 700 एकड़ और औद्योगिक क्लस्टर के लिए 200 एकड़ भूमि तैयार की जा चुकी है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। राजनीतिक अंदाज में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में प्रदेश में माफिया और अराजकता का माहौल था, लेकिन आज कानून का राज स्थापित है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य और क्रांति की भूमि बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों को नमन किया। उन्होंने कहा कि राजा रामबख्श सिंह और वीर गुलाब सिंह लोधी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी, भाजपा प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा, सांसद साक्षी महाराज , जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, सदर विधायक पंकज गुप्ता, पुरवा विधायक अनिल सिंह, सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार, मोहान विधायक बृजेश रावत, भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ल, एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान, पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद अवस्थी, पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि अमितेश सिंह नंदू, जिला महामंत्री रजनीश वर्मा, मनीष जायसवाल, प्रवीण सिंह नूतन और ब्लॉक प्रमुख बिछिया नीरज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि विकास अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव और जिलों तक इसकी सीधी पहुंच होगी। उन्नाव को प्रदेश के विकास मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम : परिजनों ने लगाए हत्या के आरोप
Thu, Jun 18, 2026
फोन कर बुलाने के बाद लापता हुआ था युवक, सड़क किनारे मिला शव
उन्नाव। सफीपुर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान (21) के रूप में हुई है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा मान रही है, लेकिन परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया है। .जानकारी के मुताबिक आदित्य कानपुर में एक तेल की दुकान पर काम करता था। वह परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी दो बहनें हैं। बुधवार को उसका शव सफीपुर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि आदित्य का प्रेम संबंध फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के कोडरी गांव की रहने वाली से था। उनका कहना है कि अंजलि ने फोन कर आदित्य को बुलाया था। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया।मृतक के परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद परिवार में भारी आक्रोश है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ भी कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। फिलहाल यह मामला हादसा है या हत्या, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।