सपने के बाद खुदाई : डेढ़ फीट नीचे मिली खाटू श्याम की छोटी मूर्ति
Thu, Jan 15, 2026
पीपल के पास मूर्ति मिलने की खबर से उमड़ी भीड़
उन्नाव जिले के हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के बिचपरी गांव में बुधवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब एक पीपल के पेड़ के पास खुदाई के दौरान खाटू श्याम की छोटी मूर्ति निकलने की बात सामने आई। देखते ही देखते यह खबर गांव से आसपास के इलाकों में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।बताया जा रहा है कि बिचपरी गांव निवासी मनोहर लाल का बेटा अमरपाल (25) इटावा में रहकर बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। अमरपाल के अनुसार करीब 15 दिन पहले उसने सपने में देखा कि उसके घर के बाहर स्थित पीपल के पेड़ के पास खाटू श्याम की मूर्ति दबी हुई है। सात जनवरी को जब वह गांव पहुंचा तो उसने यह बात अपने परिजनों को बताई। बुधवार सुबह परिजनों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में पीपल के पेड़ के पास खुदाई शुरू कराई। करीब डेढ़ फीट नीचे पहुंचते ही पीली धातु से बनी खाटू श्याम की छोटी मूर्ति मिलने का दावा किया जा रहा है। मूर्ति निकलते ही लोगों में आस्था का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मौके पर पूजा-अर्चना शुरू कर दी और कुछ लोगों ने इसे चमत्कार से जोड़कर देखा। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस स्थान पर चबूतरा बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि यहां नियमित रूप से पूजा की जा सके। वहीं तहसील प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है। एसडीएम प्रज्ञा पांडे ने बताया कि उन्हें भी सूचना मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल गांव में आस्था और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है।
साइबर ठगी का मामला : सदर कोतवाली पुलिस ने कराई रकम वापसी
Thu, Jan 15, 2026
ट्रेडिंग एडवाइजर बनकर ठगों ने 21 हजार रुपये की थी धोखाधड़ी
उन्नाव। साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। सदर कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक के खाते में 17,500 रुपये वापस कराए हैं। बाकि की रिकवरी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के तालिब सरायं निवासी अशर काविश पुत्र साजिद अली से जुड़ा है। पीड़ित को कुछ लोगों ने खुद को ट्रेडिंग एडवाइजर बताकर बेहतर मुनाफे का झांसा दिया। उनकी बातों में आकर युवक ने फोन-पे के माध्यम से अलग अलग किस्तों में कुल 21 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने 25 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही कोतवाली सदर पुलिस की साइबर टीम सक्रिय हुई। बैंक और डिजिटल भुगतान से जुड़े माध्यमों से संपर्क कर तकनीकी जांच शुरू की गई। कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि 15 जनवरी 2026 को पीड़ित के खाते में 17,500 रुपये की राशि रिफंड कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष रकम को भी वापस कराने के लिए संबंधित खातों और ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, अपराध निरीक्षक राजेश यादव और महिला आरक्षी सोनिया शर्मा की अहम भूमिका रही। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या निवेश के लालच में न आएं। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।
सिर्फ तलाश नहीं, जिम्मेदारी भी : गुमशुदा बच्चों को ढूंढने वाली टीम को एसएसपी ने किया सम्मान
Thu, Jan 15, 2026
मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से बच्चों को मिला पढ़ाई का सहारा
उन्नाव। गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी की खबर बीते दिन सामने आने के बाद गुरुवार को उसी मामले में अहम भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम को सम्मानित किया गया। ऑपरेशन मुस्कान के तहत महज 16 घंटे में दो बच्चियों और एक बच्चे को सुरक्षित खोज निकालने के बाद पुलिस ने न सिर्फ अपनी मुस्तैदी दिखाई, बल्कि मानवीय संवेदना का भी उदाहरण पेश किया। पुलिस के अनुसार 13 जनवरी को थाना अजगैन क्षेत्र से दो बच्चियां और एक बच्चा अचानक लापता हो गए थे। परिजनों की सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और अलग-अलग स्थानों पर तलाश शुरू की गई। लगातार प्रयासों के बाद 14 जनवरी को तीनों बच्चे थाना गंगाघाट क्षेत्र के मिश्रा घाट पर बालू में खेलते हुए सकुशल मिल गए। बच्चों के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली और इलाके में भी संतोष का माहौल रहा।
इस सराहनीय कार्य के लिए गुरुवार को थाना अजगैन परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने बच्चों की बरामदगी में जुटी पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद और सहायक पुलिस अधीक्षक संचित शर्मा भी मौजूद रहे। सम्मानित टीम में क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया, प्रभारी निरीक्षक अजगैन सुरेश कुमार सिंह और उप निरिक्षक मुकुल दुबे के अलावा हेड कांस्टेबल अमित यादव, कांस्टेबल योगेश दहिया, शुभम कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह, अनूप, रंजीत, सूरज पाल, आर जेंदल और राखी यादव शामिल रहे। सम्मान के साथ-साथ पुलिस ने बच्चों के भविष्य को लेकर भी संवेदनशील पहल की। मिशन शक्ति केंद्र अजगैन में दोनों बच्चियों और बच्चे को स्कूल बैग, पेंसिल बॉक्स, ड्राइंग किट, स्वेटर, टोपी, मोजे, पानी की बोतल और जूते दिए गए, ताकि वे बिना किसी दिक्कत के पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा एक बच्ची जो अब तक स्कूल नहीं जाती थी, उसके स्कूल में दाखिले के लिए सीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीओ अरविंद कुमार का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित ढूंढ लाना ही नहीं, बल्कि उन्हें पढ़ाई और बेहतर जीवन की राह पर आगे बढ़ाना भी जरूरी है। पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश गया है कि ऑपरेशन मुस्कान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।