मतदाता सूची में लापरवाही : एक घर में दो लोगों की पहचान बदली
Mon, Jan 19, 2026
शहर से गांव तक गलत प्रविष्टियों की भरमार, 31 जनवरी को फिर लगेगा शिविर
उन्नाव। जिले में चल रहे निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी की गई अनंतिम मतदाता सूची अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। 19 लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस सूची में इतनी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं कि आम लोग परेशान होकर बूथ लेवल अफसरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
अनंतिम सूची के अनुसार जिले में कुल 19,17,882 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जिनमें 10,56,458 पुरुष, 8,61,381 महिलाएं और 43 थर्ड जेंडर शामिल हैं। लेकिन सूची जारी होते ही शिकायतों की झड़ी लग गई। कहीं किसी हिंदू परिवार के घर में मुस्लिम नाम दर्ज हो गया है तो कहीं पिता और पति के नाम बदल दिए गए हैं। कई मामलों में वर्षों से चले आ रहे नाम अचानक सूची से गायब हो गए हैं।
शहर के मोहल्ला काशिफ अली सराय का मामला इसकी बानगी है। यहां एक ही घर के दो मतदाताओं के रिकॉर्ड में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। सरताज नामक युवक के पिता का नाम मतदाता सूची में शफीक दर्ज कर दिया गया है, जबकि उनके पिता का वास्तविक नाम मुशीर है। इसी तरह फरहीन वारसी के पति का नाम नौशाद है, लेकिन सूची में उनके पति का नाम शफीक अहमद लिख दिया गया। दोनों मतदाता पिछले दो दिनों से बीएलओ के पास जाकर नाम दुरुस्त कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
ग्रामीण इलाकों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। असोहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझखोरिया निवासी सुमेर सिंह का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन 2025 की अनंतिम सूची में उनका नाम पूरी तरह गायब हो गया है। सुमेर सिंह का कहना है कि वह पहले भी कई बार नाम जुड़वाने के प्रयास कर चुके हैं। रविवार को बूथ पर लगे शिविर में उन्होंने फिर से फार्म-6 भरकर बीएलओ को सौंपा, लेकिन उन्हें अब भी संशय है कि नाम जुड़ेगा या नहीं।
इसी तरह मिर्रीकला की निवासी ममता के पति का नाम बाबू है, लेकिन मतदाता सूची में उन्हें ममता पत्नी चंद्रभान दर्ज कर दिया गया है। पति का सही नाम दर्ज कराने के लिए ममता लगातार बूथ और बीएलओ के चक्कर काट रही हैं।
पुरवा तहसील के ग्राम पंचायत कांथा से भी सामने आया मामला और भी हैरान करने वाला है। वार्ड संख्या छह में नसीम के परिवार के साथ एक ऐसा नाम जोड़ दिया गया है, जो पिछले करीब दस वर्षों से गांव में रह ही नहीं रहा। सूची में कांथा मस्जिद के पूर्व मौलवी इकरामुद्दीन की पत्नी अजमेरुन निशा का नाम दर्ज है, जबकि मौलवी अपनी पत्नी सहित पिछले एक दशक से बहराइच में रह रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सत्यापन के नाम जोड़ दिए जाने से मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रविवार को अनंतिम मतदाता सूची को लेकर जिलेभर में बूथों पर विशेष शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में दस हजार से अधिक आपत्तियां और दावे दर्ज किए गए, जिनमें बड़ी संख्या नए नाम जोड़ने और गलत प्रविष्टियों को ठीक कराने से जुड़ी है। प्रशासन अब इन आपत्तियों और दावों की सूची तैयार कर रहा है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अभी सभी तहसीलों से अंतिम विवरण प्राप्त नहीं हुआ है। जो भी आपत्तियां और दावे सामने आए हैं, उनका नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगला विशेष शिविर 31 जनवरी को लगाया जाएगा, जिसमें मतदाता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। फिलहाल स्थिति यह है कि अनंतिम मतदाता सूची में सामने आ रही गड़बड़ियों ने आम मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। लोग यही सवाल कर रहे हैं कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले चुनावों में सही मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो जाएं।
पालिकाध्यक्ष ने डीएम से की मुलाकात : शराब ठेकों पर सीसीटीवी और सख्त निगरानी की मांग
Mon, Jan 19, 2026
ठेकों के बाहर जमावड़े पर रोक और सख्ती का भरोसा
उन्नाव। गंगाघाट क्षेत्र में हुई दर्दनाक पत्थरबाजी की घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। बीएड की छात्रा समीक्षा शुक्ला की मौत के बाद अब इस मामले में प्रशासनिक सख्ती की मांग तेज हो गई है। सोमवार को नगरपालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे और उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे ने जिलाधिकारी गौरांग राठी से मुलाकात कर मृतका के लिए न्याय की मांग उठाई और गंगाघाट क्षेत्र में बेलगाम नशेबाजी पर कड़ा रुख अपनाने की जरूरत बताई। पालिका अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से कहा कि यह घटना केवल आपसी विवाद का नतीजा नहीं है, बल्कि गंगाघाट क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लापरवाही और खुलेआम नशेबाजी का गंभीर परिणाम है। उन्होंने शराब ठेकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की कि सभी ठेकों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। साथ ही ठेकों के बाहर शराब पीने वालों, हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष को अपनी जान न गंवानी पड़े।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और मौके पर ही पुलिस अधीक्षक व आबकारी अधिकारी से बातचीत कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि गंगाघाट क्षेत्र में शराब ठेकों के आसपास नशेबाजों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और ठेकों के अंदर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि गंगाघाट सहित आसपास के इलाकों में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
दरअसल, यह घटना पांच दिन पहले शुक्लागंज स्थित कोतवाली गंगाघाट क्षेत्र की है। राजधानी मार्ग पर सर्वोदय नगर मोड़ के पास देर रात नशे में धुत दो युवकों के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। इसी दौरान गोपीनाथपुरम स्थित खाटू श्याम मंदिर से दर्शन कर लौट रहीं बीएड छात्रा समीक्षा शुक्ला इस पत्थरबाजी की चपेट में आ गईं। कंचन नगर निवासी 24 वर्षीय समीक्षा शुक्ला कानपुर के डीएवी कॉलेज में बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। बीते बुधवार की रात वह अपनी सहेली के साथ घर लौट रही थीं, तभी एक ईंट उनके सिर पर आकर लगी। गंभीर रूप से घायल समीक्षा को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई दिन तक चले इलाज के दौरान समीक्षा ने दम तोड़ दिया था। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
घटना के बाद से गंगाघाट क्षेत्र में लोगों का आक्रोश साफ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकों के बाहर खुलेआम नशेबाजी, जमावड़ा और आए दिन होने वाले झगड़ों की शिकायतें पहले भी की जाती रही हैं, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब एक होनहार छात्रा की जान जाने के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
इससे पहले रविवार को नगरपालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडे और उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे मृतका के घर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस मामले को प्रशासन के सामने पूरी मजबूती से उठाया जाएगा। साथ ही शराब ठेकों के बाहर होने वाले जमावड़े और नशेबाजी पर सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन भी दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि गंगाघाट और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और शराब ठेकों पर विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। समीक्षा शुक्ला के परिजन और क्षेत्रवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
डाक चौपाल से बढ़ी जागरूकता : ग्रामीणों को मिली पूरी जानकारी
Mon, Jan 19, 2026
खेल प्रतियोगिताओं के जरिए चौपाल को बनाया गया रोचक
उन्नाव। ग्रामीण इलाकों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मार्गदर्शन में जनपद के ग्राम मेथीटिकुर, पोस्ट आटवा में डाक चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मकसद गांव के लोगों को डाक विभाग से जुड़ी उन सेवाओं से रूबरू कराना था, जिनका लाभ लेकर वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ आर्थिक भविष्य को भी मजबूत बना सकें। कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सरल शब्दों में बताया कि आज का डाकघर सिर्फ चिट्ठी-पत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, बीमा और बचत से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा रहा है। चौपाल में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, बचत खाता, एसबी, आरडी, टीडी और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के जरिए गांव के लोग छोटी बचत से भी सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं। ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और माहौल को उत्साहपूर्ण बनाने के लिए कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को डाक विभाग की ओर से टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया गया। खेल प्रतियोगिता में गणेश और शिवम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विजेता का स्थान हासिल किया, जिन्हें विशेष रूप से सराहा गया। चौपाल में मौजूद वक्ताओं ने “डाक सेवा जन सेवा” के संदेश को दोहराते हुए कहा कि डाक विभाग का प्रयास है कि अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आधुनिक सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने भी योजनाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम में शाखा पोस्टमास्टर सुमित कुमार तिवारी, पूर्व सहायक शाखा पोस्टमास्टर रामदुलारे तिवारी, राहुल, पूर्व प्रांत प्रचारक सक्षम सिंह, नीरज तिवारी सहित बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग देखकर अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में और अधिक लोग डाक विभाग की योजनाओं से जुड़ेंगे और इसका लाभ उठाएंगे।