: उन्नाव में एबीवीपी का प्रदर्शन, ओपी राजभर का पुतला फूंका
Thu, Sep 4, 2025
48 घंटे में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। श्रीरामस्वरूप विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
शांतिपूर्ण आंदोलन पर हमला का आरोप
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस और बाहरी तत्वों ने मिलकर हमला किया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन पर बिना मान्यता के पाठ्यक्रम चलाने और छह बीघा सरकारी भूमि पर कब्जे का भी आरोप लगाया गया।
परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से चार अहम मांगें रखीं –
लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
अवैध पाठ्यक्रम व मनमानी फीस वसूली की जांच
छात्रों को धमकाकर अनुचित गतिविधियों में शामिल करने वालों पर कार्रवाई
कब्जाई गई सरकारी भूमि को मुक्त कराना
आंदोलन की चेतावनी
एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि 48 घंटे में कार्रवाई न होने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। परिषद का कहना है कि यह संघर्ष छात्रहित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए है और सरकार से उम्मीद है कि वह मामले को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाएगी।
: पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधी घायलों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे
Wed, Sep 3, 2025
सैय्यद
फैज़ान
शीबू
रहमान
उन्नाव। रविवार देर रात बड़ा चौराहा ओवरब्रिज पर नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बाइक की टक्कर हो गई थी। हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि भाजपा नेता प्रवीण भानू मिश्रा अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल लिया। उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर घायलों को बेहतर इलाज दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
बता दें कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामपुर केवटा तालाब बस्ती निवासी शानू (25) पुत्र मुन्नू, ऋषि राठौर (18) पुत्र राजेश और राज गुप्ता (18) पुत्र बबलू रविवार रात करीब दस बजे बाइक से कचहरी पुल होते हुए घर जा रहे थे। उसी समय एक कार्यक्रम से लौट रहीं पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा की गाड़ी पुल के कर्व पर पहुँची और सामने से आई बाइक से टकरा गई थी। घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रवीण मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में दो युवक पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होकर घर लौट गए हैं। एक युवक की कलाई में हल्की समस्या पाई गई है, जिसका उपचार हड्डी विशेषज्ञ कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में वह भी पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आएगा। प्रवीण भानू मिश्रा ने इस कठिन समय में सहयोग और संवेदनशीलता दिखाने वाले क्षेत्रीयजन और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुआओं और शुभकामनाओं से ही घायल शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो इस घटना को आधार बनाकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सबका कर्तव्य है कि एक-दूसरे का साथ दें और मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दें।
: जीएनआरएफ फाउंडेशन की पहल, टीबी मरीजों को मिला पोषण का सहारा
Wed, Sep 3, 2025
जामा मस्जिद में हुआ कार्यक्रम, सिटी मजिस्ट्रेट व एसीएमओ रहे
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई में अब सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि पौष्टिक आहार भी एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो रहा है। इसी धारणा को साकार करते हुए जीएनआरएफ फाउंडेशन ने सोमवार को शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद परिसर में एक विशेष पोषण आहार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें दर्जनों क्षय रोग पीड़ित मरीजों को पोषण किटें वितरित की गईं।
इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट श्री राजीव राज एवं एसीएमओ ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर न सिर्फ इस पहल को सराहा, बल्कि मरीजों के बीच स्वयं जाकर उनका हौसला भी बढ़ाया।
इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट श्री राजीव राज ने कहा कुपोषण टीबी जैसी बीमारियों को न्योता देता है और मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। जीएनआरएफ फाउंडेशन द्वारा उठाया गया यह कदम निश्चित रूप से मरीजों के इलाज और जल्द स्वस्थ होने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल समाजसेवा के क्षेत्र में एक मिसाल है और अन्य संस्थाओं को भी इस तरह का सहयोग करने के लिए प्रेरित करेगी।
एसीएमओ ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में पोषण एक आधारशिला है। केवल दवा से ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भोजन से ही मरीज इस बीमारी को पूरी तरह हरा सकते हैं।
जीएनआरएफ फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि यह अभियान एक निरंतर प्रक्रिया है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ भोजन वितरित करना नहीं, बल्कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग को जागरूक करना और उनसे जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में पोषण किट पाकर राहत और खुशी से भरे मरीजों ने फाउंडेशन और प्रशासन का आभार जताया। इस अवसर पर सैय्यद वसीक अत्तारी, मौलाना असलम मदनी, डॉ. अजीजुद्दीन खान, उवैस खान सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।