गांधीनगर तिराहे पर ऑटो स्टैंड विवाद : पांच लोगों पर मुकदमा, तलाश में जुटी पुलिस
Sun, Jan 25, 2026
मारपीट के दौरान सोने की चेन गिरने का आरोप, धमकी देकर मौके से भागे आरोपी
उन्नाव। शहर के गांधीनगर तिराहे के पास शनिवार रात ऑटो स्टैंड पर सवारी बैठाने को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया था। दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। पीड़ित की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।प्रदर्शनीनगर मोहल्ला निवासी तन्ना सोनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पेशे से ऑटो चालक है। शनिवार शाम वह अपने साथियों के साथ स्टैंड पर मौजूद था। इसी दौरान सवारी बैठाने को लेकर उसकी अनुराग धानुक से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि विवाद के बाद अनुराग ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। तन्ना के मुताबिक, आरोपियों में आशीष यादव, सोल्जर गुप्ता, अमित गुप्ता और एक अन्य युवक अनुज शामिल है, जिसका पूरा पता अभी सामने नहीं आया है। मारपीट के दौरान जब उसके साथी आयुष पटेल बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। इस अफरा-तफरी में तन्ना के गले से सोने की चेन भी गिर गई। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद जब उसने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना का वीडियो वायरल होने से मामला और गंभीर हो गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के पते खंगाले जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने ऑटो स्टैंडों पर आए दिन होने वाले विवादों और कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्नाव की मिठास को मिली पहचान : ओडीओसी में चुना गया चकलवंशी का रसगुल्ला
Sun, Jan 25, 2026
पैकिंग से लेकर मार्केटिंग तक हर स्तर पर मिलेगी सरकारी मदद
उन्नाव। उन्नाव की पहचान अब सिर्फ इतिहास और गंगा किनारे बसे घाटों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मिठास के स्वाद से भी देश और दुनिया में पहुंचेगी। जिले के चकलवंशी इलाके के मशहूर रसगुल्ले को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत चुना गया है। इसका मकसद स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान देना और उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।
प्रदेश सरकार ने पहले से चल रही एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की तर्ज पर अब व्यंजनों को भी ब्रांड के रूप में विकसित करने की पहल की है। इसके तहत हर जिले से एक खास मिठाई या पारंपरिक खाद्य पदार्थ चुना जा रहा है, ताकि स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को बड़ा बाजार मिल सके। उन्नाव से इस सूची में चकलवंशी का रसगुल्ला अपनी अलग पहचान और स्वाद के चलते आगे आया है। जानकारी के मुताबिक, उद्योग विभाग ने पहले चरण में चकलवंशी के रसगुल्ले और कचौड़ी गली के समोसे का प्रस्ताव भेजा था। विस्तृत परीक्षण और गुणवत्ता मानकों के बाद रसगुल्ले को अंतिम रूप से चयनित किया गया है। अब इसे एक ब्रांड के तौर पर विकसित किया जाएगा। उपायुक्त उद्योग करुणा राय के अनुसार, रसगुल्ले को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से प्रमाणन दिलाया जाएगा, ताकि देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इसकी बिक्री में किसी तरह की दिक्कत न आए। इसके साथ ही कारोबार से जुड़े लोगों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकेजिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे मिठाई की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सके। सरकार की योजना यहीं तक सीमित नहीं है। रसगुल्ले के कारोबार को बढ़ाने के लिए व्यापारियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी पर ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। आधुनिक पैकिंग, बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित किया जाएगा। भविष्य में चकलवंशी के रसगुल्ले की जीआई टैगिंग कराने की भी तैयारी है, जिससे इसकी पहचान और कानूनी सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। स्थानीय मिठाई कारोबारियों का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ उनके व्यवसाय को नया आयाम मिलेगा, बल्कि चकलवंशी और उन्नाव का नाम भी देश-दुनिया में पहुंचेगा। पारंपरिक स्वाद अब आधुनिक पैकिंग और सरकारी सहयोग के साथ नए बाजार की ओर कदम बढ़ाने को तैयार है।
कोर्ट की चौखट से विकास की राह : फारूक अहमद एडवोकेट सम्मानित किए गए
Sat, Jan 24, 2026
फारूक अहमद की जनहित याचिकाओं का असर, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
उन्नाव। अधिवक्ता एसोसिएशन बांगरमऊ ने शनिवार को आयोजित स्वागत समारोह के जरिए एक स्पष्ट संदेश दिया कि कानून अगर जनहित में इस्तेमाल हो, तो वह विकास का मजबूत जरिया बन सकता है। इसी भावना के तहत उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दाखिल कर क्षेत्र से जुड़ी कई बुनियादी समस्याओं को उठाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट को सम्मानित किया गया। इसी मौके पर बांगरमऊ भाजपा विधायक श्रीकांत कटियार को भी सम्मान किया गया। यह आयोजन अधिवक्ता एसोसिएशन बांगरमऊ के बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज से संबद्ध होने के उपलक्ष्य में किया गया। समारोह में ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा (कुर्मिन खेड़ा) निवासी, उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद को उनके सामाजिक और विधिक योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
बताया गया कि फारूक अहमद एडवोकेट ने लंबे समय से बांगरमऊ और आसपास के क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दाखिल कीं। इनमें जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, तहसील से जुड़ी समस्याएं, रोडवेज बस अड्डा, सब रजिस्ट्रार कार्यालय, शारदा नहर पर पुल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। इन याचिकाओं के बाद कई विकास कार्यों को मंजूरी मिली और काम शुरू हुआ।
कार्यक्रम में विधायक श्रीकांत कटियार ने कहा कि फारूक अहमद ने कानून के जरिए क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे भी सहयोग देने की बात कही। अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट सत्यपाल ने कहा कि फारूक अहमद एक कुशल अधिवक्ता होने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अधिवक्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में फारूक अहमद एडवोकेट ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और उन सभी लोगों का है, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि कानून के माध्यम से क्षेत्र को पिछड़ेपन से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। फारूक अहमद ने बताया कि बांगरमऊ में संचालित ग्राम न्यायालय के आर्थिक अधिकार वर्तमान में 25 हजार रुपये तक सीमित हैं, जिससे आम लोगों को कई मामलों में राहत नहीं मिल पाती। इसी को देखते हुए उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर ग्राम न्यायालय की आर्थिक सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने की मांग की है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही अधिक मामलों का निस्तारण हो सके और लोगों को समय व खर्च से राहत मिल सके।
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी फजलुर्रहमान ने किया। इस मौके पर सत्यपाल एडवोकेट, बाल नारायण एडवोकेट, अनिल वर्मा एडवोकेट, सत्यनारायण कन्नौजिया, अजीत द्विवेदी, योगेश कुमार एडवोकेट, मुजम्मिल अहमद, मनोज गौतम, सुधीर कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।