सिंचाई विभाग का दावा : आठ दिनों में 622 किमी सफाई लेकिन जमीन पर काम अधूरा
Thu, Dec 4, 2025
अंदरूनी इलाकों में सफाई नाममात्र, अंतिम छोर तक पानी पहुंचने पर संकट
उन्नाव। रबी के सीजन में सिंचाई सबसे अहम जरूरत है, लेकिन नहरों की सफाई को लेकर किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभाग ने दावा किया है कि आठ दिनों में 622 किलोमीटर लंबाई की नहरें, रजबहे और माइनर साफ कर दिए गए हैं और 15 दिसंबर तक कुल 894 किलोमीटर सफाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग सिर्फ आंकड़े बढ़ा रहा है, काम की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। कई क्षेत्रों में नहरों की सफाई का हाल इतना खराब है कि किसानों ने सीधे तौर पर विभाग को सवालों में खड़ा कर दिया है। उनकी शिकायत है कि जहां नहरें मुख्य सड़कों के पास से गुजरती हैं, वहां थोड़ी बहुत सफाई दिखती है, लेकिन अंदरूनी गांवों तक जाते-जाते काम सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जाता है। कई जगह सिर्फ ऊपरी घास खुरचकर किनारे डाल दी गई है। जेसीबी से एक–दो सेंटीमीटर मिट्टी हटाकर दिखावा किया गया, जबकि आठ इंच खुदाई का टेंडर जारी हुआ था।
हसनगंज में किसानों की चेतावनी
आसीवन ब्रांच से निकला न्योतनी रजबहा लगभग 19 किलोमीटर लंबा है। यहां सफाई के नाम पर घास छीलकर बीच में फेंक दी गई। लखौरा, आदमपुर बरेठी, न्योतनी, चंदौली बुजुर्ग, दयालपुर, धोपा, उधवाखेड़ा, गरवरखेड़ा, फिरोजपुर, असुरनखेड़ा, रामपुर अखौली, रायखेड़ा, धीरखेड़ा और कुरौली के किसानों ने बताया कि सिल्ट निकालने का काम हुआ ही नहीं। चंद्रशेखर द्विवेदी, संजीवन, रामजीवन, अर्जुन, संदीप, ओमप्रकाश, शिव नारायण द्विवेदी, सोनू और सतीश ने कहा कि मानक की धज्जियां उड़ाकर काम जल्दबाजी में निपटाया गया।
मौरावां में भी वही कहानी
हिलौली ब्लॉक से निकला मौरावां रजबहा भी इसी हालत में है। यहां सिर्फ खरपतवार हटाकर सफाई का दावा कर दिया गया। सिल्ट जस की तस है और नहर की गहराई बढ़ाने का काम नहीं हुआ। हिलौली माइनर की सफाई तो अभी शुरू भी नहीं हुई है।शारदा नहर से निकला औरास रजबहा गेरूआ, नंदौली, हाजीपुर गोसा होते हुए रायपुर राई तक जाता है। यह नहर कई गांवों की हजारों बीघे जमीन की जीवनरेखा है। गांवों के किसानों सुरेंद्र सिंह, केशव, रामचंद्र, राजकिशोर और राजेंद्र का कहना है कि पूरी गहराई तक सिल्ट नहीं निकाली जा रही है। इससे पानी बहाव छोड़कर खेतों की तरफ कटान कर सकता है। गेहूं का सीजन शुरू है और अगर पानी खेतों में भर गया तो फसल का बड़ा नुकसान होगा। किसानों ने साफ कहा है कि सिंचाई विभाग सिर्फ कागजों में सफाई दिखा रहा है। असल काम अधूरा है और रजबहों की यह हालत आगे चलकर सिंचाई संकट खड़ा कर सकती है। उनका कहना है कि विभाग जिम्मेदारी से काम करे और नहरों की सफाई मानक के अनुसार पूरी कराए, नहीं तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
नए गंगा पुल का निरीक्षण : शुक्लागंज-कानपुर पुल निर्माण का पहला चरण शुरू
Wed, Dec 3, 2025
अधिकारियों ने दोनों छोरों का किया सर्वे, मजदूर इस सप्ताह से साइट पर पहुंचेंगे
उन्नाव। शुक्लागंज से कानपुर को जोड़ने वाले नए गंगा पुल के निर्माण की दिशा में बुधवार का दिन अहम रहा। पीडब्ल्यूडी और राज्य सेतु निगम की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ कहा कि अब परियोजना की जमीन से जुड़ी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और जल्द ही पुल का वास्तविक निर्माण शुरू होगा।
निरीक्षण टीम में पीडब्ल्यूडी के एई अनिरुद्ध गुप्ता, जेई जितेंद्र, जेई अखिल गंगवार और राज्य सेतु निगम के जेई कुंदन मौजूद रहे। टीम ने पुल के दोनों छोरों तक जाकर जमीन की स्थिति, आवागमन, तकनीकी बिंदुओं और बाधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक पुल की जद में कुल चालीस मकान आ रहे हैं। इनके स्वामियों को मुआवजा देने के लिए सर्वे और मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बुधवार को शुरुआती चरण में दो मकानों का सर्वे कर उनकी कीमत निर्धारित की गई।अधिकारियों ने बताया कि बाकी घरों का मूल्यांकन भी जल्दी पूरा किया जाएगा। मूल्यांकन तय होते ही अतिक्रमण हटाने का कार्य भी शुरू होगा ताकि निर्माण में देरी न हो। बिजली विभाग को लाइन शिफ्टिंग का काम सौंपा गया है, जिसकी तैयारी चल रही है। विभाग की कोशिश है कि आवश्यक बदलाव समय से कर दिए जाएं ताकि निर्माण कार्य बिना रुकावट आगे बढ़ सके।स्थानीय स्तर पर जानकारी देते हुए देवेंद्र चौहान ने बताया कि निर्माण में लगने वाले मजदूर इसी सप्ताह पहुंचने लगेंगे। वे कार्यस्थल के पास ही अस्थायी शिविर बनाकर तैनात होंगे। योजना है कि पुल का निर्माण एक साथ दोनों दिशाओं से शुरू किया जाए, जिससे काम की गति बढ़े और निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि पुल का नक्शा अंतिम स्वीकृति मिलते ही मशीनें साइट पर उतरेंगी और निर्माण की शुरुआत कर दी जाएगी। नया पुल तैयार होने पर शुक्लागंज और कानपुर के बीच आवागमन का बोझ काफी कम होगा और लोगों को तेज व सुगम मार्ग मिलेगा।
‘उत्सव नहीं, अधिकार चाहिए' : कांग्रेस ने उठाई दिव्यांगों की आवाज
Wed, Dec 3, 2025
जिला और शहर संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल, दिव्यांग हितों पर एकजुटता
उन्नाव। विश्व दिव्यांग दिवस पर कांग्रेस दिव्यांग प्रकोष्ठ और दिव्यांग महागठबंधन ने सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में एक अलग तरह का कार्यक्रम किया। कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति असंतोष जताया और दिव्यांग जनों के हितों को लेकर हवन किया। उनका कहना था कि सरकार बड़े आयोजनों पर खर्च तो करती है, लेकिन असली जरूरतों पर ध्यान नहीं देती। हवन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने दिव्यांगों की परेशानियों और अधिकारों को लेकर तैयार 13 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा, रोजगार, पेंशन, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं।प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि हर साल विश्व दिव्यांग दिवस के नाम पर सरकारी कार्यक्रम होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि जब तक दिव्यांग व्यक्ति को स्कूल, अस्पताल, सरकारी दफ्तर और परिवहन जैसी बुनियादी जगहों पर बिना परेशानी पहुंचने की सुविधा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे आयोजनों का कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक, यह उत्सव नहीं बल्कि पीड़ा का मजाक लगता है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शाश्वत बाजपेई, शहर अध्यक्ष फैज फारूकी, नसीम खान, बंसीलाल, अखिल गुप्ता, मयंक बाजपेई, मिसम रज़ा, संजय सिंह, सुरेंद्र कुमार, वसीम और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि दिव्यांगजन सम्मान, सुरक्षा और बराबरी के हकदार हैं और सरकार को उनकी वास्तविक जरूरतों पर तात्कालिक कदम उठाने चाहिए।