उन्नाव में धर्मांतरण विवाद बढ़ा : ईसाई बने युवक पर आरक्षण दुरुपयोग का आरोप
Wed, Dec 3, 2025
हिंदू नेता विमल द्विवेदी ने कहा: संविधान के साथ छल को नहीं किया जा सकता अनदेखा
उन्नाव। नर सेवा नारायण सेवा समिति के संस्थापक और हिंदू समाज से जुड़े नेता विमल द्विवेदी ने बुधवार को जिला अधिकारी उन्नाव को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर राहुल गौतम उर्फ जस्टिन एडवर्ड पैटर्सन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन के अनुसार राहुल गौतम, पुत्र स्वर्गीय चुन्नी लाल, निवासी 355 पूरन नगर, थाना कोतवाली सदर, कई वर्ष पहले परिवार सहित ईसाई धर्म अपनाकर अपना नाम बदलकर जस्टिन एडवर्ड पैटर्सन कर चुका है। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि जस्टिन सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक आइडी (Justin Rahul) के जरिए लगातार सनातन धर्म और भाजपा विरोधी पोस्ट करता है। इसके साथ ही उस पर आरोप है कि वह ईसाई मिशनरियों द्वारा चलाए जाने वाले धर्मांतरण अभियानों का प्रचार करता है और हिंदू समुदाय के लोगों को लालच देकर धर्म बदलवाने की कोशिश करता रहता है।
हाईकोर्ट के फैसले का हवाला
विमल द्विवेदी ने इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के हाल के निर्णय का स्वागत किया, जिसमें कहा गया है कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी अनुसूचित जाति का लाभ लेना संविधान के साथ छल है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस स्पष्ट निर्देश के बाद जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों के आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि धर्मांतरण के बाद जस्टिन पैटर्सन सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक आइडी (Justin Rahul) के माध्यम से सनातन धर्म और भाजपा के खिलाफ पोस्ट करता है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि वह ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों का प्रचार करता है और लोगों को प्रलोभन देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित करता रहता है।
धर्म बदलने के बाद भी आरक्षण लाभ लेने की शिकायत
विमल द्विवेदी ने कहा कि जस्टिन पैटर्सन धर्म बदलने के बावजूद खुद को अनुसूचित जाति वर्ग का बताकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा है, जबकि हाईकोर्ट का निर्णय स्पष्ट है कि धर्मांतरण के बाद आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।
फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि जस्टिन पैटर्सन ने 9 जनवरी 2025 को सदर कोतवाली में विमल द्विवेदी के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई, जबकि वह अब इस श्रेणी के पात्र नहीं हैं। आरोप लगाया गया कि वह प्रतिष्ठित लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है।
कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग
समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि धर्मांतरण के बाद भी आरक्षण का लाभ उठाने, सोशल मीडिया पर समुदाय विशेष के खिलाफ गतिविधियां चलाने और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोपों की जांच कराई जाए और उचित पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
जिलाधिकारी कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दही पुलिस की ईमानदारी ने जीता भरोसा : घायल युवक के 3.56 लाख रुपये लौटाए
Wed, Dec 3, 2025
समय पर कार्रवाई और ईमानदार रवैये से पुलिस ने जीता आम लोगों का भरोसा
उन्नाव। दही थाना पुलिस ने अपनी ईमानदारी और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। 29 नवंबर को दरोगाखेड़ा गांव में हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए राजकीय कृषि गोदाम प्रभारी प्रशांत कुमार पटेल की मोटरसाइकिल से पुलिस को काले रंग का बैग मिला था। बैग खोलकर देखा गया तो उसमें 3 लाख 56 हजार 610 रुपये थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी पुलिस ने बिना देर किए इसे थाने में सुरक्षित अभिरक्षा में रखा और मंगलवार को पूरी पारदर्शिता के साथ अधिकारी और परिजनों को सौंप दिया। इस कदम ने न सिर्फ घायल परिवार को राहत दी, बल्कि पुलिस की सच्चाई और संवेदनशीलता की एक मजबूत तस्वीर भी सामने रख दी।
कैसे हुआ था हादसा
केदारीपुर, थाना मितौली जनपद खीरी के रहने वाले प्रशांत कुमार पटेल अपनी मोटरसाइकिल से किसी कार्य से जा रहे थे। दरोगाखेड़ा के पास उनका वाहन फिसल गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी तो दही थाना प्रभारी निरीक्षक टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल प्रशांत को जिला अस्पताल भेजा गया।
मोटरसाइकिल पर मिला काला बैग
जांच के दौरान पुलिस को प्रशांत की बाइक से एक काला बैग मिला। बैग खोला गया तो उसमें गिनती कर कुल 3,56,610 रुपये पाए गए। रकम काफी ज्यादा थी, इसलिए टीम ने इसे थाने के अभिलेख में सुरक्षित अभिरक्षा में रख दिया।
थाने पहुंचे अधिकारी और परिजन
मंगलवार को राजकीय कृषि बीज भंडार बिछिया, उन्नाव के गोदाम प्रभारी सचिन पाल और प्रशांत के छोटे भाई योगेश कुमार दही थाने पहुंचे। पहचान और जरूरी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने मौके पर मिली पूरी रकम पारदर्शिता के साथ सुपुर्द कर दी।
परिवार ने जताया आभार
राशि मिलने के बाद प्रशांत के भाई और अधिकारी ने दही थाना प्रभारी और उनकी टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की ईमानदारी और त्वरित कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
थाना दही की कार्रवाई को लोगों ने सराहा
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की तारीफ की। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत करती हैं। दही पुलिस ने जिस सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ पूरा मामला संभाला, वह विभाग की पारदर्शिता और संवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण है।
बाहरी लोगों की जांच : पुलिस ने चलाया विशेष सत्यापन अभियान
Tue, Dec 2, 2025
मकान मालिकों को चेतावनी: बिना कागज किसी को कमरा न दें
उन्नाव। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पुलिस ने हाल के दिनों में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में बढ़ती आवाजाही और बाहरी लोगों की लगातार आमद को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब किसी भी जोखिम को मौका नहीं देना चाहता। इसी वजह से पूरे जिले में सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें शहर की भीड़भाड़ वाली बस्तियों से लेकर गांवों के शांत इलाकों तक पुलिस टीमें लगातार पहुंच रही हैं। सड़क किनारे बसी झुग्गी झोपड़ियों, किराए के कमरों, मजदूर कॉलोनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले बाहरी श्रमिकों की पहचान की ध्यानपूर्वक जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना आवश्यक दस्तावेज और सही जानकारी के जिले में न रहे। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने के लिए पुलिस ने खुफिया इकाई को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि जिले की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
शहर और गांव दोनों जगह पुलिस की सघन चेकिंग
मंगलवार को सदर कोतवाली, बिहार थाना क्षेत्र, माखी और दही इलाकों में पुलिस और खुफिया टीमों ने संयुक्त रूप से छापा-जैसी कार्रवाई की। झुग्गी बस्तियों, किराए के मकानों, फैक्ट्रियों और मजदूर कॉलोनियों में पुलिस अचानक पहुंची और लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, किरायानामा और अन्य कागजात चेक किए। कई लोगों से उनके वर्तमान पते, काम की जगह और यहां आने के कारण से जुड़ी जानकारी भी ली गई।
बाहरी मजदूरों से लेकर किरायेदारों पर कड़ी नजर
औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे बाहरी श्रमिकों का सत्यापन सबसे ज्यादा प्राथमिकता पर है। फैक्ट्रियों में नौकरी कर रहे मजदूरों से दस्तावेज मांगे गए और उनके रहने के ठिकानों की भी जांच की गई। मकान मालिकों को साफ चेतावनी दी गई है कि किसी को भी बिना पहचान सत्यापन के कमरा न दिया जाए। पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों में मकान मालिकों पर भी कार्रवाई तय है।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील बस्तियों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि यदि कोई अवैध बांग्लादेशी नागरिक जिले में छिपकर रह रहा हो तो उसे चिन्हित किया जा सके। इसके लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध मिले, उनके बारे में अतिरिक्त जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध दिखे तो तुरंत सूचना दें -एएसपी
अभियान की जानकारी साझा करते हुए एएसपी अखिलेश सिंह ने कहा कि जिले में सुरक्षा को मजबूत बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या कोई गलत हरकत नजर आए तो तुरंत पुलिस को खबर दें। पुलिस का कहना है कि जनता और प्रशासन मिलकर ही जिले को सुरक्षित रख सकते हैं।
अभियान आगे भी इसी कड़ाई से जारी रहेगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। अगले कुछ दिनों तक जिले के अलग-अलग इलाकों में इसी तरह का सत्यापन चलता रहेगा। खासकर वह जगहें जहां बाहरी मजदूरों की आवाजाही रहती है, उन्हें सूचीबद्ध कर लिया गया है।