शाही स्नान से पहले गंगा पर पहरा : टेनरी और स्लाटर हाउस बंद
Fri, Jan 2, 2026
दूसरे दिन भी चली निगरानी, शुक्रवार को भी लिए जाएंगे नमूने
उन्नाव। माघ मेला और प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के पहले शाही स्नान को लेकर इस बार गंगा की स्वच्छता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शासन के निर्देशों के बाद जिले में दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र और बंथर स्थित सभी टेनरियों और स्लाटर हाउसों के आउटलेट चार दिन के लिए बंद करा दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को इस बंदी का दूसरा दिन रहा, जबकि शुक्रवार को भी निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रयागराज में तीन जनवरी को शाही स्नान प्रस्तावित है। इस दौरान गंगा में किसी भी तरह का प्रदूषित पानी न पहुंचे, इसके लिए स्नान से तीन दिन पहले ही आसपास के जिलों में टेनरियों और स्लाटर हाउसों के उत्प्रवाह बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में जिले में यह सख्त कदम उठाया गया है। डीएम के आदेश पर गठित जिला स्तरीय टीम ने बृहस्पतिवार को बंथर और दही चौकी क्षेत्र में दिनभर भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। टीम ने टेनरियों के आउटलेट, नालों और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने साफ किया कि यदि कहीं भी अपशिष्ट जल छोड़े जाने की शिकायत मिली तो संबंधित इकाई पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इधर, जिन स्लाटर हाउसों में पानी को अस्थायी रूप से रोकने की व्यवस्था है, वहां टैंकों में पानी संग्रहित कराया जा रहा है। जिले में ऐसे कुल सात स्लाटर हाउस हैं, जिनमें स्टोरेज की सुविधा मौजूद है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार इन इकाइयों की निगरानी कर रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता उपेंद्र प्रसाद के अनुसार छह स्लाटर हाउसों के टैंकों में जमा पानी के नमूने गुरुवार को ले लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। शेष एक स्लाटर हाउस से शुक्रवार को नमूना लिया जाएगा, ताकि सभी इकाइयों की स्थिति स्पष्ट हो सके। प्रशासन का कहना है कि माघ मेले और शाही स्नान के दौरान गंगा की पवित्रता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शाही स्नान के बाद ही सभी इकाइयों के आउटलेट खोले जाएंगे और वह भी जांच रिपोर्ट और अनुमति मिलने के बाद ही।
मोहान से उठी इंकलाब की आवाज़ : हसरत मोहानी की 150वीं जयंती पर याद हुआ आज़ादी का सफ़र
Thu, Jan 1, 2026
शायरी, विचार और आज़ादी के संघर्ष की यादें हुईं ताज़ा
उन्नाव। आज़ादी की लड़ाई को शब्द, विचार और साहस देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर पत्रकार और मशहूर शायर मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती गुरुवार को उन्नाव में पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाई गई। धवन रोड स्थित हसरत मोहानी पुस्तकालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिले के बुद्धिजीवी, साहित्यकार, अधिवक्ता, समाजसेवी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों से हुई, जिसने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति और विचारों की गर्माहट से भर दिया। वक्ताओं ने हसरत मोहानी के जीवन, संघर्ष और निर्भीक सोच को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहान से उठी आवाज, देशभर में बनी पहचान
1875 में उन्नाव जिले के मोहान कस्बे में जन्मे सैय्यद फ़ज़ल-उल-हसन, जिन्हें दुनिया हसरत मोहानी के नाम से जानती है, ने अपनी पूरी ज़िंदगी देश और समाज को समर्पित कर दी। “हसरत” उनका तखल्लुस था और “मोहानी” उनके जन्मस्थान की पहचान। वे निर्भीक पत्रकार थे, जिनकी लेखनी से अंग्रेजी शासन असहज हो उठता था। 1921 में दिया गया “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बाद में भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों की आवाज बना और आज भी आंदोलनों में गूंजता है। श्रीकृष्ण पर उर्दू और अवधि में रचनाएं लिखकर उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूती दी। 150वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मरण सभा नहीं, बल्कि यह संदेश भी था कि विचारों की सच्ची क्रांति समय की मोहताज नहीं होती।
विचारों की क्रांति का प्रतीक: फारूक अहमद
मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता और यश भारती सम्मान से सम्मानित समाजसेवी फारूक अहमद ने कहा कि मौलाना हसरत मोहानी केवल एक शायर नहीं, बल्कि विचारों की क्रांति के प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा सबसे पहले हसरत मोहानी ने ही दिया, जो आगे चलकर पूरे स्वतंत्रता संग्राम की पहचान बना। फारूक अहमद ने कहा कि 1921 के अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव रखना उस दौर में असाधारण साहस का उदाहरण था। उन्होंने कलम और कर्म दोनों से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी और कई बार जेल की यातनाएं सहने के बावजूद कभी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया।
सादगी, निडरता और देशप्रेम की मिसाल: भानू मिश्रा
कार्यक्रम में मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि एंव भाजपा नेता प्रवीण मिश्रा भानू ने अपने संबोधन में कहा कि हसरत मोहानी जैसे व्यक्तित्व सदियों में पैदा होते हैं। उनका जीवन सादगी, निडरता और देशप्रेम की मिसाल है। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों को केवल जयंती पर नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपनाकर सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। भानू मिश्रा ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा से विचार-विमर्श के उपरांत मौलाना हसरत मोहानी की याद को स्थायी रूप देने के लिए नगर पालिका परिषद की आगामी बोर्ड बैठक में उनके नाम पर पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि एसपी कार्यालय से पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर पूर्व में मौलाना हसरत मोहानी के नाम का पत्थर लगा था, जिसे किसी कारणवश हटा दिया गया था। अब वहां पत्थर की जगह स्टील से निर्मित स्मारक लगाया जाएगा, ताकि उनकी पहचान और विरासत को सम्मानजनक रूप से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि हसरत मोहानी उन्नाव ही नहीं, पूरे देश की धरोहर हैं।
शायरी से सजी महफ़िल
कार्यक्रम का साहित्यिक पक्ष भी खास रहा। स्थानीय शायरों ने हसरत मोहानी की मशहूर ग़ज़ल “चुपके चुपके रात दिन, आँसू बहाना याद है…” पढ़कर खिराज-ए-अकीदत पेश की। शायरी के साथ उनकी बेबाकी, सादगी और हिंदू-मुस्लिम एकता से जुड़े किस्सों का ज़िक्र हुआ, जिसे सुनकर श्रोताओं ने तालियों से समर्थन जताया।
युवाओं के लिए संदेश
वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे मौलाना हसरत मोहानी के जीवन से प्रेरणा लें। कहा गया कि आज के समय में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने आज़ादी के आंदोलन के दौर में थे। कार्यक्रम के दौरान यह मांग भी उठी कि मौलाना हसरत मोहानी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए और उन्नाव में किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल का नाम उनके नाम पर रखा जाए।
ये रहे प्रमुख मौजूद लोग
कार्यक्रम में अरविंद कुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार यादव, समाजसेविका गौसिया खान, डॉ. रामनरेश, दिनेश प्रियमन, हारून अहमद, मोहम्मद अहमद, समाजसेवी फजलुर्रहमान, रहमतुल्ला खान एडवोकेट, नियाज़ अहमद, अजमल एडवोकेट, सैयद सगीरुल हसन उर्फ मुन्ना भाई, सैयद अली इमाम जैदी, सभासद मेराज खान, आफाक खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना हसरत मोहानी वेलफेयर अकैडमी उन्नाव के कार्यकारी अध्यक्ष अतीक अहमद ने की, जबकि संचालन मास्टर अनवर अशहर ने किया। एकेडमी के प्रबंधक एवं मंत्री अबरार हुसैन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार जताया।
नववर्ष पर मिली सौगात : नगर पालिका ने सफाई मित्रों को बांटी शीतकालीन वर्दी
Thu, Jan 1, 2026
पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा, सफाई मित्र शहर की असली रीढ़
उन्नाव। नए साल की शुरुआत उन्नाव नगर पालिका परिषद ने सेवा, सम्मान और मानवीय सरोकार के संदेश के साथ की। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने नववर्ष के अवसर पर दो दर्जन से अधिक सफाई मित्रों को शीतकालीन वर्दी बांटी गई। इस पहल का उद्देश्य कड़ाके की ठंड में सफाई कर्मियों को राहत देना और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करना रहा। पार्क व्यू पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में सफाई कर्मियों को गर्म जैकेट, स्वेटर सहित अन्य आवश्यक शीतकालीन सामग्री दी गई। ठंड के मौसम में यह वर्दी उनके लिए खास सहूलियत मानी जा रही है, क्योंकि सफाई मित्र सुबह तड़के से लेकर देर शाम तक शहर की सफाई में जुटे रहते हैं।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि सफाई मित्र किसी भी शहर की रीढ़ होते हैं। भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, वे बिना रुके अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे अहम है। ऐसे में उनका मनोबल बढ़ाना और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ उन्नाव का सपना तभी साकार हो सकता है, जब सफाई व्यवस्था सुदृढ़ हो और सफाई मित्रों को सम्मानजनक माहौल मिले। नगर पालिका भविष्य में भी सफाई कर्मियों के हित में निरंतर कदम उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने सफाई मित्रों से नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहकर शहर को साफ और स्वस्थ बनाए रखने की अपील की।
शीतकालीन वर्दी पाकर सफाई कर्मियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। कर्मियों ने बताया कि ठंड के दिनों में, खासकर सुबह के समय काम करना काफी कठिन होता है। गर्म वर्दी मिलने से अब काम करना आसान होगा और स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने इस पहल के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमित सफाई, कूड़ा उठान और स्वच्छता जागरूकता अभियानों पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर जॉनसन मूकबधिर विद्यालय के बच्चों और विद्यालय स्टाफ ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। बच्चों की उपस्थिति से कार्यक्रम का माहौल भावुक और प्रेरणादायक बन गया। इस अवसर पर नि. भाजुमो जिलाध्यक्ष एवं पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा भानू, अधिशासी अधिकारी संजय कुमार गौतम सहित कई सभासद मौजूद रहे। प्रमुख रूप से सभासद दीपक दीक्षित, मेराजुद्दीन अहमद, फहाद अहमद, राकेश साहू सहित अन्य नगर पालिका कर्मियों ने भाग लिया।