: लाइसेंस से पहले होगी स्वास्थ्य जांच, फर्जी फॉर्म वालों पर शिकंजा
Mon, Oct 6, 2025
आवेदकों की आंखों, सुनने की क्षमता और शारीरिक फिटनेस की होगी जांच
सैय्यद
फैज़ान
शीबू
रहमान
उन्नाव। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अब और सख्त हो गई है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) उन्नाव ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लर्निंग और स्थायी दोनों तरह के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल जांच को अनिवार्य कर दिया है। यह जानकारी सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO श्वेता वर्मा) और जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ सचान ने दी।
हर आवेदक को कराना होगा मेडिकल चेकअप
आरटीओ की नई गाइडलाइन के तहत अब लाइसेंस आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना होगा। यह जांच जिला अस्पताल में अधिकृत चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। सफल जांच के बाद डॉक्टर आवेदक को ‘फॉर्म-1ए’ जारी करेंगे, जिसके बिना ड्राइविंग टेस्ट या लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
ARTO श्वेता वर्मा ने बताया,
फॉर्म-1ए यह प्रमाणित करता है कि व्यक्ति वाहन चलाने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है। हमारा उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि केवल शारीरिक रूप से योग्य लोग ही वाहन चलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि बिना मेडिकल रिपोर्ट के अब कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डॉक्टर बोले — ‘यह केवल औपचारिकता नहीं, सुरक्षा की गारंटी’
डॉ. सौरभ सचान ने बताया कि यह मेडिकल जांच महज एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि चालक की और सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि चालक यातायात संकेतों और ध्वनियों को सही ढंग से समझ सके और किसी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दे सके। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में आवेदक की आंखों की रोशनी, रंगों की पहचान (कलर ब्लाइंडनेस), सुनने की क्षमता और हाथ-पैरों की कार्यप्रणाली की जांच की जाती है। सभी पैरामीटर सही पाए जाने के बाद डॉक्टर द्वारा ‘फॉर्म-1ए’ भरकर दिया जाता है।
ऑनलाइन फर्जी फॉर्म पर होगी कार्रवाई
ARTO श्वेता वर्मा ने ऑनलाइन फर्जीवाड़े पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ वेबसाइटें बिना किसी जांच के फॉर्म-1ए जारी कर रही हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि ऐसी वेबसाइटों पर भरोसा न करें। विभाग ऐसी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
: त्योहारों से पहले मंत्री धर्मपाल सिंह ने की समीक्षा बैठक
Sun, Oct 5, 2025
मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति और सुरक्षा इंतज़ामों पर चर्चा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह मंगलवार को उन्नाव पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ कोर कमेटी की बैठक की। बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर व्यवस्थाओं और विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग पहले से तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने यातायात जाम की समस्या, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, सड़क मरम्मत, अपराध नियंत्रण और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं की समीक्षा की।
मिशन शक्ति 5.0 पर विशेष जोर
पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज 5.0 की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसमें एंटी रोमियो अभियान, सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करना, मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना, महिला अपराधों से जुड़े हॉट स्पॉट का चिन्हांकन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी जैसे बिंदु प्रमुख रहे। मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मिशन शक्ति से जुड़ी सभी गतिविधियां प्रभावी ढंग से चलें और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो।
किसानों, बिजली और स्वास्थ्य पर निर्देश
मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों के लिए खाद और उन्नत बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि दीपावली के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे, इसके लिए विभाग अभी से तैयारियां पूरी करे। उन्होंने सीएमओ की अध्यक्षता में टीम बनाकर दवाओं की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे”
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता रखने और निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे करने पर जोर दिया।
डीएम ने दिया पालन का आश्वासन
बैठक के अंत में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
बैठक में सदर विधायक पंकज गुप्ता, मोहान विधायक बृजेश रावत, पुरवा विधायक अनिल सिंह, भगवंत नगर विधायक आशुतोष शुक्ला, एमएलसी अरुण पाठक, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार, पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह, और मुख्य विकास अधिकारी कृति राज सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
: उन्नाव को मिला नया जिला जज, अनिल कुमार वर्मा संभालेंगे जिम्मा
Sat, Oct 4, 2025
हाईकोर्ट
के
आदेश
पर
नियुक्ति
,
वाणी
रंजन
अग्रवाल
को
मिली
लखनऊ
हाईकोर्ट
की
जिम्मेदारी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर उन्नाव को नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिल गया है। जौनपुर में कार्यरत जिला जज अनिल कुमार वर्मा को उन्नाव का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वे एक-दो दिन में पदभार ग्रहण करेंगे।इससे पहले, उन्नाव की जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल को पदोन्नति देकर लखनऊ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके कार्यकाल में जिला न्यायालय उन्नाव में कई अहम सुधार लागू हुए, जिनमें न्यायिक प्रक्रिया का डिजिटलीकरण और महिला एवं बाल मामलों के त्वरित निस्तारण की पहल प्रमुख रही।
लंबा अनुभव और सख्त न्यायप्रिय छवि
अनिल कुमार वर्मा न्यायिक सेवा में लंबे समय से कार्यरत हैं। उन्होंने प्रदेश के कई जनपदों में बतौर न्यायाधीश अपनी सेवाएं दी हैं और निष्पक्षता, ईमानदारी और निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। न्यायिक जगत में उनकी छवि एक सख्त लेकिन संवेदनशील जज के रूप में मानी जाती है। अपने पिछले कार्यकालों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की त्वरित सुनवाई कर न्याय दिलाया, जिसके लिए उन्हें हाईकोर्ट से भी प्रशंसा मिल चुकी है।
बार एसोसिएशन ने किया स्वागत
उन्नाव बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अनिल कुमार वर्मा की नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नए जिला जज के आने से न्याय व्यवस्था में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आएगी। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की दिशा में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे।
पूर्व जिला जज की पदोन्नति से खुशी का माहौल
पूर्व जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल के हाईकोर्ट में पदोन्नति की खबर से न्यायिक सेवा से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके कार्यकाल में जिला न्यायालय की कार्यप्रणाली में अनुशासन और आधुनिकता दोनों का समावेश देखने को मिला।