भरोसे का सौदा : नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार
Wed, Jan 28, 2026
फर्जी दस्तावेज और झूठी पहचान के सहारे चलता रहा ठगी का खेल, कई पीड़ित आए सामने
उन्नाव। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखो की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को आसीवन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बड़े मेडिकल संस्थानों से जुड़ा बताकर बेरोजगारों को झांसे में लेता था और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग लोगों से कुल 35 लाख 20 हजार रुपये की ठगी की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लंबी जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।
खुद को पीजीआई से जुड़ा बताया, लाखों ऐंठे
पुलिस के अनुसार, आसीवन क्षेत्र के गांव जारुल्लानगर निवासी मनोज कुमार पुत्र छेदीलाल ने 3 सितंबर 2024 को थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि लखनऊ निवासी मनोज कुमार नाम के व्यक्ति ने खुद को पीजीआई लखनऊ में असिस्टेंट डायरेक्टर के प्रशासनिक विभाग से जुड़ा बताया। उसने यह भी दावा किया कि उसकी पहुंच ऊंचे अधिकारियों तक है और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है। इसी भरोसे पर मनोज कुमार से 6 लाख रुपये लिए गए। बाद में आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब नौकरी ज्वाइन कराने की बात आई तो टालमटोल शुरू हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई लोगों को इसी तरह ठगा।
कई पीड़ित, अलग-अलग रकम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने रुपनारायण से 13 लाख रुपये, करुणा शंकर से 4.50 लाख रुपये, सुनील कुमार से 4 लाख रुपये, दिलीप वर्मा से 4 लाख रुपये और कमलेश से 3.70 लाख रुपये इस तरह कुल 35.20 लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर वसूले। सभी को पीजीआई लखनऊ से जुड़ा बताकर कूटरचित नियुक्ति पत्र दिए गए।
फर्जी दस्तावेज, असली ठगी
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी शिक्षण संस्थानों से जुड़ा रहा है और इसी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था। वह खुद को माइक्रोबायोलॉजी का प्रोफेसर और टीएस मिश्रा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बताता था। इसी प्रोफाइल के दम पर वह बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाता था।
मेडिकल कॉलेज से गिरफ्तारी
थाना आसीवन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि आरोपी मनोज कुमार को सोहरामऊ थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद मेडिकल कॉलेज से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी या बड़े संस्थान में नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी नियुक्ति पत्र या नौकरी के दावे की पहले संबंधित विभाग से पुष्टि जरूर करें, ताकि ऐसे ठगों के जाल में न फंसा जा सके।
यूजीसी कानून वापस लेने की मांग : बांगरमऊ में सवर्ण समाज ने जताया विरोध
Wed, Jan 28, 2026
कानून से अधिकारों के हनन का आरोप, सरकार से पुनर्विचार की मांग
उन्नाव। बांगरमऊ में बुधवार को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने खुलकर नाराज़गी जताई। बड़ी संख्या में लोग तिकोनिया पार्क में जुटे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी कानून को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे थे। तिकोनिया पार्क से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जुलूस के रूप में तहसील परिसर तक पहुंचा। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों के तेवरों से साफ था कि समाज में इस मुद्दे को लेकर गहरा असंतोष है। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे रूट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी ब्रजमोहन शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए सरकार से मांग की गई कि यूजीसी कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। उनका कहना था कि यह विरोध सिर्फ बांगरमऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले और प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज के अधिकारों को कमजोर करता है और इससे सामाजिक असंतुलन पैदा हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार बिना सभी वर्गों से बातचीत किए ऐसे फैसले ले रही है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है, ताकि समाज में टकराव की स्थिति न बने। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने और यूजीसी कानून पर दोबारा विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो आने वाले दिनों में विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।
रात एक बजे चली गोली : महिला शिक्षामित्र की मौके पर मौत
Wed, Jan 28, 2026
किसी से विवाद की बात सामने नहीं आई, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
उन्नाव। जिले के असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में मंगलवार रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला शिक्षामित्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना देर रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। गोली सीने में सामने की ओर से दाहिनी तरफ मारी गई, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई।मृतका की पहचान श्रीकांति (39) पत्नी ओमकार रावत के रूप में हुई है। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पिछले करीब 20 वर्षों से शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थीं। परिवार में पति, एक बेटी और एक बेटा है। बेटी रिया (13) मां के साथ ही घर पर रहती है, जबकि बेटा रौनक पढ़ाई के लिए ननिहाल में रह रहा है।परिजनों के अनुसार, श्रीकांति रात में लघुशंका के लिए उठी थीं। इसी दौरान अचानक फायर की आवाज आई। आवाज सुनकर घर के लोग जागे और मौके पर पहुंचे, तो श्रीकांति चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पड़ोस में रहने वाले जेठ राजेंद्र भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। रात में ही पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर सिंह और थाना प्रभारी फूल सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ गांव पहुंचे। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई और साक्ष्य जुटाए गए।मृतका के पति की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बेटी के बदले बयान, जांच में उलझन
जांच के दौरान मृतका की बेटी रिया के बयानों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, रिया ने पहले बताया कि उसकी मां बाथरूम से लौट रही थीं, तभी सामने से गोली मारी गई और उसने आरोपी को भागते हुए देखा। हालांकि, कुछ समय बाद उसने बयान बदला और कहा कि फायर की आवाज सुनकर जब उसने आंखें खोलने की कोशिश की, तो उसे धुंधला दिखाई दे रहा था, जैसे आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। बेटी के बार-बार बदलते बयान और परिवार के किसी से भी बाहरी विवाद की जानकारी न मिलने के चलते पुलिस को घटना के पीछे परिवार के भीतर ही किसी की भूमिका होने की आशंका भी लग रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।