जनसेवा की मिसाल : बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे तीन परिवारों के सहारे बने अंकित परिहार
Wed, Jun 17, 2026
जरूरतमंद मरीजों को दिलाई आर्थिक मदद, बोले- इलाज के रास्ते में पैसों की कमी नहीं बनने देंगे बाधा
उन्नाव। राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं बल्कि समाज सेवा का जरिया मानने वाले भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी नेता अंकित सिंह परिहार लगातार जरूरतमंद लोगों के बीच मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता हो, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज की व्यवस्था हो या फिर प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई में सहयोग, अंकित परिहार क्षेत्र में ऐसे लोगों के लिए सहारा बनते नजर आ रहे हैं जिन्हें समय पर मदद की आवश्यकता होती है।इसी क्रम में उन्होंने तीन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की। सहायता मिलने के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। जानकारी के अनुसार झगरपुर निवासी अर्जुन पासवान, डौंडियाखेड़ा निवासी शिवकांती साहू तथा टेढ़ा गांव की शहनाज बानो लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। बीमारी के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा था और इलाज जारी रखना उनके लिए चुनौती बन गया था। मामले की जानकारी मिलने पर अंकित सिंह परिहार ने स्वयं पहल करते हुए तीनों परिवारों तक मदद पहुंचाई और इलाज के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया। परिवारों से मुलाकात के दौरान उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि कठिन समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का इलाज केवल इसलिए प्रभावित नहीं होना चाहिए क्योंकि उसके पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं हैं। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि भगवंतनगर क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति उनके परिवार का हिस्सा है। क्षेत्र के किसी भी जरूरतमंद नागरिक को यदि इलाज, शिक्षा या अन्य आवश्यक कार्यों में सहयोग की जरूरत होगी तो वह हरसंभव मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनसेवा केवल चुनाव तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक निरंतर जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाते रहेंगे। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अंकित परिहार समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों, छात्रों और मरीजों की सहायता करते रहे हैं। यही कारण है कि सामाजिक कार्यों को लेकर उनकी सक्रियता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रहती है।
मुर्तजानगर स्टेडियम विवाद : गड़बड़ी के आरोपों को यूपीसीए ने नकारा
Tue, Jun 16, 2026
मोहसिन रजा के आरोपों को बताया निराधार, कहा- अभी नहीं हुआ समतलीकरण और पिच निर्माण
उन्नाव। मुर्तजानगर में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम को लेकर उठे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूपीसीए पदाधिकारियों का कहना है कि स्टेडियम निर्माण में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है और जिस निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसका एसोसिएशन से कोई संबंध नहीं है।मंगलवार को यूपीसीए के सचिव एवं उत्तर प्रदेश क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष प्रेम मनोहर गुप्ता कानपुर से लखनऊ जाते समय मुर्तजानगर पहुंचे और स्टेडियम के लिए खरीदी गई भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से केवल जमीन खरीदने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। स्टेडियम निर्माण के लिए अभी तक कोई अलग बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीन विक्रेता की ओर से कराया गया कार्य है। यूपीसीए का उससे कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में तीन करोड़ रुपये की कथित बंदरबांट अथवा निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष एवं यूपीसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष अरविंद कमल ने दादा मियां चौराहा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुर्तजानगर स्थित प्रस्तावित स्टेडियम परिसर में अभी न तो मैदान का समतलीकरण कराया गया है और न ही पिच निर्माण का कोई कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन रजा द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। अरविंद कमल ने बताया कि वर्तमान में यूपीसीए की प्राथमिकता वाराणसी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गाजियाबाद और उन्नाव में खरीदी गई जमीनों पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस दौरान जिला क्रिकेट एसोसिएशन के महामंत्री पीके मिश्रा भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने मुर्तजानगर में करीब 13 हेक्टेयर भूमि खरीदी है। सोमवार को वक्फ बोर्ड अध्यक्ष एवं पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा ने स्टेडियम स्थल का निरीक्षण कर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि वर्ष 2011 में बीसीसीआई ने स्टेडियम और क्रिकेट अकादमी निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। मोहसिन रजा का आरोप था कि मौके पर किसी बड़े निर्माण कार्य के प्रमाण नहीं दिखाई देते, जबकि यूपीसीए अपनी बैलेंस शीट में पिछले कई वर्षों से करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख कर रहा है। उन्होंने मामले को वित्तीय अनियमितता से जुड़ा बताते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।हालांकि, यूपीसीए पदाधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि स्टेडियम निर्माण को लेकर किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है और समय आने पर परियोजना को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन सख्त : रातभर चला चेकिंग अभियान
Tue, Jun 16, 2026
24 घंटे के अभियान में 63 वाहनों का चालान, 29 वाहन जब्त कर 6.25 लाख का जुर्माना
उन्नाव। जिले में अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग और खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के निर्देश पर चलाए गए 24 घंटे के विशेष अभियान में परिवहन नियमों की अनदेखी करने वालों पर व्यापक कार्रवाई की गई। संयुक्त टास्क फोर्स ने जिले के विभिन्न मार्गों पर जांच अभियान चलाकर 63 वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 29 वाहनों को सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 6.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई जाजमऊ क्षेत्र में सामने आई। सोमवार देर रात सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान करीब 12 बजे एक डंपर को रोककर उसकी जांच की गई। जांच में पता चला कि 47 टन क्षमता वाले वाहन में 73 टन मौरंग लदी हुई थी। यानी डंपर निर्धारित क्षमता से 26 टन अधिक भार लेकर सड़क पर दौड़ रहा था। ओवरलोडिंग की पुष्टि होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल वाहन को सीज करने के निर्देश दिए।अभियान के दौरान केवल ओवरलोडिंग ही नहीं, बल्कि बिना वैध खनिज प्रपत्रों के खनिज परिवहन, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालन तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए। जांच टीम ने ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं, बल्कि सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन से सरकारी राजस्व को भी क्षति पहुंचती है। इसी को देखते हुए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई गई है।जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित जांच करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन में लगे वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।