वारंटियों पर शिकंजा : कोतवाली सदर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Mon, Dec 15, 2025
एसपी के निर्देश पर चली मुहिम, चार फरार अभियुक्त गिरफ्तार, कोर्ट में पेश
उन्नाव। जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कोतवाली सदर पुलिस ने अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने न्यायालय से जारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों में रामसजीवन और प्रदीप निवासी नुरूद्दीन नगर शामिल हैं, जबकि पवन शर्मा और श्यामलाल शेषपुर नरी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। चारों अभियुक्त अलग अलग मामलों में वांछित थे और लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कोतवाली सदर के प्रभारी निरीक्षक चन्द्र कान्त मिश्र ने किया। उनके साथ किला चौकी प्रभारी उग्रसेन सिंह, उप निरीक्षक करूणा शंकर श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबल रामदेव प्रजापति तथा आरक्षी अमित चौधरी शामिल रहे।
पुलिस टीम ने पहले अभियुक्तों की गतिविधियों पर नजर रखी, इसके बाद सटीक सूचना के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। सुनियोजित कार्रवाई के दौरान सभी अभियुक्तों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में शहर कोतवाल चन्द्र कान्त मिश्र ने बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। फरार अभियुक्तों के खिलाफ लगातार दबिश दी जा रही है। आगे भी ऐसे सभी लोगों पर कार्रवाई जारी रहेगी जो कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की प्राथमिकता अपराध नियंत्रण के साथ साथ न्यायालयीय आदेशों का सख्ती से पालन कराना है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर चारों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने भी स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। इस कार्रवाई से शहर में पुलिस की सक्रियता का संदेश गया है और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है।
विकास को मिली रफ्तार : दो वार्डों में नई सड़कें और नालियां जनता को समर्पित
Mon, Dec 15, 2025
वार्ड 30 और वार्ड 08 में सड़क व नाली निर्माण से बढ़ी सुविधा
उन्नाव। नगर पालिका परिषद् क्षेत्र में सोमवार को विकास कार्यों की एक और कड़ी जुड़ गई। नगर पालिका परिषद् की अध्यक्षा श्वेता भानू मिश्रा ने वार्ड संख्या 30 गदियाना और वार्ड संख्या 08 बाबूगंज में नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़कों और नाली निर्माण कार्यों का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर दोनों वार्डों के स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
वार्ड नम्बर 30 नगरपालिका कार्यालय से शीशमहल गेस्ट हाउस की ओर जाने वाले एकल मार्ग में लंबे समय से सड़क की खराब हालत लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव से आवागमन लगभग ठप हो जाता था। नई इंटरलॉकिंग सड़क बनने से अब मोहल्ले के लोगों को राहत मिली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवाजाही आसान होगी, बल्कि मोहल्ले की तस्वीर भी बदलेगी।
वहीं वार्ड संख्या 08 बाबूगंज में एकांतेश्वर महादेव मंदिर तक बनाई गई सड़क का विशेष महत्व है। यह मार्ग श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी बेहद जरूरी था। सड़क के साथ नाली निर्माण होने से जल निकासी की समस्या दूर होगी और बरसात में होने वाला जलभराव अब अतीत की बात बन सकेगा। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि नगर के हर वार्ड में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, साफ-सफाई और जल निकासी जैसे कार्य सीधे आम आदमी के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में नगर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के विकास कार्य कराए जाएंगे।
नगर पालिका परिषद् की अध्यक्षा श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि नगर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क और नाली जैसे विकास कार्य आम नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरत से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि गदियाना और बाबूगंज में कराए गए कार्यों से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी। नगर को साफ, सुव्यवस्थित और रहने योग्य बनाना नगर पालिका का लक्ष्य है और आने वाले समय में अन्य वार्डों में भी इसी क्रम में विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और रखरखाव में नगर पालिका का सहयोग करें, ताकि विकास का लाभ लंबे समय तक सभी को मिलता रहे।
इस मौके पर गदियाना के सभासद मेराजुद्दीन, बाबूगंज के सभासद रवि कुमार, अमित सिंह चौहान, सहित रानू, वसीम, मुन्ना, इकबाल, नियाज़, शैलेन्द्र, विकास गुप्ता समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने नगर पालिका के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि शहर में विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी।
आशा कार्यकर्ताओं का फिर फूटा गुस्सा : सीएमओ कार्यालय पर दिया धरना
Mon, Dec 15, 2025
पुराने आश्वासनों पर अमल न होने से बढ़ी नाराजगी, भुगतान और दर्जे की उठी मांग
उन्नाव। जनपद में आशा और आशा संगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया। गुरुवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचीं और धरना देकर शासन व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से मानदेय, प्रोत्साहन राशि और विभिन्न अभियानों के भुगतान में हो रही देरी ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। धरने के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लगातार विभागीय जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। कई महीनों का बकाया मानदेय, राज्य वित्त प्रतिपूर्ति राशि और स्वास्थ्य अभियानों से जुड़ा भुगतान अब तक लंबित है। इससे घर चलाना मुश्किल हो गया है और कई कार्यकर्ताओं को कर्ज तक लेना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने याद दिलाया कि 6 अक्टूबर 2025 को शासन स्तर पर दिए गए ज्ञापन के बाद उनकी मांगों पर सहमति बनी थी। उस समय मुख्यमंत्री स्तर से लंबित भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को स्वास्थ्य मंत्री स्तर पर हुई बैठक में भी 1 नवंबर 2025 से समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन मिला था। लेकिन इन वादों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आशा कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष है।
धरना दे रहीं कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सिर्फ भुगतान ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की कि आशा और आशा संगिनियों को ‘मानद स्वयंसेवक’ की जगह सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही 45 वर्ष से अधिक उम्र की आशा कार्यकर्ताओं के लिए सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बुढ़ापे में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। अन्य मांगों में स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और कार्य के दौरान दुर्घटना बीमा की सुविधा शामिल है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि फील्ड में काम करते समय उन्हें कई तरह के जोखिम उठाने पड़ते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसके साथ ही नियमित प्रशिक्षण और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।
मानदेय को लेकर भी आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट मांग रखी। उनका कहना है कि मौजूदा मानदेय महंगाई के दौर में बेहद कम है। इसलिए आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 21 हजार रुपये और आशा संगिनियों को 28 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके अलावा चुनाव, सर्वेक्षण और अन्य सरकारी अभियानों में लगाए जाने पर अलग से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। धरने के अंत में आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने शासन से अपील की कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द कार्रवाई कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।